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विश्वास की शक्ति को कैसे विकसित करे | believe in yourself in hindi

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believe in yourself in hindi
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विश्वास की शक्ति को कैसे विकसित करे – believe in yourself in hindi : नमस्कार दोस्तों , आपका बहुत – बहुत स्वागत है मेरी नयी पोस्ट में आज हम बात करेंगे विश्वास की जिसे हम भरोसा , यक़ीन , Trust या Believe भी कहते है।

अगर आप अपने जीवन में सफल होना चाहते है तो उसके लिए सबसे पहली और सबसे महत्वपूर्ण चीज़ है विश्वास , सफलता का मतलब सिर्फ अमीर बनना , शानदार घर , आर्थिक सुरक्षा, फेमस होना , लीडर बनना से नहीं है। सफलता का मतलब ये भी हो सकता है आपके लिए चिंतामुक्त जीवन जीना , जीवन में संतोष , मान – सम्मान के साथ शांति से जीना। और कोई भी इंसान सफल जीवन ही जीना चाहता है न की असफलता की जिंदगी।

एक सफल जीवन के लिए विश्वास इसकी चाबी है। दृंढ विश्वास हमे प्रेरित करता है हमारे Goals को Achieve करने में। अगर आप अपने पर विश्वास कर ले की आपको सफल होना है तो यह स्वयं ही आपके लिए साधन एवं उपाय खोजता है। तो चलिए जानते है अपने विश्वास की शक्ति को कैसे मजबूत करे।

खुद पर विश्वास कैसे करे (how to believe in yourself in hindi ) –

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विश्वास की शक्ति को विकसित करने के तीन तरीके इस प्रकार है।

1 . सफलता की बात सोचे –

सबसे पहली चीज़ अपनी सोच पर काम करे। सफलता की बात सोचे , असफलता की नहीं। जब भी आपके जीवन में कोई परेशानी आये तो सोचे “मैं जीत जाउंगी ” .यह नहीं ” शायद मैं हार जाउंगी “. जब किसी प्रतियोगिता में जाये ऐसा सोचे – “मैं सर्वश्रेष्ठ हूँ ” ना की ” मैं इसके योग्य नहीं हूँ “.

सफला के बारे में सोचने से आपका दिमाग (अवचेतन मन ) ऐसी योजना बना लेता है जिससे आप सफल होते है। और असफलता के बारे सोचने से ठीक इसका उल्टा होता है।

अच्छे से समझने के लिए आप मेरी यह पोस्ट पढ़ सकते है – अवचेतन मन की अद्भुत शक्ति

2 . आप जितना खुद को समझते है उससे कई ज्यादा बेहतर है –

आप खुद को बार – बार याद दिलाये , आप खुद को जितना समझते है आप उससे कही बेहतर। सफल इंसान कोई सुपर हीरो नहीं होते ना की उनमे कोई सुपर पावर होती है। वे अभी मेरी और आपकी तरह साधारण इंसान होते है।

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आपने कभी गौर किया है कोई व्यक्ति अपने स्कूल के समय एक औसत या उससे भी कम का विद्यार्थी रहा हो। लेकिन कुछ सालो बाद वह बहुत Successful बन गया हो। सफलता के लिए कोई जादुई शक्ति की आवयश्कता नहीं होती और ना ही सफलता से भाग्य का कोई लेना – देना है। विश्वास तो खुद में ही इतना बड़ी शक्ति है की आप जैसा विश्वास करेंगे आप वैसे ही बनेंगे। और यही विश्वास का गुण होता है सफल लोगो में , उन्हें खुद कर विश्वास (believe) होता है ,अपनी क्षमताओं पर विश्वास होता है। इसलिए वे सफल होते है।

3. बड़ी सोच में विश्वास –

आपकी सफलता कितनी बड़ी होगी यह आपके विश्वास के आकार पर निर्भर करता हैं। आपके goals छोटे होंगे तो आपकी Achievement भी छोटी होगी। आपके goals बड़े होंगे तभी सफलता बड़ी होगी।

यह आपको स्वयं करना होगा। कोई दूसरा आपके लिए नहीं कर सकता। जैसे दौड़ में कौन आगे रहेगा , और कौन पीछे यह तैयारी पर निर्भर करता है। उसी तरह सफलता बड़ी होगी या छोटी यह आपके विश्वास (believe) के आकार पर Depend करता है। इसलिए कभी भी बड़ा सोचने और विश्वास करने से घबराये नहीं। और इस प्रकार आप अपने विश्वास को मजबूत कर सकते है।

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दोस्तों अगर आप विश्वास और बड़ी सोच पर और ज्यादा जानना चाहते है तो आप यह किताब बड़ी सोच का बड़ा जादू यहाँ से खरीद सकते है। इस पोस्ट (believe in yourself in hindi) में मैने आपको इसकी कुछ बातें बताई। पूरी Detail के लिए आप यह किताब पढ़ सकते है। इस book में बहुत सारी Stories बताई गयी है कैसे सफल लोग विश्वास की शक्ति से सफलता हासिल कर लेते है। यह किताब आपको सफलता के गुर सिखायेगी की बड़ा कैसे सोचे और विश्वास की शक्ति से अपना लक्ष्य प्राप्त करे।

Bhagat Singh Biography in Hindi – शहीद भगत सिंह की जीवनी

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Bhagat Singh Biography in Hindi
Bhagat Singh Biography in Hindi

Bhagat Singh Biography in Hindi – शहीद भगत सिंह की जीवनी

शहीद भगत सिंह भारत देश के सबसे महान स्वतंत्रा सेनानी है। जिन्होंने भारत देश को आज़ादी दिलवाने में अहम भूमिका निभाई थी। जिनके बलिदान को हम कभी नहीं भूल सकते। मात्र 23 वर्ष की आयु में भगत सिंह जी ने देश को आज़ाद कराने के लिए अपने प्राण निछावर कर दिए थे।

भगत सिंह का जीवन परिचय –

क्रमांक विषय जानकारी
1. पूरा नाम शहीद भगत सिंह
2. जन्म 27 सितम्बर 1907
3. जन्म स्थान बंगा गाँव , यलपुर जिला , पंजाब (अब पाकिस्तान में )
4. माता विद्यावती कौर
5. पिता सरदार किशन सिंह
6. भाई – बहन रणवीर , कुलतार ,राजिंदर , कुलबीर , जगत , प्रकाश कौर , अमर कौर ,शकुन्तला कौर
7. मृत्यु 23 मार्च 1931 , लाहौर जेल , पंजाब (अब पाकिस्तान में )

भगत सिंह जी का प्रारंभिक जीवन (bhagat singh full story in hindi from starting )-

भगत सिंह जी का जन्म 27 सितम्बर 1907 को पंजाब (अब पाकिस्तान का हिस्सा बन चूका है ) के बंगा गाँव एवं यलपुर जिला में हुआ था। भगत सिंह जी ने देश भक्त , देश प्रेम अपने परिवार को देख कर ही सीखा था। जब भगत सिंह सिंह जी का जन्म हुआ उस वक़्त उनके पिता सरदार किशन सिंह जेल में थे , और उनके चाचा अजीत सिंह जी बहुत बड़े स्वतंत्र सेनानी थे। उन्होंने भारतीय देशभक्ति एसोसिएशन की शुरुवात की थी। जिसमे उनके साथ सैयद हैदर रजा थे। अजित सिंह पर 22 केस दर्ज़ थे जिनसे बचने के लिए उन्हें ईरान जाना पढ़ा था।

भगत सिंह जी के पिता ने उनका दाखिला दयानंद एंग्लो वैदिक हाई स्कूल में कराया था। महज 12 वर्ष की आयु में भगत पर 13 अप्रैल ,1919 को हुए जलियांवाला बाग़ हत्याकांड का उनके मन पर गहरा असर पड़ा। जब उन्हें जलियांवाला बाग कांड की सुचना मिली तब वे स्कूल से 12 km चल कर वहॉ पहुँचे थे। वे महात्मा गाँधी जी का भी खुले मन से समर्थन करते थे. गांधी जी के कहे मुताबित वे ब्रिटिश किताबे जला देते और वे खुले – आम अंग्रेज़ो को चुनौती दिया करते थे। गाँधी जी ने चौरा – चौरी कांड (उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के पास एक क़स्बा है जहाँ भारतीयों ने 4 फ़रवरी , 1992 को ब्रिटिश सरकार की एक पुलिस चौकी में आग लगा दी थी। जिसमे 22 ब्रिटिश पुलिस कर्मी छुपे हुए थे वे जिन्दा जल कर मर गए थे। इसे ही चौरा – चौरी कांड कहा जाने लगा। ) में हुई हिंसात्मक गतिविधियों के कारण असहयोग आंदोलन बंद कर दिया था। और भगत सिंह उनके इस फैसले से सहमत नहीं थे इसलिए उन्होंने गाँधी जी की अहिंसावादी बातों को छोड़ कर दूसरी पार्टी में ज्वाइन होने का सोचा।

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भगत सिंह लाहौर के नेशनल कॉलेज में B.A की पढाई कर रहे थे। इस दौरान उनकी मुलाकात सुखदेव (पूरा नाम सुखदेव थापर) , भगवती चरण और भी कई देश प्रेमी मिले। भगत सिंह ने देश प्रेम के लिए देश को आज़ाद कराने के लिए अपनी कॉलेज की पढाई तक छोड़ दी थी। और आज़ादी के लड़ाई में कूद पड़े थे।

स्वतंत्रा कि लड़ाई – war of Independence

गाँधी जी की अहिंसवाद पार्टी छोड़ने के बाद। भगत सिंह जी ने आज़ादी के लिए सबसे पहले नौजवान भारत सभा की स्थापना की , और फिर उन्होंने कीर्ति किसान पार्टी से पहचान बढ़ाई और उनकी मैगजीन ” कीर्ति ” के लिए काम करने लगे, भगत सिंह जी एक अच्छे लेखक भी थे. जिसमे वे अपने लेखन से देश के नौजवानो तक सन्देश पहुँचाते। वे पंजाबी और उर्दू पेपर में भी लिखा करते थे।

1926 में भगत सिंह जी को नौजवान भारत सभा का सेक्रेटरी घोषित किया गया। उसके बाद उन्होंने 1928 को Hindustan Socialist Republican Association (HSRA) ज्वाइन की जिसे चंद्रशेखर जी ने स्थापित किया था।

लाला जी की मृत्यु का बदला ( Bhagat Singh Biography in Hindi )-

अक्टूबर 1928 में भारत में शुरू हुए साइमन कमीशन (Simon Commission) का विरोध किया गया। जिसमे भगत सिंह , लाला लाजपत राय और भी कई स्वतंत्रा सेनानी शामिल थे। ” साइमन वापस जाओ ” का नारा लगाते हुए वे लाहौर रेलवे स्टेशन पर खड़े रहे। जिसके बाद अंग्रेज़ो ने उन पर लाठी चार्ज किया। जिससे लाला लाजपत राय गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिसकी वजह से उनकी मृत्यु हो गयी। जिससे पुरे देशभर में आक्रोश की स्थिति उत्पन्न हुई।

लाला लाजपत राय की मृत्यु से इन सभी को गहरा झटका लगा और फिर भगत सिंह , चंद्रशेखर आजाद , राजगुरु, सुखदेव और भी क्रांतिकारियों ने साथ मिल कर मौत का बदला लेने की ठानी।

लेकिन कहा जाता है उन्हें मारना था ऑफिसर स्कॉट को लेकिन उन्होंने गलत पहचान के मामले में सहायक पुलिस अध्यक्ष जॉन सांडर्स को गोली मार दी थी।

17 दिसंबर 1928 को करीब सुबह 4 :15 (सवा चार बजे ) जैसे ही A.S.P सांडर्स आये , राजगुरु ने उनके सर पर गोली मारी जिससे वे बेहोश हो गए फिर भगत सिंह ने 3 – 4 गोलिया दाग कर मिशन को पूरा किया। इन सब के बाद जैसे ही वे भागने लगे एक सिपाही चनन सिंह ने उनका पीछा किया। चंद्रशेखर आज़ाद ने उसे सचेत करते हुए कहा – ” अगर आगे बढे तो गोली दूंगा ” .उस सिपाही के नहीं मानने पर चंद्रशेखर आज़ाद ने उसपर गोली चला दी। इस तरह इन सभी जाबांज क्रांतिकारियों ने मिल कर अंग्रेज़ो से लाला लाजपत राय की मौत का बदला एक महीने के अंदर ले लिया।

इस मामले के बाद ब्रिटिश पुलिस इनके पीछे पड़ गयी। उन्हें पकड़ने के लिए चारो तरफ जाल बिछा दिया था। वैसे तो भगत सिंह जन्म से सिख थे. लेकिन उन्हें देश से बढ़कर कुछ नहीं दिख रहा था। उन्होंने अपनी दाढ़ी मुंडवा दी थी , बाल कटवा लिए थे। जो की सिख समुदाय में मान्य नहीं है । अपने आप को बचाने के लिए भगत सिंह लाहौर से कोलकाता भागने में सफल हुए।

भगत सिंह और साथी क्रांतिकारियों ने बड़ा धमाका करने की सोची, भगत सिंह का कहना था इन अंग्रेज़ो के कान बेहरे है इन्हे ऊँचा सुनाई देता है इसलिए बड़ा धमाका जरुरी है।

असेंबली में बम फेकना ( Saheed Bhagat Singh Eassy in Hindi ) –

सेंट्रल असेंबली बम कांड यह घटना 8 अप्रैल 1929 को घटी। इस घटना का उद्देश्य किसी को हानि पहुंचना नहीं था। इसलिए बम खाली जगह पर फेका गया था। इस घटना को अंजाम भगत सिंह और बटुकेश्वर ने दिया था। बम फेकने के बाद वे वह से भागे नहीं। उन दोनों ने अपनी गिरफ्तारी खुद दे दी थी। वे चाहते तो भाग सकते थे लेकिन वे अंग्रेज़ो को दिखाना चाहते थे अगर एक भारतीय चाहे तो क्या नहीं कर सकता।

भगत सिंह हमेशा से ही खुद को शहीद बताया करते थे। वे कहते थे वे उनकी मृत्यु पर मरेंगे नहीं वे शहीद होंगे। और उनके देश के प्रति प्रेम ने यह साबित भी किया।

भगत सिंह , राजगुरु और सुखदेव जी पर मुक़दमा चला और उन्हें फांसी की सजा सुनाई गयी।

भगत सिंह जेल (biography of bhagat singh in hindi ) –
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असेंबली बम कांड के बाद भगत सिंह , बटुकेश्वर राजगुरु और सुखदेव जी सहित और भी उनके कई क्रांतिकारी मित्रो को जेल में डाल दिया गया था। वह उन्हें कई यातनाये सहनी पड़ी। पहले उन्हें दिल्ली जेल में रखा गया बाद में लाहौर जेल में शिफ्ट किया गया।

  • भगत सिंह एवं उनके साथियो ने जेल में 64 दिन की भूक हड़ताल की थी।
  • भगत सिंह ने जेल में रह कर भी लेख लिख कर अपनी क्रांतिकारी विचारो को व्यक्त करते रहे।
  • भगत सिंह की माता जी जब उनसे जेल में मिलने आयी तो वे ज़ोर – ज़ोर से हँस कर उनसे बातें कर रहे थे। यह देख वहाँ के अधिकारी दंग रहे गए की मौत जिसके इतने करीब है जो अभी भी हँस कर बातें कर रहा। अपनी रूचि के अनुसार डायरी भी लिखता है।
  • भगत सिंह जी ने जेल में ही किताब लिखी थी जिसका शीर्षक था ” मैं नास्तिक क्यों हूँ ” ( why I am an Athesit ).

