Ajit Doval Biography in Hindi | अजीत डोभाल का जीवन परिचय

Ajit Doval Biography in Hindi – अजीत डोभाल का जीवन परिचय :

अजीत डोभाल वो नाम है जिन्होंने अपनी हिम्मत और जज्बे से जासूसी की दुनिया में मिसाले कायम की है। अजीत डोभाल जी IPS (Retired) , भारत देश के 5वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (National Security Advisor) है। वे 30 मई 2014 से इस पद पर है , और 3 जून 2019 में को इन्हे फिर इस पद के लिए नियुक्त किया गया है। और साथ ही उन्हें केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया। अजीत डोभाल ने अपने करियर में ज्यादा समय खुफ़िया विभाग में ही काम किया है। इनके किस्से तो ऐसे है की James Bond के किस्से फ़ीके पड़ जाये। तो चलिए जानते है जबर्दस्त व्यक्तित्व वाले अजीत डोभाल जी का जीवन परिचय और किस्से।

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार , जासूस अजीत डोभाल ( Ajit Doval Information in Short )-

जीवन परिचय :

Ajit Kumar Doval
5th National Security Advisor
विषय  जानकारी
नाम    अजीत डोभाल
पूरा नाम   अजीत कुमार डोभाल
जन्म  20 -जनवरी -1945
जन्म स्थान  पौड़ी ,गढ़वाल , उत्तराखंड , भारत
धर्म  हिन्दू
राष्ट्रीयता भारतीय
रहवास अजमेर , राजस्थान
शिक्षा प्रारंभिक शिक्षा : अजमेर मिलिट्री स्कूल
(अजमेर से ).
आगरा विश्वविद्यालय से : अर्थशास्त्र में

स्नातकोत्तर
( Masters Degree in Economics ,

1967 ).

अजीत डोभाल का जीवन परिचय :

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा :

अजीत डोभाल जी का जन्म 20 जनवरी 1945 को उत्तराखंड के पौड़ी ,गढ़वाल नामक स्थान पर हुआ था। उनके पिता Major G.N Doval भारतीय सेना में अधिकारी थे।

उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अजमेर के ,अजमेर मिलिट्री स्कूल से प्राप्त की। और उन्होंने 1967 में आगरा विश्वविद्यालय से , अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर ( Masters Degree in Economics ) डिग्री प्राप्त की। और उन्हें दिसंबर 2017 में आगरा विश्वविद्यालय ( Agra University ) और मई में कुमाऊं विश्वविद्यालय (Kumaun University ) से विज्ञान और साहित्य में .

रणनीतिक मामलो के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें मानद डॉक्टरेट ( Honorary Doctorate) उपाधि से सम्मानित किया गया।

IPS के रूप में करियर –

1 ) पुलिस करियर (Police Career ) : अजीत डोवाल ने 1968 में , केरल कैडर ( Kerala Cadre) में IPS शामिल हुए।

  • अजीत डोभाल जी मिजोरम और पंजाब में उग्रवाद – विरोधी आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल थे।
  • उसके बाद 1999 में , कंधार में IC – 841 यात्रियों के अपहरण मालमे में , उन तीन अधिकारियो में से एक थे जिन्होंने रिहाई के मुद्दे पर देश की ओर से बात की। और उन्हें 1971 से 1999 तक के सभी भारतीय एयरलाइन्स के 15 हाईजैक विमानों को समाप्त करने में शामिल होने का अनुभव है।
  • अजीत डोभाल जी को एक दशक से भी अधिक समय तक IB’s संचालन विंग (Wing) का नेतृत्व करने का अनुभव प्राप्त है. और इसके अलावा अजीत डोभाल जी मल्टी एजेंसी सेंटर (MAC) के संस्थापक , और साथ ही Joint Task Force on Intelligence ( JTFI ) अध्यक्ष भी थे।

2 ) खुफ़िया ,जासूस विभाग ( Intelligence Career ):

  • Mizo National Front (MNF ) विद्रोह के दौरान अजीत डोभाल ने लालडेंगा के सात कमांडरों में से छः पर जीत हासिल की थी। और इसके अलावा उन्होंने बर्मा में अरकान मे मिज़ो राष्ट्रीय सेना और चीनी क्षेत्र के भीतर लम्बे समय तक गुप्त काल बिताया।
  • और फिर अजीत डोभाल मिज़ोरम से सिक्किम गए , और जहाँ उन्होंने भारत के साथ राज्य विलय के दौरान भूमिका निभाई।
  • आतंकवाद निरोधी अभियानों में संक्षिप्त अवधि के लिए उन्हें भारत के तीसरे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ( National Security Advisor) M .K Narayanan के द्वारा प्रशिक्षित किया गया था।
  • इसके अलावा वे पंजाब के रोमानियाई राजनियक लिविउ राढू (Romanian Diplomat Liviu Radu ), वे 1988 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर ( Golden Temple ) के अंदर ऑपरेशन ब्लैक थंडर ( Black Thunder ) से पहले महत्वपूर्ण जानकारी एकत्रित करने गए थे। वे स्वर्ण मंदिर ( Golden Temple ) में रिक्शा चालक का भेष बनाकर जासूसी करते थे।
  • अजीत डोभाल जी अपने देश की सुरक्षा के लिए 7 साल तक मुसलमान बन कर पाकिस्तान के लाहौर में रहे थे। और फिर 1990 में वे कश्मीर गए और उग्रवादियों को भारत विद्रोही आतंकवादियों को निशाना बनाने के लिए राजी किया। और उन्होंने 1996 में जम्मू – कश्मीर में राज्य चुनाव का रास्ता तय किया।

