एक पिता की दिल छू लेने वाली कहानी – Heart Touching Story in Hindi

एक पिता की दिल छू लेने वाली कहानी – Heart Touching Story in Hindi : 

नमस्कार दोस्तों मैं सरबजीत कौर, आज मै आपसे एक पिता की ” Heart Touching Story ” शेयर करने जा रही हूँ। यह कहानी एक पिता के संघर्ष की है। कैसे एक पिता अपने बच्चो अपने परिवार के लालन पोषण के लिए पूरी ज़िन्दगी संघर्ष करता है। दोस्तों इसीलिए कहते है। संघर्ष पिता से सीखो और संस्कार माँ से।  इस कहानी को लिखने का मेरा मकसद है की एक पिता की भावनाओ को आप सभी तक पहुँचाना।

” पिता वह है। जो खुद की इच्छाओं को मार के अपने बच्चो के सपनो को पूरा करता है “


एक पिता की दिल छू लेने वाली कहानी – Heart Touching Story in Hindi 

Heart Touching Story in Hindi

story यहाँ से शुरू होती है। पढ़ाई पूरी करने के बाद एक छात्र किसी बड़ी कंपनी में नौकरी पाने की चाह से interview देने के लिए पहुँचा। छात्र ने बड़ी आसानी से पहला interview round पास कर लिया। अब final interview कंपनी के director को लेना था। और director को ही तय करना था कि उस छात्र को नौकरी पर रखा जाना है या नहीं। 

director ने छात्र का resume देखा और पाया की छात्र पढाई के साथ – साथ extra cirricular activites में भी हमेशा अव्वल रहा।

director – ” क्या तुम्हे पढ़ाई के दौरान कभी छात्रवृत्ति (Scholarship) मिली .? ”

छात्र – ” जी नहीं सर…”

director – ” इसका मतलब स्कूल- कॉलेज की पूरी फीस तुम्हारे पिता अदा करते थे। ”

छात्र – ” जी हाँ सर…”

director – ” तुम्हारे पिताजी क्या काम करते है..”

छात्र – ” जी वे लोगो के कपडे धोते है। ..”

यह सुन कर कंपनी के director ने कहा – ” जरा अपने हाथ तो दिखाना…? ”

छात्र के हाथ रेशम की तरह मुलायम और नाजुक थे।

director – ” क्या तुमने कभी कपड़े धोने में अपने पिताजी की मदद की….? ”

छात्र – ” जी नहीं , मेरे पिता हमेशा यही चाहते थे की मै सिर्फ पढ़ाई करूँ और  ज्यादा से ज्यादा किताबें पढूं। ”

हाँ , एक बात और , मेरे पिता बड़ी तेजी कपड़े धोते है….

director – ” क्या मै तुम्हे एक काम कह सकता हूँ…? ”

छात्र – ” जी , आदेश कीजिए….”

director – ” आज घर वापस जाने के बाद अपने पिता जी के हाथ धोना….फिर कल सुबह मुझसे आकर मिलना….”

छात्र यह सुन कर प्रसन्न हो गया…उसे लगा की अब तो नौकरी मिलना पक्का है।

तभी तो director ने फिर कल बुलाया है।

छात्र ने घर आकर खुशी – खुशी अपने पिता को सारी बातें बताई और अपने हाथ दिखाने को कहा…

पिता को थोड़ी हैरानी हुई….लेकिन फिर भी उसने बेटे की इच्छा का मान रखते हुए…अपने दोनों हाथ अपने बेटे के हाथों में दे दिए।

बेटे ने पिता के हाथों को धीरे-धीरे धोना शुरू किया। कुछ देर में ही हाथ धोने के साथ ही उसकी आँखों से झर – झर आँसू बहने लगे…..

पिता के हाथ रेगमाल ( emery paper ) की तरह सख्त और जगह – जगह से कटे हुए थे….यहाँ तक की जब भी वह कटे के निशानों पर पानी डालता , चुभन का एहसास पिता के चेहरे पर साफ़ झलक जाता था।

बेटे को ज़िन्दगी में पहली बार एहसास हुआ की ये वही हाथ है जो हर रोज लोगो के कपडे धो-धोकर उसके लिए अच्छे खाने ,अच्छे कपडे और स्कूल की फीस का इंतजाम करते थे….