फांसी (Bhagat Singh Death Date ) –

27 मार्च 1931, को भगत सिंह जी , राजगुरु जी एवं सुखदेव जी को फांसी हुई लाहौर सेंट्रल जेल में।

bhagat singh biography in hindi
भगत सिंह , सुखदेव , राजगुरु

फांसी के वो आख़िरी 12 घंटे – Bhagat Singh Biography in Hindi

  • भगत सिंह के वकील प्राण नाथ मेहता उनसे फांसी से कुछ समय पूर्व मिलने आये। उन्होंने मुस्कुराते हुए उनका स्वागत किया और उनसे कहा – मेरे लिए रिवॉल्युशनरी लेनिनकी किताब लाये। जैसे ही उनके वकील ने उनके हाथ में किताब दी वे उसे तुरंत पढ़ने लगे , क्योकि कुछ घंटे बाद उनकी फांसी होने वाली थी।
  • उनके वकील ने उनसे सवाल पूछा आप देश को क्या सन्देश देना चाहेंगे। उन्होंने बिना किताब से नज़रे हटाए सिर्फ दो शब्द कहे – ” साम्रज्यवाद मुरादाबाद…इंक़लाब जिंदाबाद “.
  • भगत सिंह अपनी से पहले यही किताब पढ़ रहे थे।
  • उन्हें फांसी 24 मार्च को होनी थी , देश भर में उनकी रिहाई को ले कर प्रदर्शन हो रहे थे.ब्रिटिश अधिकारियो को डर था कही यह फैसला टल ना जाये। इसलिए उन्होंने 24 मार्च की जगह 23 मार्च मध्यरात्रि को ही फांसी दे दी थी।
  • जब फांसी का समय आया तो जेल अधिकारियो ने भगत सिंह से कहा चलिए समय हो गया। भगत सिंह ने कहा – ” ठहरिये…पहले एक क्रांतिकारी दूसरे क्रांतिकारी से मिल तो ले। “
  • ऐसा कह उन्होंने वह किताब ” रिवॉल्युशनरी लेनिन ” एक मिनट बाद हवा उछाली और बोले – “अब चलो “
  • फांसी पर जाते वक़्त भगत सिंह , राजगुरु और सुखदेव जी मस्ती से हँसते हुए , गाते हुए जा रहे थे।

मेरा रंग दे बसंती चोला , मेरा रंग दे।
मेरा रंग दे बसंती चोला , माये रंग दे बसंती चोला

शत शत नमन है भारत के वीर जाबांज शहीद भगत सिंह , शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव जी को जिन्होंने इतनी कम आयु में देश को स्वतंत्र कराने में अपने प्राणो का बलिदान दिया। जय हिंदी, जय भारत !!

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NOTE : दोस्तों अगर हमसे लिखने में या किसी तारीख , जानकारी में कोई त्रुटि हो गयी हो तो हमे तुरंत कमेंट में बताये। हम उसे जल्द से जल्द अपडेट कर देंगे। और यह पोस्ट Bhagat Singh Biography in Hindi – शहीद भगत सिंह की जीवनी को अपने दोस्तों के साथ ज्यादा से ज्यादा शेयर करे और जरूर। जिससे की वे इन जाबांज सूरवीरो का इतिहास जान सके , और अफ़सोस की बात है की यह स्कूलों से हमे बहुत कम ही पढ़ाया गया।

Happy Birthday Shayari in Hindi, Birthday Wishes – जन्मदिन की बधाई

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Happy Birthday Shayari in Hindi – जन्मदिन की बधाई :

कितना अच्छा लगता है ना दोस्तों, जब कोई आपके खास दिन आपके जन्मदिन पर इतनी प्यारी शायरी और Wishes भेजता है। आप भी भेजे अपने Love Ones को उनके Birthday कर खास(Special Wishes). सभी के लिए खास birthday wishes ,Birthday Shayari for Brother , Birthday Shayari for Lover , Funny Birthday Shayari for Friend, जन्मदिन मुबारक शायरी SMS hindi .

Happy Birthday Wishes in Hindi language –

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आपको जन्मदिन की बहुत – बहुत बधाई , आने वाला हर एक दिन आपके जीवन में अपार खुशियाँ , सफलता और अच्छा स्वास्थ्य लाये !!

Happy Birthday to You

हर दिन खुशियाँ हो , हर लम्हा खुबसूरत हो ! ऐसा ही पूरा जीवन हो , मेरे प्यारे दोस्त की लम्बी उम्र हो !

जन्मदिन की हार्दिक बधाई मेरे दोस्त।

Read : Mahakal Status in Hindi.

मुबारक हो यह खास दिन आपको , खुशिया मिले हज़ार आपको। मेरे प्यारे दोस्तों मुबारक हो जन्मदिन आपको।

Happy Birthday to you my Friend

हो आपकी हर मनोकामना पूरी , मिले खुशिया का खज़ाना आपको। अगर आप माँगो एक तारा , ईश्वर दे आपको आसमां सारा।

हैप्पी बर्थडे दोस्त

कामना करते है ईश्वर से आपकी हर दुआ कबूल हो , आने वाला साल आपका सुख – समृद्धि से भरपूर हो।

जन्मदिन की बहुत – बहुत बधाई !!

Funny Birthday Shayari for Friend –

मेरे प्यारे Dost , लाखो (Lakho) में मिलता है तुझ जिसे Dost . और करोड़ो में मिलता है मुझ जैसा Dost . Happy Birthday to you .

सब एक – एक कर के Wish करेंगे ,कोई धक्का – मुक्की नहीं करेगा ,

हैप्पी बर्थडे टू यू।

क्या तुम Birthday का मतलब जानते हो ? एक हाथ से Gift लो और दूसरे हाथ से Gift लाने वाले Dost को Party दो। इस जाल में फंसने के लिए शुक्रिया।

जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाये !

Happy Birthday Wishes in Hindi

जरूर तुम्हे किसी ने Dil से पुकारा होगा , चाँद – सितारों ने भी तुम्हे निहारा होगा , jannat भी जमीं पर आयी होगी ,

जब खुदा ने आपको धरती पे उतारा होगा !

जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाये

Birthday की बधाई Dil से है , खुशिया मिले तुम्हे हज़ार। साथ ना छूटे कभी हमारा , Dosti यूँ ही बनी रहे बरक़रार !

Happy Birthday Dost

दूर है तुमसे तो क्या हुआ हमे सब कुछ याद है। साथ नहीं तो क्या हुआ आपकेा dil हमारे पास है। आपको लगता है हम सब भूल जाते है लेकिन ऐसा नहीं है। आज आपका Birthday है और हमे अच्छे से याद हैं

|| जन्मदिन की हार्दिक बधाई ||

मुझे नहीं पता मैं बेहतरीन Dost हूँ या नही , लेकिन मुझे यकीन है जो मेरा Dost हैं वो सबसे बेहतरीन है। Happy Birthday To You

Read : Shree Krishna Shayari and Status in hindi.

जन्मदिन मुबारक हो मेरे अच्छे दोस्त , मेरे सच्चे दोस्त ! ईश्वर से कामना करते है , आपकी हर मुराद पूरी हो। सदा खुश रहो मेरे दोस्त !

हैप्पी बर्थडे

नई खुशिया हो , नया सवेरा हो ! आपके जीवन में हॅसी , खुशी और समृद्धि का डेरा हो। जन्म दिन की हार्दिक बधाई !!

यह जन्मदिन आपके जीवन में खुशियों का पैगाम लाये , सफलता का का मुक़ाम आप पाए। भगवान आपकी Wish पूरी करे , आप जो चाहे आपको मिल जाये।

Happy Birthday my friend

आप यूँ ही हॅसते और मुस्कुराते रहे, खुशियों के पल आपके जीवन मे आते रहे। और आप अपना Birthday इसी तरह धूम – धाम से मनाते रहे।

हैप्पी बर्थडे

आज का दिन आपके लिए बहुत ही खास है। आज आप इस दिन का भरपूर आनंद ले। ईश्वर से कामना है आप सदा खुश रहे , मुस्कुराते रहे।

जन्मदिन की बहुत – बहुत बधाई

जन्मदिन की बहुत – बहुत बधाई सन्देश –

चाँद ने अमृत का जाम भेजा है , फूलो ने खुशबू का फरमान भेजा है। हमने आपको दिल से जन्मदिन की बधाई पैग़ाम भेजा है।

Birthday Status for Love

जन्मदिन मुबारक हो , तुम्हारा जन्मदिन मुझे याद दिलाता है। यही वो खास दिन है जिस दिन ईश्वर ने तुम्हे भेजा होगा धरती पर मेरे लिए , मैं कृतज्ञ हूँ इस खास दिन तुम्हारे जन्मदिन के लिए।

Happy Birthday my Love

तुम हो मेरे प्यार , तुम्हे खुशिया मिले हज़ार। कभी ना हो तुम्हारी आँखे नम , दुःख तुम्हारे आस – पास भी ना रख पाए कदम।

जन्मदिन मुबारक हो मेरे सनम

Read : गुरुनानक देव जी की वाणी

Happy Birthday Shayari in Hindi
Happy Birthday Shayari in Hindi
Birthday Shayari in Hindi Language –

आशा करते है आज का यह खास दिन , आपके जीवन में हर्ष – उल्लास और हज़ारो खुशिया लाएगा, जन्मदिन मुबारक हो।

जिस तरह आप हम सभी के लिए इतने Special हो , यह Birthday भी आपके बहुत ही Special हो , आपकी मांगी Wishes पूरी हो। many many returns of the day .

janmdin ki badhai for best friend
Happy Birthday Shayari in Hindi
Happy Birthday Shayari in Hindi

ये खुशियों का पल बार – बार आये , मेरा Best Friends यूँ ही मुस्कुराये।
Happy Birthday to you my best friend.

I hope you Liked My Birthday Wishes, Shayari Collection in Hindi. birthday shayari for friend, happy birthday wishes in hindi. I you Love This Quotes Share This With Yours Love Ones on their Birthday Thankyou..!!

Short Stories for Kids in Hindi – बच्चों की कहानिया, बाल कहानिया

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Short Stories for Kids in Hindi
Short Stories for Kids in Hindi

Short Stories for Kids in Hindi – बच्चों की कहानिया, बाल कहानिया : आज हम पोस्ट Short Stories for Kids in Hindi लाये है बच्चो के लिए , उनके पसंद की मनोरंजक कहानिया।

आज के आधुनिक युग में बच्चे भी इंटरनेट का इस्तेमाल करने लगे है। और वे Kids Short Stories पढ़ना चाहते है या आप पैरेंट्स है तो अपने बच्चो को सुनाये यह मनोरंजक Short Stories for Kids in Hindi (बाल मनोरंजक कहानिया ).

राजा की सीख – Small Moral Stories in Hindi

Short Stories for Kids in Hindi

एक बार की बात है एक राजा था। जिसका बहुत बड़ा और सुन्दर राज्य था। उस राजा का छोटा सा बेटा भी था। जिसका नाम था राजकुमार गोपाल, जिसके कान बैल के कानो जैसे थे। राजा को राजकुमार के कानो की वजह से शर्म महसूस होती थी इसीलिए वो राजकुमार गोपाल को दूर एकांत में एक कमरे में छुपा कर रखता था।

बहुत ही जल्द समय आ गया राजकुमार के सर मुंडाने की रस्म का , राजा ने यह आयोजन गुप्त रूप से किया की लोगो को उसके बेटे के कानो के बारे पता ना चल जाये , इसलिए उसने नाई भी दूसरे राज्य से बुलवाया। जिसे शाही नाई कहा जाता था। जब समारोह सम्पन्न हुआ तो राजा ने उस शाही नाई को अपने कक्ष में बुलाया और चेतावनी दी – ” कभी किसी को भी राजकुमार के कानो के बारे में मत बताना , अगर तुमने ऐसा किया तो मैं तुम्हे कालकोठरी में फेकवा दूंगा ” .