सेवानिवृत्ति के बाद ( After Retirement 2005 – 2016 ) :

  • अजीत डोभाल जी जनवरी 2005 में निदेशक (Director) खुफ़िया ,जासूस विभाग ( Intelligence Bureau) से सेवानिवृत्त हुए। और दिसंबर 2009 में वे विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के संस्थापक एवं निदेशक बने।
  • एक सार्वजानिक निति थिंक टैंक (Think Tank ) विवेकानंद केंद्र द्वारा स्थापित की गयी।
  • अजीत डोभाल जी राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रवचन में सक्रिय रूप से शामिल रहे है।
  • अजित डोभाल जी ने प्रसिद्ध कई प्रमुख अखबारों और पत्रिकाओं के लिए संपादकीय अंश भी लिखे है।
  • इसके अलावा उन्होंने कई प्रसिद्ध सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों , भारत और विदेशो में सुरक्षा थिंक – टैंक में , भारत की सुरक्षा चुनौतियों और विदेश नीति के उद्देश्यों पर व्याख्यान दिया है।
  • 2009 और 2011 में उन्होंने ” Indian Black Money Abroad in Secret Banks and Tax Havens ” पर दो रिपोर्ट्स लिखी और BJP के इस अभियान में अपना योगदान दिया।
  • और अजीत डोभाल जी ने IISS , लंदन , कैपिटोल हिल , वाशिंगटन डीसी , ऑस्ट्रेलिया – इंडिया इंस्टिट्यूट , यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेलबर्न , नेशनल डिफेन्स कॉलेज , नई दिल्ली और लाल बहादुर शास्त्री नेशनल अकादमी ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेशन और मसूरी में उन्होंने रणनीतिक मुद्दों पर अतिथि व्याख्यान दिए है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सहलाकर के रूप में ( 2014 – अभी तक ) As National Security Advisor –

  • 30 मई 2014 को अजीत डोभाल जी को 5वें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ( National Security Advisor) के रूप में नियुक्त किया गया। और उनके अच्छे कामो को देखते हुए , उन्हें 3 जून 2019 में, BJP सरकार के अंतर्गत फिर इस पद के लिए नियुक्त किया गया है। और साथ ही उन्हें केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया।
  • Ajit Doval जी ने जून 2014 में , 46 भारतीय नर्सो को सुरक्षित भारत वापिस लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जो इराक में तिकरित (Tikrit) के एक अस्पताल में फसी हुई थी। ISIL द्वारा मोसुल पर कब्ज़ा करने के बाद , परिवार के सदस्यों ने इन नर्सो से सभी संपर्क खो दिए थे। इसके लिए वे खुद इराक गए और इस गुप्त मिशन पर काम किया और सभी नर्सो को सुरक्षित भारत वापिस लाये।
  • अजीत डोभाल जी ने सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग के साथ मिल के म्यंमार से बाहर चल रहे National Socialist Council of Nagaland के आतंकवादियों के खिलाफ योजना बनाई और इस अभियान में सेना के साथ मिल कर 50 आतंकवादियों को ढेर किया और इस अभियान को सफल बनाया।
  • अजीत डोभाल जी को पाकिस्तान के संबन्ध में भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में सैद्धांतिक बदलाव के लिए श्रेय दिया जाता है।
  • ‘ Defensive ‘ से ‘ Defensive Offensive ‘ के साथ – साथ Double Squeeze Strategy करना , यह अनुमान भी लगया जाता है सितम्बर 2016 में पाकिस्तान में भारतीय सर्जिकल स्ट्राइक उन्ही के दिमाग उपज थी। और इसी अभियान के तहत भारत को सफलता मिली।
  • अजीत डोभाल जी को अक्टूबर 2018 में , रणनीतिक नीति समूह (Strategic Policy Group) के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। जो राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद् में तीन स्तरीय संरचना का पहला स्तर है। और इसके निर्णय लेने वाले तंत्र के नाभिक का निर्माण करते है।
  • इस साल 14 फरवरी 2019 मे पुलवामा आतंकवादी हमले के जवाब में , पाकिस्तान द्वारा हिरासत में रखे गए विंग कमांडर अभिनन्दन वर्थमान की जवाबी करवाई में अजीत डोभाल जी की भूमिका बताई गयी है।

पुरस्कार और मान्यताएँ ( Awards and recognitions ) –

  • अजीत डोभाल जी मेधावी सेवा ( meritorious service ) के लिए पुलिस पदक प्राप्त करने वाले सबसे कम उम्र के पुलिस अधिकारी थे। उन्हें पुलिस सेवा के मात्र 6 साल बाद ही यह मेडल प्राप्त हो गया था। जो की 17 वर्ष की सर्विस के बाद दिया जाता है।
  • और बाद में उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित किया गया।
  • 1988 में अजीत डोभाल जी को सर्वोच्च वीरता पुरस्कारों में से एक कीर्ति चक्र से नवाजा गया था। जो की Army Officers को दिया जाता है। लेकिन अजीत डोवाल जी इस पदक को प्राप्त करने वाले पहले पुलिस अधिकारी बने।

Ajit Doval जी का हैरतअंगेज इतिहास रहा है और उन्हें भारत का ” जेम्स बॉन्ड ” कहा जाता है। हम उनके जज्बे को सलाम करते है। जय हिन्द।

Source : Wikipedia

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