पिता के हाथ का हर छाला सबूत था उसके करियर की कामयाबी का…..पिता के हाथ धोने के बाद बेटे को पता ही नहीं चला की उसने , उस दिन के बचे हुए सारे कपडे भी एक – एक कर के धो दिए। उसके पिता रोकते ही रह गए , लेकिन उसका बेटा अपनी ही धुन में कपडे धोता चला गया…

उस रात बाप – बेटे ने काफी देर तक बातें की।

अगली सुबह वह छात्र फिर नौकरी के लिए कंपनी के director की ऑफिस में था….director का सामना करते हुए , उस छात्र की आँखे नम थी।

director – ” तो फिर , कैसा रहा कल घर पर ? क्या तुम अपना अनुभव मेरे साथ शेयर करना पसंद करोगे ? ”

छात्र – ” जी बिलकुल सर , कल मैंने ज़िन्दगी का एक वास्तविक अनुभव सीखा।

नंबर एक…मैंने सीखा की सरहाना क्या होती है।  मेरे पिता ना होते तो, मैं पढाई में इतना आगे नहीं आ सकता था

नंबर दो… पिता की मदद करने से मुझे पता चला कि किसी काम को करना कितना सख्त और मुश्किल होता है…

नंबर तीन…मैंने रिश्तो की एहमियत पहली बार इतनी शिद्दत के साथ महसूस की।

director – ” यही सब है, जो मैं अपने मैनेजर में देखना चाहता हूँ। ..”

मैं यह नौकरी केवल उसे देना चाहता हूँ जो दुसरो की मदद की कदर करे , ऐसा व्यक्ति जो काम किये जाने के दौरान दुसरो की तकलीफ को महसूस करे…ऐसा शख्स जिसने सिर्फ पैसे को ही जीवन का मकसद ना बना रखा हो। मुबारक हो तुम इस नौकरी के पुरे हक़दार हो।

अपने बच्चो को सब कुछ दे बड़ा मकान दे , बढ़िया खाना दे, बड़ा टीवी , मोबाइल, कंप्यूटर सब दे….लेकिन साथ- साथ उन्हें ये अनुभव भी हासिल करने दे। और सबसे एहम आप के बच्चे किसी काम को करने की कोशिश की कदर करना सीखे। घर के छोटे- छोटे काम में एक दूसरे का हाथ बंटाते हुए काम करने का जज्बा अपने बच्चो को सिखाये।

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और जो बड़े है। जिनके माता – पिता हैं , वो अपने लाइफ में कितना भी क्यों ना सफल एवं व्यस्त हो जाये।  अपने माता – पिता को समय जरूर दे, उनसे बातें करे…जिन्होंने अपनी पूरी ज़िन्दगी लगा दी अपने बच्चो के पीछे। और जब वे बच्चे आगे बढे successful बन जाये पर माँ – बाप को ना भूले।


   मुझे मोहब्बत है अपने हाथों की सब लकीरो से। 

        ना जाने पापा ने कौन सी उंगली पकड़ के चलना सिखाया। 

           I love My Dad


आज की पोस्ट लिखते हुए मैं काफी भावुक हो गयी। मेरा यह पोस्ट लिखने का मकसद यही था..अपने माता – पिता की भावनाओ एवं उनके संघर्ष की कदर करे…जिन्होंने हमारे लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। हम भी बाद में उन्हें वही return करे जो उन्होंने हमारे लिए बचपन से किया। दोस्तों आपको कैसी लगी “एक पिता की दिल छू लेने वाली कहानी – Heart Touching Story in Hindi ” अपनी राय हमे कमेंट के माध्यम  से जरूर बताये। अगर Heart Touching Story अच्छी लगी तो शेयर जरूर कर दे। धन्यवाद

 

 

Hello I am Sarabjeet Kaur from jamshedpur and i am founder of talkshauk.com. I have completed Diploma in Computer Engineering.

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11 thoughts on “एक पिता की दिल छू लेने वाली कहानी – Heart Touching Story in Hindi”

  1. Nice post , me ek baat aapko batana chahta hu ki aapke About Us page par comment disable hai. Yani ki aapke about us page par koi comment hi nahi kar sakta. Maine aapke about us page ko read karne ke bad comment karna chaha to mujhe comment section hi najar nahi aaya.

    Mujh jaise kai log aapke blog ko appreciate karne ke liye aapke about us page ko read karte hai , aap apne blog visitors ki mentality ko samjhe or apne about us page par comment allow kare. THANKS AND HAPPY BLOGGING

    1. धन्यवाद Ravi, हमारे ब्लॉग में visit करने के लिए और आपके सुझाव के लिए। अब मैंने About Us पेज का comment allow कर दिया है…आपका बहुत-बहुत शुक्रिया।

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