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नाई ने कहा – ” ठीक है महाराज मैं यह बात किसी को कभी नहीं बताऊंगा ” . इतना कह कर वह नाई अपने राज्य चला गया।

पर अफ़सोस वह नाई तो था बड़ा ही चुगलखोर , जैसे – जैसे दिन बीते उसके पेट में दर्द शुरू हो गया क्योकि उसने यह रहस्य छुपा कर रखा था। उस नाई ने सोचा मुझे किसी को यह रहस्य बताना होगा वरना मेरा पेट फट जायेगा।

तभी उसे एक विचार आया और वह एक पुराने पेड़ के पास गया और फुसफुसाया वह रहस्य। और फिर उसका पेट दर्द ठीक हो गया, उसने सोचा चलो अच्छा है मेरा काम हो गया और ये पेड़ यह जरूर सुरक्षित रखेगा राजा का रहस्य कह वो नाई वहा से चला गया।

*** Hindi Short Stories for Kids – बच्चो के लिए कहानिया

कुछ दिनों बाद वहाँ एक ढोल वाला आया अच्छी लकड़ियों की तलाश में , उसे एक नया ढोल बनाना था। वह रुक गया उसी पेड़ के सामने जहाँ नाई ने राजा का रहस्य खोला था। उस ढोल वाले को वह लकड़ी सही लगी ढोल बनाने के लिए , उसने उन्ही लकड़ियों से एक नया ढोल तैयार कर लिया।

वह ढोल वाला सभी राज्यों में ढोल बजाने जाया करता था। एक दिन इत्तेफाक से वह उसी राजा के दरबार के बाहर ढ़ोल बजा कर गाना गा रहा। वहाँ दरवाज़े पर खड़े राजा के दरबानो को उसका गाना , बजाना बहुत अच्छा लगा। उनलोगो ने उस ढ़ोल वाले से कहा हमारे राजा का मूड आज कुछ ठीक नहीं है। तुम उनके लिए कुछ अच्छा प्रस्तुत करो जिससे उनका मन अच्छा हो।

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जैसे ही ढोल वाले ने ढोल पर बजाना शुरू किया। अचानक ढ़ोल गाने लगा – “मेरे पास एक रहस्य है राजा के पुत्र के बैल के कान है। “ राजा के सिपाहियों ने तुरंत ढोल वाले को हिरासत में लिया। राजा को उस पर बहुत क्रोध आया, राजा ने कहा इसे कालकोठरी में फेकवा दो , राजा की सभा में एक साधु भी थे उन्होंने कहा तुम इसे क्यों सज़ा दे रहे हो इसने तो कुछ नहीं कहा। राजा ने कहा इस ढोल काल कोठरी में फेकवा दो। इस पर उन साधु का समर्थन करते हुए एक सिपाही हिम्मत कर आगे बढ़ा , और राजा से कहा – ” हम सभी को आपके इस रहस्य के बारे पता था, लेकिन हमने कभी किसी को नहीं कहा , ना आपसे इस बारे में बोला क्योकि हम आपको परेशान करना नहीं चाहते थे। हमे भी बुरा लगता था जब आप राजकुमार गोपाल को एकांत में छुपा कर रखते थे। “

उस दिन राजा को बहुत ही शर्म महसूस हुई की वह कितना क्रूर पिता है जिसने इतने सालो तक अपने पुत्र को सबकी नज़रो से छुपा कर दूर रखा। राजा ने दूसरे दिन अवकाश घोषित किया। और पुरे मान – सम्मान के साथ राजकुमार को महल में लाया, और बहुत बड़ा समारोह आयोजित किया।

सिक्को की हेरा फेरी

Short Stories for Kids in Hindi

एक समय की बात तीन दोस्तों किसी पार्टी से वापस लौट रहे थे। उन तीनो का नाम राजू , श्याम और बाबू राव था। राजू बहुत ही मज़ाकिया और चलाक लड़का था।

रास्ते में उन्हें सोने के सिक्को से भरा हुआ एक घड़ा मिला। राजू ने कहा – ” आओ आपस में मिल कर हम इससे बाँट लेते है “.

श्याम और बाबू राव ने कभी कहा ” हाँ..हाँ राजू हम इसे आपस में बाँट लेते है , लेकिन चलो पहले गिन लेते है कितने सिक्के है यह ” .

” 1 , 2 ,3 , 4 , ……100….1500…3000…अरे वाह यह तो तीन हज़ार सिक्के है इसे आपस में बाटँना आसान होगा “. राजू ने कहा।

श्याम ने कहा – ” अच्छा है हम तीनो के हिस्से में एक – एक हज़ार सिक्के आ जायेंगे ” . उन तीन दोस्तों ने तीन थैले तैयार किये और उसमे सिक्के भर लिए।

फिर वे बातें करने लगे हम कितने खुशकिस्मत है ना की हमे अपार धन प्राप्त हुआ।

इस पर राजू ने कहा – ” अच्छा ये तो बताओ तुमलोग इन सिक्को का क्या करोगे “.

बाबू राव ने कहा – ” आधे सिक्के मैं रखूँगा और बाकि के भगवान के मंदिर में चढ़ा दूंगा , और फिर अपने उन पैसो से मैं सोने का चश्मा और घड़ी लूंगा “.

श्याम ने कहा – ” भाई मैं तो मानता हूँ , भगवान की कृपा है हम पर की हमे इतना धन प्राप्त हुआ , तो मैं ऐसा करूंगा 25 % हिस्सा मैं अपनी पत्नी अनुराधा को दे दूंगा और बाकि का भगवान का मंदिर बनवाऊंगा “.

बाबू राव ने राजू से कहा – ” तूने बताया नहीं राजू तू क्या करेगा इस धन का “.

राजू – ” मैं यूँ करूंगा सारे सिक्के भगवान की ओर उछालूंगा भगवान को जितने लेने होंगे रख लेंगे ,बाकि के ज़मीन पर गिरे मैं रख लूंगा और फिर 21 दिनों में पैसा डबल करने वाली स्कीम में लगाऊंगा “.

राजू , श्याम और बाबू राव ठहाके लगा के हॅसने लगे – “हाहाहाहाहा ” ,

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Note : दोस्तों आशा करती हूँ आपको यह पोस्ट Short Stories for Kids in Hindi अच्छी लगी होगी। अगर आप ऐसी ही मजेदार कहानिया , moral stories in hindi , hindi short story for kids और panchtantra story in hindi for children जैसी कहानिया पढ़ना चाहते है तो हमे Email पर Subscribe करे। पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करे , धन्यवाद !!

भगवान राम से सीखने चाहिए यह गुण – How to Develop Personality in Hindi

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How to Develop Personality in Hindi
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How to Develop Personality in Hindi- भगवान राम से सीखने चाहिए यह गुण : श्री राम जी सनातन (हिन्दू) धर्म के पूज्य भगवान है। हम ऐसे देश में रहते है जहाँ हम सभी ने बचपन से ही श्री राम जी के बारे के कई किस्से – कहानिया सुने है, सन् 1987 में दूरदर्शन में रामायण सीरीज का प्रसारण किया गया था जिसे लोगो ने बहुत ही ज्यादा पसंद किया था। भगवान श्री राम जी हमारे पूजनीय है, हम उनकी पूजा तो करते ही है लेकिन हमे इसके साथ – साथ राम जी के गुणों को अपनाना चाहिए जिससे हमारा जीवन सर्वश्रेष्ठ बने।

आज हम जानेंगे श्री राम के गुणों के बारे में, जिसे हम अपने जीवन में उतार कर अपने अंदर की बुराइयों को ख़त्म कर अपनी Personality को Develop कर सकते है।

व्यक्तिगत विकास के टिप्स जानिए श्री राम जी से –

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आज्ञाकारी

रानी कैकयी ने राजा दशरथ की दो बार जान बचाई थी , इसलिए रानी कैकयी को राजा दशरथ ने दो वरदान दिए थे की वे अपना वर कभी भी मांग सकती है। रानी कैकयी चाहती थी कि उनका पुत्र भरत राज्य का राजा बने और इसलिए उन्होंने राजा दशरथ द्वारा राम जी को 14 वर्ष का वनवास दिलवाया। राजा दशरथ वचनो में बंधे होने के कारण यह वचन स्वीकार करने पड़े।

राम जी ने एक आदर्श पुत्र की भांति अपने पिता की बात को खुशी से स्वीकारा , उनकी आज्ञा का पालन किया और पत्नी सीता एवं भाई लक्ष्मण के साथ चौदह वर्षो के लिए वनवास चले गए।

धैर्य

हमे भगवान से धैर्य का गुण सीखना चाहिए , जब राम जी को पता चला उनकी पत्नी सीता का हरण हो चूका है , और उस वक़्त उन्हें यह भी नहीं पता था की सीता जी को कौन और कहाँ ले के गया है। लेकिन ऐसी स्थिति में भी राम जी ने अपना धैर्य नहीं खोया। उन्होने शांत दिमाग से खोज शरू की और सब कुछ पता लगाया और आख़िरकार उन्होंने सीता जी को खोज निकला।

इसी तरह हमे भी अपने जीवन में धैर्य का गुण लाना चाहिए। जब भी हमारे जीवन में परेशानी आये हमे धैर्य से काम लेना चाहिए। क्योकि चिंता , गुस्से और घबराहट से बनते हुए काम भी बिगड़ जाते है।

कर्म

श्री राम जी भगवान विष्णु के अवतार थे उन्होंने त्रेता युग में राम जी का अवतार लिया था, राम चाहते तो चुटकियो में सब कुछ कर सकते थे। लेकिन उन्होंने अपना कर्म निभाया , अपने पिता की आज्ञा का पालन किया, 14 वर्षो के लिए वनवास गए , सीता जी कहाँ पर है पता लगाया और रावण से युद्ध भी किया।

हमे राम जी से यह बिलकुल सीखना चाहिए कर्म के बिना हम कुछ नहीं कर सकते। हम अपना कर्म करेंगे तभी हमे उसका फल प्राप्त होगा ना की शॉर्टकट तरीके अपनाने से।

शांत चित्त

श्री राम जी के जीवन काल में अनेको परेशानिया आयी लेकिन उन्होंने अपना चित्त (मन) शांत रखा। कहाँ राम जी महलों में रहने वाले थे अयोध्या के राजा बनने वाले थे , लेकिन सुबह उन्हें 14 वर्षो का वनवास मिला। वन में उन्हें खाने को कंद – फूल ही मिलते ना कोई सुख सुविधा होती। और वहाँ सीता जी का हरण भी हुआ ऐसी कठोर स्थिति में भी श्री राम जी ने अपने मन को शांत रखा, इसीलिए कहा जाता है शांत चित्त से ही संकल्प और विकल्प बनते है। हमे राम जी के इस गुण शांत चित्त को जरूर अपनाना चाहिए।

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विपत्ति में संयम रखना (know how to develop your personality in hindi )

जब भी हमारे जीवन में परेशानी आती है हम चीखने – चिल्लाने लगते है , हम Solution ढूंढ़ने की जगह चिंता और शोक में डूब जाते है। बल्कि उस वक़्त तो हमे धैर्य से काम लेना चाहिए , अपने मन को शांत कर हमे सोचना चाहिए और कर्म करना चाहिए की परेशानी कैसे दूर हो। कैसी भी विपत्ति या परिस्थिति हो हमे संयम बनाए रखना चाहिए।

आदर्श

राम जी आदर्श पुत्र , पति , भाई , शिष्य, सेवक, मित्र तो थे ही लेकिन उनमे आदर्श शत्रु का भी गुण था। एक ऐसा प्रसंग आता है जिसमे बताया गया है – जब रावण का वध हुआ वह विरगति को प्राप्त हो गए। तो भगवान राम ने , रावण के भाई विभीषण से कहा – ” हे विभीषण जाओ , पंडित वीर रावण की अग्नि संस्कार विधि सम्पन्न करो “.

इस पर विभीषण कहते है – ” मैं ऐसे दुराचार , पापी का अग्नि संस्कार नहीं करूँगा।

श्री राम जी कहते है – ” विभीषण , व्यक्ति मर गया तो शत्रुता भी मर जानी चाहिए, अभी जैसे बड़े भैया का , एक श्रेष्ठ राजा का अग्नि संस्कार किया जाता है उसी प्रकार करो “।

जो शत्रु के प्रति भी द्वेष नहीं रख सकते ऐसे है श्री राम , हमे राम जी यह गुण जरूर सीखना चाहिए।

अच्छे प्रबंधक

श्री राम जी से हमे अच्छे प्रबंधक (management) और एक अच्छे Team Leader के गुण जरूर सीखने चाहिए। कैसे राम जी ने युद्ध के लिए इतनी बड़ी सेना तैयार की , वे चाहते तो अपने पिता राजा दशरथ और भाइयो से कह सकते थे सेना के लिए उन्हें बड़ी से बड़ी सेना मिल जाती। लेकिन उन्होंने खुद ही इतनी बड़ी सेना तैयार की और बुराई पर अच्छी की जीत के मिसाल बने। राम जी अपने राज्य को भी बहुत अच्छे से manage करते थे। इसलिए जब भी कभी अच्छे राज्य का Example देना होता है तो रामराज्य कहा जाता है

How to Improve or Develop Your Personality in Hindi

तो दोस्तों ये थे वो गुण जो हमे भगवान श्री राम से सीखने चाहिए, अगर हम यह गुण अपनाये तो हमारी Personality में चार चाँद लग जायेंगे। आशा करती हूँ आपको हमारी यह पोस्ट भगवान राम से सीखने चाहिए यह गुण – How to Develop Personality in Hindi . अगर आपको अच्छी लगी तो ज्यादा से ज्यादा शेयर करे , धन्यवाद !


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Swami Vivekananda Biography in Hindi- स्वामी विवेकानंद का जीवन परिचय

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Swami Vivekananda Biography in Hindi- स्वामी विवेकानंद का जीवन परिचय : स्वामी विवेकानंद जी की गिनती भारत के महान महापुरुषों में होती है।

उठो जागो ! लक्ष्य पर पहुँचने से पहले रुको नहीं ।

यह कथन स्वामी विवेकानंद जी का बहुत ही प्रसिद्ध कथन है। Swami Vivekananda जी ने यह सन्देश पुरे विश्व भर में गंभीरता से दिया। स्वामी जी ने राजयोग तथा ज्ञानयोग जैसे ग्रंथो की रचना कर सभी को नयी राह दिखाई। अद्भुत एवं तेज़स्वी प्रतिभा वाले swami Vivekananda जी ने विश्व को ऐसे प्रभावित करने वाले विचार और सफलता के सिद्धांत बताये अगर इन्हे अपने जीवन में उतारा जाये तो सफलता जरूर हासिल होगी। तो चलिए जानते है प्रतिभाशील swami Vivekananda जी का जीवन परिचय .

