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Motivational Story in Hindi for Success- मोटिवेशनल स्टोरी इन हिंदी

motivational story in hindi for success

Motivational Story in Hindi for Success- मोटिवेशनल स्टोरी इन हिंदी :

जब हम विषम परिस्थियों में Success होने वाली व्यक्तियों की motivational stories पढ़ते है। तो इन stories से मिलने वाली inspiration हमारे मन – मस्तिष्क को उत्साहित कर हमे सफलता की बुलंदियों को छूने के लिए प्रेरित करती है।

ये ऐसी जीवित कहानियाँ है , जो आपके जीवन की दिशा , सोचने के ढंग को बदल कर रख देगी।

फोर्ड मोटर के मालिक : हेनरी फोर्ड

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Henry Ford with 1921 Model T

हेनरी फोर्ड , फोर्ड मोटर्स के मालिक दुनिया के चुनिंदा धनी व्यक्तियो में शुमार किये जाते थे , उनकी गाड़ियों की प्रशंसा दुनिया भर में होती थी। एक बार एक भारतीय उद्योगपति भारत में मोटर कारख़ाना लगाने से पहले , फोर्ड से सलाह करने अमेरिका गए। भारतीय उद्योगपति ने अमेरिका पहुँच कर हेनरी फोर्ड से मिलने का समय माँगा।

इस पर हेनरी फोर्ड ने कहा – ” दिन में तो मैं आपके लिए अधिक समय नहीं निकाल पाउँगा , इसलिए आप मुझसे मिलने शाम 6 बजे आइये। “

शाम को भारतीय उद्योगपति उनके घर पहुँचे। वहाँ एक आदमी बर्तन साफ़ कर रहा था। उन्होंने उनसे कहा – ” मुझे हेनरी साहब से मिलना है ” . वह आदमी उन्हें बैठक में बैठाकर अंदर चला गया। थोड़ी देर बाद उसने उनके सामने आकर कहा – ” तो आप है वह भारतीय उद्योगपति , मुझे हेनरी कहते है। “

उन भारतीय उद्योगपति को असमंजस में देख कर हेनरी ने कहा – ” लगता है आपको मेरे हेनरी होने पे संदेह हो रहा है। ” भारतीय उद्योगपति ने सकपका कर कहा – ” हाँ सर , अभी मैं आपको एक नौकर का काम करते हुए देखकर ताज्जुब हुआ। इतने बड़े कंपनी के मालिक को बर्तन साफ़ करते हुए देखकर किसी को भी भ्रम पैदा हो सकता है। यह काम तो नौकरो का है। “

हेनरी ने कहा – ” शुरुवात में मैं भी एक साधारण इंसान था। अपना काम खुद करता था। अपने हाथ से किये कठोर परिश्रम का ही फल है कि आज मैं फोर्ड मोटर का मालिक हूँ। मैं अपने अतीत को ना भूल जाऊँ और मुझे लोग बड़ा आदमी ना समझने लगे , इसलिए मैं अपने सभी काम अपने हाथों से करता हूँ। मुझे अपना काम करने में किसी प्रकार की शर्मिन्दगी और झिझक नहीं होती है। “

भारतीय उद्योगपति उठ खड़े हो गए और बोले – ” सर ! अब मैं चलता हूँ। मैं जिस मकसद से आपके पास आया था , वह तो एक मिनट में ही पूरा हो गया। मेरी समझ में आ गया कि सफलता की कुंजी दुसरो पर भरोसा करने में नहीं , स्वयं पर भरोसा करने में है। “

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अपंगता हार गयी (motivational story in hindi for success )

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Nick Vujicic (Motivational Speaker)

4 दिसम्बर , 1982 को निक वुजिसिक ( Nick Vujicic ) का जन्म ऑस्ट्रेलिया के मेलबॉर्न में हुआ। जन्म से ही निक के कन्धों से दोनों हाथ नहीं थे एवं पैरो के नाम पर एक छोटा – सा बैया पैर जिस पर मात्र दो उंगलियाँ थी। आप कल्पना कर सकते है , कितनी कठिनाइयों एवं पीड़ा का सामना किया होगा निक ने अपने जीवन में।

धीरे – धीरे निक को सभी स्वीकार करने लगे और उनके कई दोस्त बनने लगे। निक ने अपने पैर की दो उँगलियों से लिखना भी शुरू कर दिया। अपनी उन्ही दो उँगलियों से निक ने लिखना सीखा , कंप्यूटर चलाना सीखा , फ़ोन पर बात करना जवाब देना सीखा।

धीरे – धीरे निक टेनिस बॉल भी फेकने लगे। पानी का गिलास स्वयं उठाना , दाढ़ी बनाना आदि स्वयं करने लगे। निक वुजिसिक ( Nick Vujicic ) ने 21 वर्ष की उम्र में स्नातक पास की और accounting एवं financial Planning के डबल डिग्री प्राप्त की।

आज वह लोगो को प्रेणादायक उपदेश ( motivational speech ) देते है। लोग उन्हें प्रोत्साहक एवं प्रेरक वक्ता की तरह जानते है। वह ” Life Without Limb ” के निदेशक है। आज निक हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा के ऐसे ऊर्जावान स्रोत्र है , जो आपको रोमांच से सरोबार कर दे।

अपने दृंढ संकल्प से निक ने अपंगता हो हरा कर दुनिया में एक मिसाल कायम की। आत्मविश्वास , आत्मबल से सरोबार ऐसे योद्धा को हमारा बार – बार नमन।

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About the author

Sarabjeet Kaur

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