Swami Vivekananda Biography in Hindi – स्वामी विवेकानंद जी के बारे में

Swami Vivekananda Biography in Hindi
Swami Vivekananda
विषय  जानकारिया 
पूरा नाम नरेन्द्रनाथ दत्त
जन्म12 जनवरी 1863
जन्म स्थानकलकत्ता ( पश्चिम बंगाल )
पिता विश्वनाथ दत्त
माताभुवनेश्वरी देवी
घरेलु नाम नरेंद्र और नरेन
धर्महिन्दू
राष्ट्रियताभारतीय
गुरु का नामरामकृष्ण परमहंस
शिक्षा1884 में बी.ए परीक्षा उत्तीर्ण
विवाहविवाह नहीं किया
संस्थापक रामकृष्ण मठ , रामकृष्ण मिशन
दर्शनआधुनिक वेदान्त , राजयोग
प्रसिद्ध कथन उठो जागो ! लक्ष्य पर पहुँचने से पहले रुको नहीं ।
अन्य महत्वपूर्ण काम न्यूयोर्क में वेदान्त सिटी की स्थापना , कैलिफ़ोर्निया में शांति आश्रम और भारत में अल्मोड़ा के पास “अद्धैत आश्रम की स्थापना।
मृत्यु तिथि4 जुलाई , 1902
मृत्यु स्थान बेलूर (पश्चिम बंगाल ) भारत

Swami Vivekananda History – स्वामी विवेकानंद जी का जीवन परिचय

स्वामी विवेकानंद जी ने अपने उच्च विचारो , आध्यात्मिक ज्ञान और सांस्कृतिक अनुभवों से हर किसी को प्रभावित किया। उन्होंने सिर्फ भारत ही नहीं पुरे मानवता का गौरव बढ़ाया। Swami Vivekananda जी वेदांत के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे।

Swami Vivekananda जी को बचपन में सभी नरेंद्र के नाम से पुकारते थे। नरेंद्र हमेशा से ही जिज्ञासु प्रवृति के थे , वे ईश्वरीय सत्ता और धर्म को शंका की नज़र से देखते थे, लेकिन जैसा की उनमे जाने की इच्छा थी तो वे इसे समझने और अपनी शंका की दृष्टि को दूर करने के लिए ब्रम्हसमाज में गए , वहाँ उन्हें संतुष्टि नहीं मिली फिर वे 17 वर्ष की आयु में कोलकाता (दक्षिणेश्वर)में गुरु रामकृष्ण परमहंस जी के संपर्क में आये और उन पर गुरु जी का गहरा प्रभाव पड़ा और नरेंद्र ने उन्हें अपना गुरु बना लिया।

सन् 1893 में अमेरिका के शिकागो शहर में विश्व धर्म सम्मेलन हुआ। जहाँ स्वामी विवेकानंद जी ने भारत के प्रतिनिधत्व में भाषण पेश किया। भाषण की शुरुवात उन्होंने ” मेरे अमेरिकी भाइयों और बहनो “ से की जो की उन्होंने भारत की संस्कृति को पेश करते हुए कहे थे। उनका शिकागो भाषण बहुत ही प्रसिद्द हुआ, उनसे कई भाषण कराये गए। स्वामी विवेकानंद जी ने रामकृष्ण मठ एवं रामकृष्ण मिशन की स्थापना भी की जो आज भी भारत में सफलता पूर्वक चल रहे है।

Swami Vivekananda Full Information in Hindi – स्वामी विवेकानंद जी का शुरुवाती जीवन

Swami Vivekananda Date of Birth – स्वामी विवेकानंद जी का जन्म 12 जनवरी , 1863 ई. में कोलकाता के एक बंगाली परिवार में हुआ था। स्वामी जी का पूरा नाम नरेंद्रनाथ दत्त , उनके पिता का नाम विश्वनाथ दत्त और उनकी माता जी नाम भुवनेश्वरी देवी था। स्वामी विवेकानंद जी को बचपन में नरेंद्र के नाम से जाना जाता था। वे बचपन से भी एक मधुर , प्रफुल्ल और चंचल बालक थे। उनका छोटी आयु से ही आध्यत्म की ओर झुकाओ था, बचपन से ही उनके अन्दर भगवान को जानने और ईश्वर को पाने की लालसा दिखने लगी थी।

नरेंद्र के पिता नरेंद्रनाथ दत्त जी उस समय कोलकाता हाई कोर्ट के प्रतिष्ठित एवं सफल वकील थे। और इसी के साथ उनकी अंग्रेजी एवं फ़ारसी भासा की पकड़ भी काफी थी।

और वही विवेकानंद जी की माता भुवनेश्वरी देवी जी धार्मिक प्रवृति की महिला थी। अधिकांश समय उनका भगवन शिव जी की भक्ति में व्यतीत होता। उन्हें धार्मिक ग्रंथो , पुराणों , ग्रंथो जैसे – रामायण , महाभारत आदि का अच्छा ज्ञान था। वे बहुत ही प्रतिभाशाली और गुणवान महिला थी इन सब के साथ – साथ उन्हें अंग्रेजी भाषा का भी ज्ञान था।

माता भुवनेश्वरी देवी जी

स्वामी विवेकानंद जी पर उनकी माता की छत्रछाया का इतना गहरा प्रभाव पड़ा की वे घर पर ही ध्यान में लीन हो जाया करते। इसी प्रकार उन्होंने अपनी माँ से भी शिक्षा प्राप्त की। उनके माता – पिता की अच्छी सीख , विचारो संसकारो और अच्छी परवरिश का उनपर गहरा प्रभाव पड़ा और इसी कारण स्वामी जी को भी उच्च कोटि की सोच मिली।

कहा जाता है नरेंद्र बचपन से ही तेज़ बुद्धि के और नटखट बालक थे। वे अपनी बहनो को भी चिढ़ा कर परेशान किया करते थे। जब भी नरेंद्र शरारत करते , उनकी माता जी केवल एक ही चीज़ करती। मुँह से शिव नाम का जप करते हुए , उनके सिर पर दो – चार बर्तन ठंडा पानी डालती थी। उसके बाद नरेंद्र शांत हो जाते।

जैसे – जैसे वे युवा अवस्था की और बढ़ने लगे उनका धर्म और आध्यात्म की ओर रुझान बढ़ने लगा। वे अक्सर भगवान की तस्वीरो जैसे – शिव जी , राम सीता जी के सामने ध्यान लगाकर साधना करते थे। साधु – संतो और संन्यासियों की बातो से वे बेहद प्रभावित होते।

और समय के साथ उनका धर्म, आध्यत्मिक क्षेत्र की ओर ध्यान बढ़ता गया और फिर विवेकानंद जी ने दुनियाभर में ध्यान , अध्यात्म , राष्ट्रवाद , संस्कृति को बढ़ावा दिया और वे नरेंद्र से स्वामी विवेकानंद बन गए।

Swami Vivekananda Education – स्वामी विवेकानंद जी की शिक्षा

  • सन् 1871 में , नरेंद्र दाखिला ईश्वर चंद्र विद्यासागर के मेट्रोपोलिटन संसथान में कराया गया जहाँ वे स्कूल गए ,तब उनकी आयु आठ वर्ष थी।
  • सन् 1877 में किन्ही कारणों से उनका परिवार कलकत्ता छोड़ , रायपुर चला गया।
  • जब वे सन् 1879 में कलकत्ता वापस आये , नरेंद्र एक मात्र विद्यार्थी थे , जिन्होंने प्रेसीडेन्सी (Presidency) कॉलेज प्रवेश परीक्षा में प्रथम डिवीज़न अंको से पास हुए थे।
  • वे दर्शन , धर्म , इतिहास , समाजिक विज्ञान, कला और साहित्य जैसे विषय बड़े उत्साह से पढ़ते थे।
  • और साथ ही वेदो , पुराणों , उपनिषद, रामायण , महाभारत , भगवद गीता एवं अनेको हिन्दू शास्त्रों में उनकी गहन रूचि थी।
  • नरेंद्र ने भारतीय शास्त्रीय संगीत में भी परीक्षण लिया था। और वे नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम में एवं खेलो में भी भाग लिया करते थे।

बल , बल यह वो है जिसकी हमे जीवन में बहुत जरूरत है।

  • नरेंद्र ने पश्चिमी तर्क , पश्चिमी दर्शन और यूरोप इतिहास का अध्ययन General Assembly’s Institute (अब Scottish Church College के नाम से जाना जाता है। ) में किया।
  • फिर सन् 1881 में उन्होंने ललित कला की परीक्षा पास की , और सन् 1884 में कला की स्नातक डिग्री पूरी की।
  • सन् 1884 में स्वामी विवेकानंद जी को एक दुःखद समय से गुजरना पड़ा , क्योकि इस समय उनके पिता की मृत्यु हो गयी और उनके ऊपर 9 भाई – बहनो की जिम्मेदारी आ गयी , लेकिन वे इस मुश्किल घड़ी में घबराये नहीं , मुसीबतों के सामने वे डट कर खड़े रहे और अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया।
  • स्वामी विवेकानंद जी ने David Hume , Immanuel Kant , Johann Gottlieb Fichte , Baruch Spinoza , Goerg W.F Hegel , Arthur Schopenhauer , Auguste Comte , John Stuart Mill और Charles Darwin के कामो का अध्ययन किया। उन्होंने स्पेंसर एजुकेशन (1860) का बंगाली में अनुवाद किया।
  • वे Herbert Spencer के विकासवाद से बहुत प्रभावित थे। उन्होंने उनके विचारो का गहन अध्ययन किया और अपने विचारो से लोगो को नयी राह दिखाई।
  • जैसा की विवेकानंद जी बचपन से ही जिज्ञासु और ईश्वर को पाने की लालसा रखते थे। इसी कारण उनका रुख ब्रह्मसमाज की ओर हुआ। वे सत्य को पहचानने के लिए ब्रह्मसमाज के नेता महर्षि नाथ ठाकुर के संपर्क में आये।

Swami Vivekananda की कहानिया (swami vivekananda biography in hindi)

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Swami Vivekananda और उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस –

Swami Vivekananda Biography in Hindi
रामकृष्ण परमहंस

स्वामी विवेकानंद जी के गुरु थे संत रामकृष्ण परमहंस , उनका गुरु शिष्य का रिश्ता 1884 नवंबर को शुरू हुआ। जब स्वामी विवेकानंद जी पहली बार संत रामकृष्ण परमहंस से सुरेन्द्रनाथ मित्रा ( संत रामकृष्ण परमहंस जी के भक्त ) के घर पे मिले थे। उस पहली भेंट में विवेकानंद जी ने एक गीत गया जिसे सुनकर संत रामकृष्ण परमहंस मंत्रमुग्द हो गए। नरेन्द्रनाथ (स्वामी विवेकानंद ) भी संत रामकृष्ण परमहंस की बातों से बहुत प्रभावित हुए। संत रामकृष्ण परमहंस ने नरेंद्रनाथ को दक्षिणेश्वर आने का प्रस्ताव दिया।

दक्षिणेश्वर में मुलाकात : जब स्वामी विवेकानंद जी दक्षिणेश्वर गए तो बातचीत के दौरान ही उन्होंने संत रामकृष्ण परमहंस जी से पूछा कि क्या ईश्वर को देखा जा सकता है ? इसपर संत रामकृष्ण परमहंस जी कहा – हाँ बिलकुल देखा जा सकता है जैसे मैं तुम्हे देख सकता हूँ , लेकिन इस दुनिया में ऐसा करना कौन चाहता है यह कोई पुत्र प्राप्ति के लिए रोता है तो कोई धन – दौलत के लिए ईश्वर की प्राप्ति के लिए कौन रोता है ? वे समझ गए संत रामकृष्ण परमहंस जी ही उनकी जिज्ञासा को शांत कर सकते है। और इसी तरह उन्होंने रामकृष्ण परमहंस जी को अपना गुरु बना लिया और उन्ही के दिखाए मार्ग पर चले।

सन् 1885 में संत रामकृष्ण परमहंस जी कैंसर से पीड़ित हो गए और इस समय विवेकानंद जी ने अपने गुरु की सेवा सच्चे भाव , श्रद्धा और निष्ठा के साथ की और इस तरह गुरु और शिष्य का रिश्ता गहरा होता चला गया।

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Establish of Ramakrishna Mission – रामकृष्ण मठ की स्थापना

गुरु रामकृष्ण परमहंस की मृत्यु के बाद नरेन्द्रनाथ ( स्वामी विवेकानंद ) ने वराहनगर में रामकृष्ण संघ की स्थापना की , परन्तु बाद में इसे रामकृष्ण मठ का नाम दिया गया। रामकृष्ण स्थापना के बाद नरेंद्रनाथ ने सन्यास ले लिया और यही से नरेन्द्रनाथ स्वामी विवेकानंद बने।

Swami Vivekananda Travels in India – स्वामी विवेकानंद का भारत भ्रमण

महज 25 वर्ष की आयु में ही स्वामी विवेकानंद जी ने गेरुआ (भगवा )वस्त्र धारण कर लिए थे और पैदल ही उन्होंने भारत वर्ष की यात्रा की , पैदल यात्रा के दौरान वे अयोध्या , वाराणसी , आगरा , वृंदावन समेत कई जगहों पर भ्रमण किया।

इसी तरह वे अलग – अलग लोगो के बीच रुके वहाँ से सम्बंधित जानकारी ली और जातिवाद , भेद – भाव , उच्च नीच जैसी कुरीतियों को जाना, और उस पर काम भी किया। और फिर 23 दिसंबर 1892 को स्वामी विवेकानंद जी कन्याकुमारी पहुँचे , जहाँ उन्होंने तीन दिन तक गहरी समाधि ली। वहाँ से वापस लौटने के बाद वे राजस्थान के आबू रोड में अपने एक गुरु भाई स्वामी ब्रह्मनंद और स्वामी तुर्यानन्द से मिले।

उन्होंने यह अपने गुरु भाइयो से यात्रा के दौरान हुई वेदना प्रकट की उन्होंने इस यात्रा में देश और लोगो के दुःख और गरीबी को समझा। यह सब से स्वामी विवेकानंद जी बेहद दुखी हुए , और फिर इन सब की मुक्ति के लिए उन्होंने अमेरिका जाने का फैसला लिया।

Swami Vivekananda Chicago Speech

Swami Vivekananda Chicago Speech

सन् 1893 में अमेरिका के शिकागो शहर में विश्व धर्म सम्मेलन हुआ। जहाँ स्वामी विवेकानंद जी ने भारत के प्रतिनिधत्व में भाषण पेश किया। सम्मेलन के दौरान सभी धर्मगुरुओं ने अपनी धर्म की किताबें रखी वही, भारत ओर से धर्म के वर्णन के लिए श्रीमद भगवत गीता रखी गयी। शुरू में लोगो ने मज़ाक उडाया पर जब स्वामी विवेकानंद जी ने अपने अध्यात्म ज्ञान से भरा भाषण शुरू किया ” मेरे अमेरिकी भाइयों और बहनो “ कहते हुए तब सभा घर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा , स्वामी विवेकानंद जी का शिकागो भाषण बहुत प्रसिद्ध हुआ। अमेरिका में भी स्वामी विवेकानंद जी के कई शिष्य बने।

Swami Vivekananda Death – स्वामी विवेकानंद जी की मृत्यु

4 जुलाई 1904 को पश्चिम बंगाल के बेलूर में स्वामी विवेकानंद जी की मृत्यु हो गयी उस समय उनकी आयु महज 39 वर्ष थी। उनके शिष्यों का कहना था की उन्होंने महासमाधि ली थी , उन्होंने यह भविष्यवाणी भी की थी की वे 40 वर्ष से ज्यादा नहीं जीयेंगे और यह सही साबित हुई। महापुरुष स्वामी विवेकानंद जी का अंतिम संस्कार गंगा नदी के तट पर किया गया था।

Swami Vivekananda Famous Books in Hindi-

स्वामी विवेकानंद जी की प्रसिद्ध पुस्तके हिंदी में , अगर आप स्वामी विवेकानंद जी ( Swami Vivekananda Biography in Hindi ) के बारे में और जानना चाहते है उनकी सफलता के सिद्धांत जनना चाहते है तो नीचे हमने Link दी है आप वहाँ से यह किताबे खरीद सकते है।

  1. कर्मयोग

2 . स्वामी विवेकानंद जीवन और विचार

3 . ध्यान तथा इसकी पध्दतियाँ

Swami Vivekananda Jyanti – स्वामी विवेकानंद जयंती

स्वामी विवेकानंद जी जन्म तिथि 12 जनवरी को पूरे भारत में राष्ट्रीय युवा दिवस – National Youth Day के रूप में मनाया जाता है। ऐसी महान शख्सियत को हम कोटि – कोटि प्रणाम करते है।

Note : दोस्तों आपको यह जानकारी Swami Vivekananda Biography in Hindi अच्छी लगी हो तो शेयर जरूर करे। अगर हमसे किसी जानकारी में त्रुटि हो गयी हो तो कृपया कमेंट कर हमे बताये। हम उसे Update कर देंगे।

Information Source: Wikipedia (Swami Vivekananda Biography in Hindi )

Career in Psychology in India – साइकोलॉजी में करियर कैसे बनाये

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Career in Psychology in India – साइकोलॉजी में करियर कैसे बनाये :

आज के आधुनिक समय में लोगो के अंदर चिंता , तनाव (Stress), अकेलापन , डिप्रेशन (Depression) जैसी समस्या समय के साथ बढ़ती जा रही ही, और ऐसे में साइकोलॉजी में करियर की सम्भावनाये भी बढ़ रही है।

अगर आप भी चाहते है साइकोलॉजी में अपना करियर (Career in Psychology in India ) बनाना , तो आज हम आपको बताएंगे Psychology (साइकोलॉजी) के Best Course .

मनोविज्ञान क्या है | What is Psychology in Hindi .

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मनोविज्ञान (Psychology) : मनो (Psycho) अर्थात ” मन या आत्मा ” का विज्ञान(logy) या ” अध्यन्न ” मन का विज्ञान

मनोविज्ञान (Psychology) एक ऐसा अध्यन्न (विज्ञान) है जिससे व्यक्ति के मन , व्यहवार ,सोच – विचार आदि से उसकी मनोदशा का अध्यन्न कर इलाज किया जाता है।

मनोविज्ञान ( Psychology) और मनोचिकित्स्क ( Psychiatrist ) में अंतर –

मनोविज्ञान (Psychology) – मनोविज्ञान में मानसिक रोगी का उपचार Counselling अथवा संशोधन के माध्यम से किया जाता है।

मनोचिकित्स्क (Psychiatrist ) – मनोचिकित्स्क में मानसिक रोगी का उपचार दवाइयों से ठीक किया जा सकता है इसलिए इस पर फोकस किया जाता है।

How to become Psychologist in India – साइकोलॉजी में करियर ( Course and Career in Psychology )

Course and Career in Psychology | Education Qualification –

1 . BA ऑनर्स इन साइकोलॉजी ( 3 वर्ष ).
2 . MA/M.sc इन साइकोलॉजी (2 वर्ष ).
3. PG डिप्लोमा इन साइकोलॉजी ( 2 वर्ष ).

BA ऑनर्स इन साइकोलॉजी में दाखिले के लिए 12 वी में 55 % अंको के साथ पास होना अनिवार्य है। इसके अलावा आप PG /Diploma भी कर सकते है जिसके लिए 55 % अंको के साथ Psychology में graduate degree होना जरुरी है और PhD करने के लिए 55 % अंको के साथ Psychology में Post Graduate होना अनिवार्य है।

Best Career and Course in Psychology in India –

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Best Course of Psychology.

Consumer Psychology (उपभोगता मनोविज्ञान )- जब भी कोई कंपनी बाजार में नया Product Launch करती है तो Launch होने से पहले Consumer Survey करवाती है और उपभोगताओं के टेस्ट , पसंद – नापसन्द , जरूरतों को परखने का प्रयास इन्ही Specialist के विश्लेषण के आधार पर किया जाता है।

Social Psychology (सामाजिक मनोविज्ञान )- सामाजिक मनोविज्ञान में समाज से जुड़े मुद्दों पर काम किया जाता है जैसे – नशा मुक्त कराना , समाजिक तनाव एवं अपराधों को दूर करना , पारिवारिक झगड़े आदि। इनकी सेवाए NGO , सरकारी सामाजिक कल्याण विभाग , और कई समाजिक कल्याण समिति एजेंसी द्वारा लिया जाता है। आप इससे जुड़ कर कई बड़े सामाजिक मुद्दों पर काम कर सकते है।

Industrial Psychology(औधोगिक मनोविज्ञान )- कर्मचारियों की चयन प्रक्रिया में औधोगिक psychologist की अहम भूमिका होती है। इनका Role इंटरव्यू में आये आवेदकों के Behavior , Personality का आलंकन करना होता है।

Psychologist banne ke Liye Kya kare –

How To Become Psychologist in India.
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एक सफल साइकोलोजिस्ट बनने के लिए आपमें आत्मविश्वास , बोलने की कला और दुसरो की बातें सुनने समझने की योग्यता , केयरिंग , अपनी बात दुसरो को समझाने की कला , धैर्यशील , अच्छा स्वाभाव होना चाहिए। क्योकि counselling के लिए कई तरह के clients आते है। आपको उनकी परेशानी दिल से समझनी होगी।

Institute of psychology in India

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Team Leader Qualities – लीडर के लिए जरुरी नही करिश्माई व्यक्तित्व का होना

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Team Leader Qualities
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Team Leader Qualities – लीडर के लिए जरुरी नही करिश्माई व्यक्तित्व का होना :

दोस्तों आज हम चर्चा करेंगे Team Leader पर , Team Leader को बहुत करिश्माई या प्रतिभाशाली होना जरुरी नहीं है। ऐसे बहुत से लोग है जो अपने काम के समर्पण से ही दुसरो को प्रेरित कर देते है। फ्रेंक्लिन डेलानो रूज़वेल्ट ( अमेरिका के 32वें राष्ट्रपति थे। ) कहते है। एक लीडर के लिए सबसे बड़ा डर यह है कि वह पीछे मुड़ कर देखे और पाये कि कोई उसका अनुसरण (follow) नहीं कर रहा, किसी भी Leader को इस परिस्थिति से बचना चाहिए ,आइये जाने एक अच्छे Team Leader की Qualities क्या होनी चाहिए।

Qualities of Good Team Leader

Team Leader Qualities
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धैर्य (Patience )

अगर आप सच में एक अच्छे Team Leader बनना चाहते है तो ,आप में धैर्य और सहनशीलता अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। धैर्य अच्छे लीडर्स एवं सफल व्यक्तियो की एक विशिष्ट विशेषता है। याद रखिये कि ज़िन्दगी एक संघर्षपथ की तरह है। संघर्ष के बीच अपनी राह बनाने के लिए एक अच्छे Leader में यह गुण अनिवार्य रूप से होना चाहिए।

धैर्य व्यक्ति को कठोर से कठोर परिस्थिति में सहनशीलता प्रदान करती है। यह व्यक्ति को क्रोध, नकारत्मकता, घबराहट से भी बचाती है , मन को स्थिर रखती है। धैर्य Team Leader के personality को ऊँचा उठाने का एक उत्तम गुण है। धैर्यवान व्यक्ति विषम परिस्थितयों में भी मानसिक संतुलन बना कर, शांतचित से सरल मार्ग खोज लेता है।

” धैर्य कड़वा है , लेकिन उसका फल मीठा है। “

आत्मविश्वास ( Self-Confidence )

Team Leader के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। लीडर में आत्मविश्वास होगा तभी वह अपनी बातों से दुसरो को प्रेरित कर पायेगा। Team Leader जब आत्मविश्वास से भरा होगा , तभी टीम के सदस्य उसकी बातों को महत्व देंगे।

” आत्म – विश्वास के बिना किसी कार्य में सफल होने की कल्पना , खुद को धोका देने के समान है। “

Read This : जानिए आप कैसे बढ़ा सकते है अपना आत्मविश्वास (self-Confidence )

संवाद कुशल ( Communicative )

एक अच्छे लीडर का Communicative होना भी बहुत जरुरी है। वह Communicative होगा , तभी अपनी Team के करीब होगा। कई बार देखा गया है कि संवाद की कमी के कारण छोटी – छोटी परेशानिया बड़े संकट में तब्दील हो जाती है। Leader का यह गुण बड़े संकट को आने से रोकेगा।

विनम्रता (Humility)

विनम्रता एक ऐसा हथियार है , जो किसी भी मुश्किल को आसान कर देता है। यह ना हो तो, छोटा काम भी अटक सकता है। यह गुण दुसरो को करीब लाता है। विनम्रता से वो काम भी बन जाते है जो कठोरता से नहीं बन पाते। इसलिए एक टीम लीडर को चाहिए की वह अपने स्वाभाव को विनम्र रखे।

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एक Team Leader की अपनी टीम से उम्मीद एवं आशाएं होती है की उसकी टीम इस टास्क को अच्छे से पूरा करे , अच्छी Performance दे। जब भी आप किसी से उम्मीद रखे तो अपनी वाणी में विनम्रता अवश्य रखे।

” विनम्रता अर्थात प्रगति “

साहस ( Courage)

एक अच्छे लीडर में साहस का गुण होना ही बहुत जरुरी है , अगर लीडर साहसी होगा तभी वह बड़े से बड़ा और risky Decision लेने से घबरायेगा नहीं। अगर लीडर में साहस होगा तभी वही अपने team members को encourage कर पायेगा आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए। टीम लीडर जब साहसी होगा तो उसके team members भी उसे देख कर यह सीखेंगे और बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल करने में वे भी नहीं घबरायेंगे।

” भाग्य भी साहसी लोगो का साथ देता है। “

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Team Leader Qualities
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ज़िन्दगी बदलने वाले 30 विचार जरूर पढ़े

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Motivational Story in Hindi – प्रेरणादायक कहानिया बदल देगी सोच

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Motivational Story in Hindi – प्रेरणादायक कहानिया बदल देगी सोच :

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका आज की इस पोस्ट motivational story in hindi , आज मैं आपके साथ ऐसी तीन प्रेरणादायक कहानिया शेयर करने जा रही हूँ , जो प्रेरित करेंगी आपको जीवन में आगे बढ़ने के लिए। आज की कहानियो से हम जानेंगे कैसे लगन के साथ काम किया जाये तो सफलता निश्चित तौर से मिलती ही है। और भी अच्छी – अच्छी बातें जानेंगे हम इन छोटी कहानियों से। तो चलिए पढ़ते है आज की motivational story in Hindi पोस्ट।

लगन का फल

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Motivational Story in Hindi

उस बालक का मन विद्यालय में नहीं लगता था। विद्यालय में वह और छात्रों के द्वारा मंदबुद्धि कहलाता था। कक्षा में भी वह बालक सबसे पीछे रहता था , उसके अध्यापक भी उससे नाराज़ रहते थे। क्योकि उसकी बुद्धि का स्तर औसत से भी नीचे था। कक्षा में भी उसका प्रदर्शन हमेशा निराशाजनक ही होता था। अपने दोस्तों एवं सहपाठियो के बीच वह उपहास का विषय था। विद्यालय में वह जब की प्रवेश करता उस बालक पर चारों ओर से व्यंग और बाणो की बौछार सी होने लगती। इन सब बातों से परेशान हो कर , तंग आकर विद्यालय जाना ही छोड़ दिया।

एक दिन वह बालक मार्ग पर यूँ ही चलता हुआ जा रहा था। चलते हुए उसे ज़ोरो की प्यास लगी, वह इधर – उधर अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी तलाशने लगा। अंत में उसे एक कुआँ दिखाई दिया , वे वहाँ गया और अपनी प्यास बुझाई। वह चलता – चलता काफी थक गया था , इसीलिए पानी पीने के बाद वही बैठ गया , तभी उसकी नज़र पत्थर पर पड़े , उस निशान पर गयी. जिस पर बार – बार कुँए से पानी खींचने के कारण रस्सी के निशान पड़ गए थे। वह मन ही मन सोचने लगा की जब बार – बार कुँए से पानी खींचने से पत्थर पर निशान पड़ सकते है तो निरंतर अभ्यास से मुझे भी विद्या आ सकती सकती है।

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उसने अपने इस विचार को गांठ बांध लिया और पुनः विद्यालय जाना शुरू कर दिया। उसकी लगन देख कर अध्यापको ने भी उसका भरपूर सहयोग किया। उसने मन लगा कर कठिन परिश्रम किया। कुछ सालो बाद यही बालक महान विद्वान वरदराज के रूप में विख्यात हुए , जिन्होंने संस्कृत में मुग्धबोध और लघुसिद्धांत कौमुदी जैसे ग्रंथो की रचना की।

इस कहानी का अर्थ – ” अगर धैर्य , लगन और परिश्रम से कार्य किया जाये तो उन पर विजय प्राप्त कर अपने लक्ष्यों की प्राप्ति की जा सकती है। सामान्यता यह होता है की लोग बड़ी उत्सुकता से काम तो शुरू कर देते है परन्तु धैर्य खो देते है। लेकिन जो लोग लगन से काम करते रहते है। उन्हें सफलता अवश्य मिलती है। “

गुरु और शिष्य – Short Inspirational Story in Hindi

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बहुत समय पहले की बात है गंगा तट पर एक ऋषि का आश्रम था। उनके बहुत से शिष्य थे जिन्हे वे शिक्षा देते थे और अनेक गूढ़ विद्याओं का ज्ञान भी देते थे। उनके अनेको शिष्यों में उनके चार शिष्य उन्हें बेहद प्रिय थे। जब उनकी शिक्षा पूरी हुई तो गुरूजी ने चारो शिष्यों को बुला कर उनके ज्ञान के बारे में जानना चाहा की तुमने कितना ज्ञान प्राप्त कर लिया है।

गुरूजी ने अपने शिष्यों से कहा – ” मैंने तुमलोगो को बहुत सी विद्या सिखाई है। अब मैं यह देखना चाहता हूँ की तुमलोगो में से किसने ,कौन सी विद्या को सबसे ज्यादा पसंद किया। और किस विद्या के प्रयोग पर तुम्हे सबसे ज्यादा प्रसन्नता हुई है। इस पर उनका पहला शिष्य बोला – ” गुरूजी मैंने आपकी सिखाई सभी विद्याओ में से मंत्र फुक कर आग बुझाने वाली विद्या पर सबसे ज्यादा ज़ोर दिया है। वे मुझे अच्छी तरह याद है और मैं इसका कभी भी प्रयोग कर सकता हूँ , बाकि मुझे खास याद नहीं है।

दूसरा शिष्य बोला – ” गुरूजी मैंने पानी पर चलने की विद्या को सिखने और प्रयोग पर ज़ोर दिया है। और अब मैं इस पर माहिर हो गया हूँ , आप कभी भी मेरी परीक्षा ले सकते है। उनका तीसरा शिष्य बोला – ” गुरूजी मैंने तेज़ आंधी को मंत्र के द्वारा बस में करने की कला अच्छे से सीख ली है। मैं इसमें किसी को भी मात दे सकता हूँ। “

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उनके चौथे शिष्य ने कहा – ” गुरूजी मेरी रुचि इन चीज़ो में नहीं रही… मैं सिर्फ मन को बस में रखने की कला ठंग से सीख पाया हूँ…और मैंने इसी पर अतिरिक्त परिश्रम किया है। मुझे लगता है हमलोग मन को नियंत्रण में रख कर ही जीवन को अच्छे और सामान्य रूप से जी सकते है। “

अपने चौथे शिष्य की बात सुनकर ऋषि बहुत प्रसन्न हुए और उससे कहा – ” पुत्र वास्तव में तुमने ही सभी विद्याओं एवं शिक्षा की जड़ को पकड़ लिया है।”

कहानी का आशय है – किसी भी विद्या में महारत हासिल करने के लिए सबसे पहले मन की गति को नियंत्रण करना सबसे ज्यादा आवयश्यक है। जिसने मन की गति पर अधिकार कर लिया समझ लो वह सभी तरह के मोह और लोभ को जीत लेगा। जो सुखी जीवन के लिए जरुरी है।

समस्या का समाधान

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एक व्यक्ति जिसका भरा पूरा परिवार था। उसके परिवार में उसके माता -पिता , पत्नी बच्चे सभी थे उसका अच्छा खासा व्यवसाय भी था। लेकिन वो बड़ा परेशान रहता था , उसके जीवन में परेशानी आती वह उसे हल करता की दूसरी परेशानी फिर आ जाती। वो सोचता था भगवान ने मेरे साथ ही ऐसा क्यों किया है मैं ही क्यों परेशान होता हूँ। उसने अपने घर वालो से पूछा , अपने माता – पिता से पूछा।

उनके घर वालो और माता – पिता ने यही कहा – ” परेशानी आ रही है तो समाधान भी आपको ही करना है कोई दूसरा आ कर तो नहीं हल करेगा। ” लेकिन वह किसी के भी जवाब से संतुष्ट नहीं होता था। एक दिन उस व्यक्ति के गांव में एक संत आये। तो उसके घर वालो ने कहा – जाओ उनके पास हो सकता है आपको अपनी समस्या का समाधान मिल जाये।

वो संत के पास गया सारा दिन प्रवचन सुना , शाम को उनके पास गया और कहा महाराज – मैं एक परिवार वाला व्यक्ति हूँ , मैं अपना व्यापार भी करता हूँ कैसे अपने जीवन की गाड़ी को आगे बढ़ा रहा हूँ दो वक़्त की रोटी कमाता हूँ , लेकिन मुझे लगता है सबसे ज्यादा परेशान भी मैं ही हूँ, सबसे ज्यादा समस्या मेरे ही साथ है। ऐसा मेरे ही साथ क्यों होता है। मैं एक समस्या का हल ढूंढ़ता हूँ तो दूसरी आ जाती है। दूसरी का ढूंढ़ता हूँ तो तीसरी खड़ी हो जाती है।

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महाराज मंद – मंद मुस्कुराये और उसे कहा – ” मैं आपका जवाब अभी नहीं दे सकता आप रात को आकर मिले। ” अब परेशान क्या ना करता वो व्यक्ति फिर रात पहुँचा महाराज जी के पास गया और कहने लगा – ” महाराज आपने क्या सोचा “

महाराज कहने लगे किस बात का , उन्होंने कहा मैंने आपसे एक सवाल किया था की मैं बहुत परेशान रहता हूँ , मेरे जीवन में बहुत समस्या हैं , मैंने इस समस्या का समाधान पूछा था। “

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महाराज जी ने कहा अच्छा याद आया लेकिन मैं इस वक़्त बहुत थक गया हूँ। तुम सुबह मिलो तो शायद तुम्हे समस्या का समाधान मिल गए। अब बेचारा परेशान था क्या करता उसने सोचा सुबह तक तो समस्या का अंत होना ही है तो यही रुक जाते है। तो उसने महाराज जी से कहा – अगर मैं आज रात यही रुक जाऊं तो।

इस पर महाराज जी ने कहा – अगर तुम संतो की कुटिया में रुकना चाहते हो तो तुम्हे एक काम करना होगा। तुम ऐसे ही यहाँ नहीं रुक सकते। उन्होंने कहा हम जहाँ भी कथा , प्रवचन करने जाते तो हमारे साथ बहुत अनुयायी भी आते है और उनके साथ उनके पशु भी। तो ये जो बाहर इतने सारे ऊँट खड़े है तुम्हे इनका ध्यान रखना है की इनका रात को विश्राम हो जाये।

तो उस व्यक्ति ने कहा जी महाराज बिलकुल मैं ये काम कर दूंगा। महाराज जी ने कहा लेकिन एक बात ध्यान रखना इसमें से एक भी ऊँट खड़ा नहीं रहना चाहिए। सब के सब रात्रि विश्राम कर ले, उस व्यक्ति ने कहा ठीक है महाराज।

महाराज जी ने कहा सुबह मैं आपकी समस्या का समाधान बताऊंगा। इतना कह महाराज जी सोने चले गए। जब सुबह हुई वो बाहर आये उन्होंने देखा वो व्यक्ति बड़ा परेशान सा है। महाराज जी ने पूछा क्या हुआ – आपने रात्रि विश्राम किया और पशुओं ने विश्राम किया।

मोटिवेशनल स्टोरी इन हिंदी

क्या महाराज जी मैं तो रात भर परेशान रहा , जगता रहा। इतने सारे ऊँट थे जब मैं किसी चार को बैठाता तो पाँचवा खड़ा हो जाता। दस को बैठाता तो ग्यारवाँ खड़ा हो जाता। एक क्षण भी ऐसा नहीं आया जिसमे ये सारे ऊँट एक साथ विश्राम कर सके। और इनको विश्राम कराने के चक्कर में मैं रात भर जागता रहा , परेशान रहा।

महाराज फिर मंद – मंद मुस्कुराये और कहा – यही तुम्हारी समस्या का समाधान था। तो इस पर वो व्यक्ति कहने लगा ” कैसे ” । महाराज जी ने कहा – देखा इतने सरे ऊँट थे लेकिन एक पल भी ऐसा नहीं आया जिसमे सारे ऊँट एक साथ विश्राम कर रहे हो , नहीं आया ना। उसी प्रकार जीवन से समस्याएं होती है इतना बड़ा जीवन है। समस्यां चलती रहती है। लेकिन समझदार व्यक्ति वो होता है। जो इन समस्याओं को हल करे , समस्याओं से लड़े और उनका निपटारा करे और आगे आने वाली समस्या के लिए भी तैयार रहे।

Moral and Motivation Story

कहानी से हमने जाना – ऐसा कोई पल नहीं आता जब किसी को कोई समस्या ना हो। आप इतिहास उठा कर देख ले , कोई अमीर से अमीर व्यक्ति भी हो या गरीब से गरीब व्यक्ति हो जिसके जीवन में समस्यायें ना आयी हो। तो समस्यायें सभी के जीवन में आती है। इसलिए कभी आप पर समस्या आये तो ये ना सोचे की सिर्फ मेरे साथ ही ऐसा क्यों होता है।

दोस्तों आशा करती हूँ…, आपको इन Motivational Story in Hindi पोस्ट से जरूर कुछ ना कुछ प्रेरणा मिली होगी। आपको कौन सी कहानी ने सबसे ज्यादा प्रेरित किया Comment जरूर करे, कहानी अच्छी लगी तो share करना ना भूले। अगर आप कोई सुझाव देना चाहते है जैसे आप किस तरह के post पढ़ना चाहते है आदि , तो आप इसके लिए भी comment कर अपना सुझाव हमारे साथ साझा कर सकते है। धन्यवाद

Success Businessman Story in Hindi – सपने हमेशा बड़े देखो

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Success Businessman Story in Hindi
Dr. Amit Maheshwari

Success Businessman Story in Hindi – सपने हमेशा बड़े देखो :

नमस्कार दोस्तों , आज हम आपके लिए लाये है Success Businessman Story in Hindi एवं Real Inspirational Stories in Hindi की Series जहाँ हम आपके साथ Share करेंगे ऐसी Real Inspiring Stories , कई बार ऐसा होता है जो बातें हम समझ नहीं पाते। वह बातें हम किसी की जीवनी एवं कहानी से आसानी से समझ जाते है। क्योकि उनमे होता है सफल व्यक्तियों का संघर्ष , मेहनत , failure जिनकी वजह से वे सफल बनते है।

Story of Successful Businessman in Hindi –

Dr. Amit Maheswari अमित महेश्वरी Mettas Overseas Limited कंपनी के CEO , संस्थापक एवं निदेशक है और साथ ही Dr. Amit Maheswari Award Winning Global Business Trainer , Corporate Trainer भी है। और Business Growth , Sales Generation , Leadership, Team Work , Motivation और Management का ज्ञान एवं अपना अनुभव दुनिया भर में seminars के द्वारा Share करते है। डॉ. अमित महेश्वरी ने दुनिया भर में 1500 से अधिक Seminars एवं भाषण दिये है।

डॉ. अमित महेश्वरी की यह कहानी उदाहरण है अगर हिम्मत और हौसला है कुछ करने का तो रास्ते भी निकल ही आते है। इसलिए सपने हमेशा बड़े देखो।

Success Businessman Story in Hindi  – सफल उद्योगपति की कहानी

Success Businessman Story in Hindi
Success Businessman Story in Hindi 

डॉ. अमित महेश्वरी Mettas Overseas Limited कंपनी के CEO , संस्थापक एवं निदेशक। जिसका मूल्यांकन 200 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है तो चलिए जानते है वे कैसे इतने बड़े मुक़ाम तक पहुँचे।

डॉ. अमित महेश्वरी जी रहा करते थे शकरपुर जेजे कॉलोनी , नई दिल्ली के एक छोटे से क़स्बे में अपने माता – पिता और दो बहनो के साथ पाँच लोगो के परिवार के साथ । उनका पालन – पोषण , शिक्षा वही पर हुई। उन्होंने नगर निगम के सरकारी स्कूल में 12वी तक पढाई की और उस वक़्त तक सबकुछ ठीक चल रहा था। जब उन्होंने 12वी पास की और कॉलेज की आगे की शिक्षा के बारे सोचा, तब पता चला उस वक़्त कॉलेज की फ़ीस 18 – 20 हज़ार रुपये थी। जब अमित महेश्वरी जी ने अपने पिता से फीस के बारे बात की तो वे समझ गए की शायद वे उतने सक्षम नहीं है की 18 – 20 हज़ार रुपये कॉलेज की फीस भर सके। तब उनके पिता ने कहा ठीक है कोशिश करते है किसी तरह तुम भी कोशिश करो कैसे कॉलेज में Admission ले सकते हो।

अमित महेश्वरी जी बहुत चिंतित थे और सोच रहे थे एक 12वी पास लड़का आखिर क्या कर सकता है। एक क्लर्क की नौकरी कर सकता है , Courier Boy की नौकरी कर सकता है , छोटी – मोटी Office में काम कर सकता है। सोचते – सोचते उनके मन में एक ख्याल आया , अगर वे जिस Subject में सबसे अच्छे है अगर उसी Subject की वे Tuition पढ़ाते है तो शायद कम समय में उतना पैसा इकट्ठा कर ले , जिससे की कॉलेज में Admission मिल सके।

फिर अमित जी ने उन्ही Coaching’s में संपर्क किया जहाँ वे खुद पढ़ा करते थे। लेकिन वहाँ भी बात नहीं बनी उन्हें वह से रिजेक्ट कर दिया गया। क्योकि लोगो का कहना था आपने तो खुद ही अभी 12वी पास की है। और आपको मौका देंगे तो हम कहाँ जायेंगे। अब अमित जी ने अपने क्षेत्र के सभी Coaching’s में कोशिश की लेकिन कही भी बात नहीं बनी।

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वे निराश एवं चिंतित हो कर घर लौट आये , और सीढयों में बैठ कर सोचने लगे की अब क्या किया जाये जिससे 3 – 4 महीनो में इतने पैसे कमा पाए जिससे की कॉलेज में Admission ले सके, और तभी उनकी नज़र अपने एक पड़ोसी पर पड़ी जो की अपने घर का दरवाज़ा paint कर रहा था और देखते ही देखते उसने पूरा paint कर दिया। वहाँ एक बाल्टी में थोड़ा paint बचा था तभी उनके मन में एक Idea क्लिक हुआ। क्योकि जब वे tution या School पढ़ने जाते थे उन्होंने बहुत सारे Advertisement देखे थे। क्यों न वे कैसे भी कर के कुछ Advertisement कर दे की वे Accounts की Tutions लेते है जिससे उन्हें कुछ Students मिल जायेंगे और उनकी एडमिशन का इंतेज़ाम हो जायेगा।

और फिर क्या अमित जी ने Paint की बाल्टी उठाई और निकल पड़े अपनी मंजिल की ओर। और दीवारों पर लिखना शुरू किया “Tutor Available For Accounts ” . उस वक़्त उनके यहाँ फ़ोन नहीं होता था तो उन्होंने अपने Advertisement के नीचे अपने पड़ोसी का फ़ोन नंबर लिख दिया। अब जब ये task पूरा हो गया अब उन्हें इंतज़ार रहने लगा Advertisement के परिणाम का और वे राह देखने लगे फ़ोन कॉल्स की। ऐसे ही एक दिन बीता , दो दिन बीते धीरे – धीरे कई दिन बीत गए। और एक दिन उनके लिए कॉल आया उनके पड़ोसी के यहाँ Tutions के लिए , एक Lady को अपनी बेटी के लिए Accounts के Home Tutor चाहिए थे और इस तरह उन्हें मिला यह पहला मौका।

जब भी हमे किसी चीज़ में पहला मौका मिलता है तो हम अपना 100 % देने की कोशिश करते है और अमित जी ने भी यही किया।

डॉ. अमित महेश्वरी : अगर Life में कभी भी opportunity मिले ,तो उसमे अपना 100 % देने का प्रयास करे। जब आप अपना 100 % देंगे तो आपकी सफलता के Chances निश्चित है।


उन्हे अपनी पहली मेहनत की फीस मिली और उनकी उसी Student ने अपने और भी friends को Tution के लिए अमित जी को Recommend किया। जिससे उन्हें और भी Coaching’s मिली और वे सफल हुए अपने कॉलेज के Admission में और फिर इसी तरह उन्होंने अपने आगे की शिक्षा पूरी की।

इस सफलता के बाद उन्होंने Decide किया की वे अब Home Tutions की जगह अपनी खुद की Coaching Classes शुरू करेंगे। और फिर खुद एक बोर्ड बनाया और लिख दिया अपने Institute का नाम ” Gyan Institute “ और बोर्ड अपने घर के बाहर टाँग दिया। फिर इसी तरह छोटी – छोटी Advertisements करते रहे। और धीरे – धीरे उनके Students बढ़ने लगे। अब उन्होंने सोचा उनके पास सभी Accounts के स्टूडेंट्स पढ़ने आते है और दूसरे Subjects के लिए कही और जाते है। उन्हें idea आया क्यों ना अपने ही Coaching में दूसरे Subjects की भी सुविधा दी जाये। और फिर अमित जी ने अपने दोस्तों से जो उस Subject के toppers थे उनसे बात की किसी ने प्रस्ताव स्वीकार किया तो किसी ने नहीं। ऐसे ही उनके Students और बढ़े और उनका एक कमरे का कोचिंग भी , अपने ही गली में उन्होंने 3 – 4 कमरे किराये पर ले लिए। और आगे चल कर पुरे दिल्ली के अलग – अलग क्षेत्र में Gyan Institute की स्थापना की अलग Branches के तौर पर। और बाद में पुरे भारत में 60 Institute बना लिए।

Real Life inspirational Stories in Hindi

हर बिज़नेस में ऐसा वक़्त आता है जब बिज़नेस Down जाता है। और कोचिंग के बिज़नेस में एक समय ऐसा आता है जब 4 – 5 महीने कोचिंग खाली जाता है। और बिज़नेस पर लगा ख़र्च पूरा नहीं हो पाता। और फिर कुछ सोचना था इस Problem को दूर करने के लिए.., उस वक़्त मोबाइल फ़ोन का बिज़नेस तेज़ी से बढ़ रहा था। अमित जी ने इसे एक Opportunity के तौर पर लिया और 2001 में Mobile Technology को समझा और एक Syllabus डिज़ाइन किया। और शुरू किया off -Season में Mobile repairing कोर्स और बिज़नेस तेज़ी से Grow करने लगा।

अब जैसा की हर बिज़नेस में downs आते है इस तरह Mobile repairing कोर्स बिज़नेस में भी आये। China मोबाइल में चलन के कारण और यह Segment में डाउन जाने लगा और Loss होने लगा।

अब अमित जी ने सोचा उन्हें कोई ऐसी Industry चाहिए जिससे वे आगे बढ़ सके। इसी सिलसिले में वे अपने दोस्त से बात कर रहे थे की वे बिज़नेस करना चाहते है। उनके दोस्त ने उन्हें सलाह दी की उनके पिता Chamber of Commerce के मेंबर है और वे उनसे जा कर मिले और वहाँ की membership ले , वहाँ और भी लोगो से मिले।

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अमित जी वहाँ गए और उन्हें नज़र आया अपने बिज़नेस के लिए idea ” Steel Industry ” का उन्होंने सोचा यही Industry है जो अभी भारत में तेज़ी से grow करेगी । जब उन्होने इस Industry पर रिसर्च किया तब पता चला की इस पर invest करने के लिए 2 .5 से 3 करोड़ रुपये चाहिए। और उस वक़्त में वे Loss में जा रहे थे , पैसे तो थे नहीं।

डॉ. अमित महेश्वरी : ” लेकिन एक चीज़ मुझे पता था। अगर आपको बिज़नेस को Multiply करना है, बिज़नेस को Grow करना है तो आप अपने बिज़नेस को लोगो को समझाये , बताये , उनको अपना Proposal बताये तो आपको ऐसे बहुत से लोग मिल सकते है। जो आपके बिज़नेस पर Invest कर सकते है। “

और इसी तरह उन्होने अपना बिज़नेस प्रपोजल तैयार किया और अलग – अलग लोगो को प्रपोजल दिखाया , समझाया। और यहाँ उनका proposal रिजेक्ट होता गया लेकिन उन्होने हार नहीं मानी , उन्होंने रिजेक्शन या कमियों पर फ़ोकस करना और काम करना शुरू किया। उनका Proposal 65 बार रिजेक्ट हुआ और उन्होंने उसे 65 बार upgrade किया। और Finally उन्हें एक Investor मिले जो invest करने को तैयार हुए , और उस वक़्त अमित जी के पास पैसे नहीं थे तो उन्होंने अपनी ज़मीन , दुकान और गाड़ी बेच कर 25 लाख रुपये इकठ्ठा किये।

और इस तरह उन्होंने पहला Project लगाने का प्रयास किया। लेकिन कई बार ऐसा होता है जब आप बड़े – बड़े risk लेते है तो कई बार Risk Hit हो जाते है या तो Fail भी हो जाते है। उनके साथ भी ऐसा ही हुआ उनका बनाया Material 90 % reject हो गया। क्योकि Steel Industry की उन्हें कोई खास जानकारी नहीं थी। सिर्फ थोड़ी बहुत information के माध्यम से उन्होंने शुरू किया था।

लेकिन उन्होने फिर भी हार नहीं मानी , उन्हें पता था की अगर आप अपने Business Proposal के लिए Investors के पास जाते है तो कुछ लोग ऐसे होते है जो आपके Business Plan पर पैसा Invest करने के लिए तैयार हो जाते है। और इसी तरह वे कई investors से मिले। और उनका दूसरा Final Material बन तैयार हुआ , और इसी के पक्ष पर उन्होंने Advertisement करना start किया और उन सभी लोगो को बुलाया जिन्होंने Proposal reject किया था, वो सभी लोग आये Project को देखा , समझा और उनके साथ Business Association की और finally उन्होंने 27 September 2012 को जो Steel Industry का Project शुरू किया था 14 August 2014 को अपनी Public Limited Company बनाई और भारत में बहुत सारे Exclusive Showrooms बना कर और बहुत सारे Share Holders के साथ कंपनी की स्थापना की।

सीखने वाली बातें (Success Businessman Story in Hindi) –

Success Businessman Story in Hindi

1 ) Risk लेने की क्षमता होनी चाहिए।

2 ) सपने हमेशा बड़े देखो।

3 ) मेहनत करने से कभी पीछे ना हटो।

4 ) Environment बदलो।

आशा करती हूँ आपको हमारी यह पोस्ट Success Businessman Story in Hindi अच्छी लगी होगी। कृपया शेयर करे अगर अच्छी लगी तो। हम आपके लिए लाते रहेंगे Success Businessman Story in Hindi , Real Life inspirational Stories in Hindi . धन्यवाद

Love Quotes in Hindi, Love Status in Hindi – Talk Shauk

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Love Quotes in Hindi
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Love Quotes in Hindi , Love Status in Hindi –

नमस्कार दोस्तों आज हम आपके लिए लेकर आये है , Love Quotes का Hindi Collection ., Best Love Status Collection in Hindi , Romantic Shayari,

Best Love Quotes in Hindi –

Quote 1 : इन ” आँखों ” की गुस्ताखियाँ तो देखिये, आपसे ” आँखे ” मिलाने के बाद कुछ और देखने को राज़ी ही नहीं।

Quote 2 : कुछ ” Waqt ” हमारे लिए भी निकाल लिया करो , यूँ हर पल “Attitude ” में रहना अच्छी बात नहीं।

Quote 3 : रिश्ता वही ” Success ” होता है , जिसमे दोनों ही एक दूसरे को खोने से ” डरते ” हो।

Quote 4: आप जैसा कोई मिला ही नहीं , मिलता कैसे कोई था ही नहीं .

Quote 5 : तुमसे बात ना हो तो , बहुत उदास होते है हम ,, तुम्हारी ” Kasam ” ,तुम्हे बहुत ” Pyar ” करते है हम !

Quote 6: तुम्हारी साँसों के साथ चलती है , मेरी हर एक “धड़कन “, और तुम पूछते हो मुझे “याद ” किया की नहीं

Quote 7 : कैसा अजीब सिलसिला था उस Dosti का …., कुछ दूर चला और Ishq में बदल गया .

Quote 8 : किसी से “Pyar” करना और सिर्फ उसी से “Pyar” करना ,बहुत कम लोगो के “नसीब “में होता है।

Quote 9 : आखिर कैसे छोड़ दूं , तुझसे Ishqकरना…, तुम “Naseeb ” में नहीं तो क्या हुआ, ” Dil ” में तो है।

Quote 10 : “रूठना “तो सबको आता है , पर सबके पास “मनाने “ वाला नहीं होता .

Quote 11 : “मोहब्बत ” बहुत खूबसूरत है , अगर साथ देने वाला मतलबी ना हो तो।

Quote 12 : कितना ” Acha ” लगता है ना , जब कोई कहता है की, अपना “Khayal “रखना मेरे लिए।

Quote 13 : आपकी ख़ामोशी पर हम ” Fida “तो है ही…अगर कुछ कह दिया तो शायद ” Fana “हो जायेंगे हम।

Quote 14 : ” Love Story ” नहीं ” Love Life ” चाहिए , तुमसा नहीं …., तू ही चाहिए।

Quote 15 : खामोश हूँ तो बस तेरी खुशी के लिए , ये मत समझना की मेरा ” दिल “ नहीं दुःखता .

Quote 16 : सीने से लगा कर सुन वो “धड़कन “ , जो तुझसे मिलने को इतना तड़पती है।

Quote 17 : अगर ” प्यार “ सच्चा हो तो कभी नहीं बदलता , ना ” waqt “ के साथ ना ” हालात “ के साथ .

Quote 18 : हम ” waqt “ रोक लेंगे ,आपके लिए आप “बेवक़्त ” मिलना तो शुरू करो .

Quote 19 : मेरी “मोहब्बत ” उसके लिए और भी बढ़ गयी , जब पता चला …,वो भी “शिव “ का “दीवाना “ है .

Quote 20 : हमारी मोहब्बत सिर्फ बातों को नहीं , हम तो मन्नत में भी तुम्हे माँगते है।

लव शायरी हिंदी –

Love Quotes in Hindi

Quote 21 : हमे तुमसे कितनी भी ” नाराज़गी ” क्यों ना हो , पर तुम्हे छोड़ने का ख्याल आज भी नहीं रखते हम .

Quote 21 : एक छोटी सी ख्वाहिश है, वो लम्हा कभी खत्म ना हो जिस पल तुम मुस्कुराती हो।

Quote 22 : मोहब्बत हमारी भी बहुत असर करती है,
याद बहुत आएंगे , एक बार हमे भूल कर तो देखो .

Quote 23 : तू थोड़ी सी कम ” ख़ूबसूरत “भी होती , फिर भी बहुत ” ख़ूबसूरत “ होती।

Quote 24 : आख़िर कैसे जाने दूं मैं तुम्हे , मैंने को खो कर तुम्हे पाया है।

Quote 25 : हज़ार बार ली तुमने तलाशी ” Dil ” की , बताओ कभी कुछ मिला ” Pyar ” के सिवा .

Quote 26 : चाहत है तुम्हे अपना बनाने की ,
गुस्ताख़ी की है तुमसे दिल लगाने की ,
तुम हमे चाहो या ना चाहो,
हमारी तमन्ना है तुम पर मर – मिट जाने की .

Quote 27: तुम नहीं साथ तो ज़िन्दगी जीने कि “ख़्वाहिश ” है अधूरी ,मिल जाये अगर तेरा साथ तो ज़िन्दगी हो जाये पूरी .

Quote 28 : ना तुम्हे खोना चाहती हूँ , ना मैं रोना चाहती हूँ। जब तक ये ज़िन्दगी है बस तेरे साथ जीना चाहती हूँ

Quote 29 : हज़ार बार मरना चाहा उनकी निगाहों में डूब के , वो हर बार निगाहें झुका लेते है मरने नहीं देते।

Quote 30 : वो शमा की महफ़िल ही क्या ,जिसमे “dil ” ख़ाक ना हो , मज़ा तो तब है चाहत का ,” dil ” तो जले पर राख ना हो .

Romantic Shayari , Emotional Shayari in Hindi –

Love Quotes in Hindi

Quote 31 : ना किसी का Dil चाहिए , ना किसी की jaanचाहिए , जो मुझे समझ सके बस ऐसा एक इंसान चाहिए।

Quote 32: इस Dil का कहा मानो , एक काम कर दो , तुमसे मिलने की बड़ी तमन्ना है एक एहसान कर दो ,किसी दिन सुबह मिलो और शाम कर दो।

Quote 33 : जो रिश्ते सच्चे और गहरे होते है., वो अपनेपन का शोर नहीं मचाते।

Quote 34 : सच्चा प्यार करने वाले का कभी गलत इस्तेमाल मत करना , दिखावे का प्यार करने वाले तो बहुत मिल जायेंगे पर , सच्चा प्यार करने वाले बार – बार नहीं मिलते।

Quote 35 : किसी से pyar तभी करो , जब निभाने की हैसियत हो।

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How to Overcome Loneliness in Hindi – अकेलापन दूर कैसे करे

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How to Overcome Loneliness in Hindi
How to Overcome Loneliness in Hindi

How to Overcome Loneliness in Hindi – अकेलापन दूर कैसे करे :

अकेलेपन को महसूस कोई भी, किसी भी उम्र में कर सकता है। हर व्यक्ति अपने जीवनकाल में कभी ना कभी अकेलापन (Loneliness) महसूस करता ही है। क्योकि हमारी ज़िन्दगी में up – downs , खुशी – गम आते ही है। बहुत से लोगो को अकेलापन पसंद भी है, वे सारा समय अपने साथ ही बिताना पसंद करते है। लेकिन अकेलापन ज्यादा Time तक अच्छा नहीं लगता। धीरे – धीरे यह अकेलापन (Loneliness) इंसान के दिमाग में बुरा असर डालने लगता है जिससे दिमागी बीमारिया होने लगती है।

अकेलापन क्या है ?

अकेला होना और अकेलेपन होने में बहुत फर्क है। अकेला होना एक अच्छी feeling हो सकती है जैसी खुद में खुश रहना आदि। लेकिन बात जब अकेलेपन की हो तब यह एक नकारात्मक feeling है। इसमें व्यक्ति को नकारात्मक विचार आने शुरू हो जाते है जैसे – मैं अकेला हूँ , मेरे साथ कोई भी नहीं है मैं helpless हूँ , मुझसे कोई प्यार नहीं करता आदि। ऐसे विचारो से Stress की स्थिति उत्पन्न होती है जो आगे चल कर अवसाद का रूप लेती है। जब ऐसे विचार आने शुरू होते है तो व्यक्ति खुद ही लोगो से दूर होने लगता है , अकेला रहने लगता है।

अकेलापन महसूस होने के कारण(How to Overcome Loneliness in Hindi)

अकेलेपन ( Loneliness ) महसूस होने के कई अलग – अलग कारण हो सकते है , क्योकि हम सभी का अपना अलग nature होता है, हमारी परेशानिया भी अलग होती है। लेकिन आज मैं आपके साथ कुछ ऐसे कारण Share कर रही हूँ जो की अकेलेपन के अधिक reason बनते है।

अकेलेपन का कारण बनता है हमारा दुसरो पर भावनात्मक रूप से Depend या Attach होना। मतलब आपने खुद ही दुसरो को मौका दे रखा है आपको खुशी और दुःख देने का , आप जब दुसरो पर Depend हो जाते है , उम्मीदें लगाने लगते है। 

उदाहरण – जैसे आप अपने friends , Relatives की बहुत मदद करते आये है , उनके साथ अच्छा समय बिताया , उनके सुख – दुःख में आप हमेशा खड़े रहे, और आपने अंदर ही अंदर यह उम्मीद पाल ली की ये लोग भी आपके काम आएंगे। लेकिन आजकल mostly लोग ऐसे ही है। जब उनका स्वार्थ पूर्ण हो गया , वे लोग आपको इग्नोर करने लगे , आपसे दूर भागने लगे। आपको ये चीज़ बहुत Hurt हुई और आप रह गए अकेले। 
अब मैं तो आपको यही Suggestion दूँगी अगर आप मदद कर रहे है तो return में आपको मदद मिलेगी ये उम्मीद छोड़ दे , अपनी ज़िम्मेदारी स्वयं ले। याद करे आप आज जहाँ है वहां तक आप कैसे पहुंचे कितनी problems आयी होगी , कितना कुछ face किया होगा आपने ,लेकिन सब ठीक हुआ ना एक दिन। आप Strong है आप सब कुछ कर सकते है इसलिए दुसरो पर Depend होना छोड़े।

  • अकेलेपन ( Loneliness ) का कारण यह भी हो सकता है की आपके लाइफ में कोई Goal का ना होना। जब हमारे लाइफ में कोई goal , मक़सद नहीं होता हमारा दिमाग़ ख़ाली रहता है हम free रहते है सारा Time , और कहते है ना ” ख़ाली दिमाग शैतान का घर होता है। “

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आपको मालूम होना चाहिए(How to Overcome Loneliness in Hindi )

  • हमे मालूम होना चाहिए की अकेलापन (Loneliness) एक feeling है और जब हमे ऐसी फीलिंग होती तब हम भावनात्मक रूप से कमज़ोर होने लगते है। और अपना अकेलापन दूर करने के लिए हम नये लोगो को Search करने लगते है। इसमें कोई बुराई है नहीं है , अगर दुनिया में बुरे लोग है तो अच्छे लोग भी है। लेकिन हम अकेलेपन को दूर भगाने के लिए गलत लोगो से दोस्ती कर बैठते है। जो आगे चल कर आपको परेशानी में डाल सकता है , इसलिए थोड़ा सतर्क रहे। 
  • Social Media या Phone अकेलेपन का इलाज नहीं – बहुत से लोग अकेलेपन (Loneliness) को दूर करने के लिए सारा समय फ़ोन के साथ व्यतीत करते है। यह आपको धीरे – धीरे और अकेला कर सकता , Social Media पर हम जो activities देखते है वो real लाइफ से बहुत अलग होती है , जब आप पहले से ही अकेला फील कर रहे है , और एक नाटकीय दुनिया को देखते है तो इससे आपका मन और उदास हो सकता है। इसीलिए कोशिश करे reality में जीने की।

अकेलापन दूर कैसे करे ( How to Overcome Loneliness in Hindi ) –

How to Overcome Loneliness in Hindi

1) उन Reasons को पहचाने जिनके वजह से आप अकेला महसूस करते है :

आपको कुछ समय यह जानने के लिए निकालना होगा की आप क्यों अकेला महसूस करते है , और किस Time आप अकेलापन महसूस करते है। क्या यह Feeling थोड़ी देर के लिए है या आप सारा Time ऐसा Feel करते है। आप अकेलापन की स्थिति में क्या करना चाहते है। सबसे पहले इन Questions पर विचार करे , और आगे बढे। 

2) Dairy लिखे :

आप अपनी Feelings और विचारो पर नज़र रखने के लिए लिखना शुरू कर सकते है। यह तनाव कम करने की भी एक उत्तम विधि है , आप अपने लिए 20 मिनट का समय निर्धारित करिये, आप इस प्रकार लिख सकते है – 
“मैं अकेलापन तब महसूस करती हूँ जब….” 
” मैं अकेलापन इसलिए महसूस करती हूँ क्योकि…”

3) घर से बाहर निकले :

आप रोज थोड़े समय के लिए घर से बाहर जरूर निकले , लोगो से मिले , जुले…आप पार्क में घूमने जा सकते है , मंदिर जा सकते है। आप लोगो से बातें करे , दुनिया में सिर्फ आप ही अकेले नहीं है , ऐसी problems से दुनिया भरी पड़ी है। आपको बहुत लोग मिल जायेंगे आपके जैसे जिन्हे भी कोई दोस्त चाहिए होगा। आप लोगो से interact करे , जो आपको अपनी तरह लगते है अच्छा लगता है उनसे बातें कर के उनसे मिले। आपको जरूर अच्छा Feel होगा।

4) कुछ नया सीखे :

बहुत बार ऐसा होता है हमारे पास करने को ही कुछ नहीं होता , वही same , Daily Boring Routine चल रही है। जिसके चलते भी हम अकेलापन feel करने लगते है। तो इसे दूर करने के लिए क्यों ना कुछ New सीखा जाये, सिखने की कोई Age नहीं होती , आप बच्चे हो , बड़े हो या बूढ़े। आप meditation , yoga , computer , Dance , Singing classes join कर सकते है। इससे आपका रोज बाहर आना – जाना भी होगा , या फिर आप कोई नयी भाषा , कोई Programming Language . आजकल तो इंटरनेट पर भी बहुत से विक्लप है कुछ भी सिखने के लिए , इससे आप व्यस्त भी रहेंगे और खुश भी।

5) खुद के दोस्त बनिये :

आप खुद से दोस्ती करिये , खुद को प्यार करिये , खुद को समझिये , जानिए। अपनी पसंद जानिए , कभी – कभी अकेले ही घूमने जाइये , खुद को treat दीजिये कभी , shopping , खुद को दोस्त बना लीजिये। एकांत और अकेलेपन में फर्क समझिये , एकांत में बैठ कर कभी अपने लिए अच्छी – अच्छी plannings करिये। एक और सबसे अच्छी चीज़ मंदिर जाइये अकेले , वहाँ बैठ कर ईश्वर को देखिये , उनका ध्यान एवं धन्यवाद करिये। मंदिर एक ऐसी जगह है जहाँ की ऊर्जा बहुत की सकारात्मक और शक्तिशाली होती है , मंदिर जाने से आपके मन को बहुत शांति मिलेगी।

6 ) समाजिक कार्यो एवं सेवा से जुड़िये :

आप अपने अकेलेपन को दूर करने लिए समाजिक कार्यो जैसे किसी NGO , Community से जुड़ कर लोगो की मदद कर सकते है। आप मंदिर , गुरुद्वारे , चर्च , मस्जिद जहाँ भी आप जाते है वहाँ सेवा कर सकते है आप , जरुरी नहीं की सेवा आर्थिक ही हो, सेवा बहुत तरीके से हो सकती है , इससे आपके मन को बहुत शांति मिलेगी और आपका अकेलापन गायब हो जायेगा।

7 ) विचारों के परिवर्तन लाइये :

अपने Negative एवं बुरे Thoughts को खत्म करिये। हमेशा अकेलापन पर Focus करना आपको और भी अकेला कर सकता है। इसलिए विचार अच्छे रखिये , जब भी अकेला feel हो अपने Family के साथ बैठिये बातें करिये , जिन दोस्तों से काफी समय से बात नहीं हुई , उन्हें कॉल करिये बातें करिये। आपके जिंदगी में जो भी रिश्ते है उनसे attach रहिये , अकेलेपन के विचार से उन रिश्तो से दुरी मत बनाइये।

आशा करती हूँ आपलोगो की आज की यह पोस्ट How to Overcome Loneliness in Hindi – अकेलापन दूर कैसे करे , मददगार और अच्छी लगी होगी , अगर आपको यह post पसंद आयी हो तो इसे शेयर करना ना भूले। धन्यवाद !

Positive Thinking कैसे रखे जाने इन सरल तरीको से –

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positive thinking kaise laye

Positive Thinking कैसे रखे जाने इन सरल तरीको से – :

हम सभी सकारात्मक और नकारात्मक के बीच का फर्क जानते है. जैसे हम अच्छा या बुरा और सही और गलत का जानते है। इसलिए एक अच्छा और सकारात्मक जीवन जीने की इच्छा स्वाभाविक है।

एक सकारात्मक (Positive) जीवन किसी विशिष्ट इच्छा , लक्ष्य या कुछ चाहने से अलग है। यदि आप कोई खास लक्ष्य या इच्छा रखते है जैसे – पैसा , घर , कार , नौकरी या कोई व्यक्ति, और हो सकता है एक समय के बाद हम उसे पा भी ले।

हम अक़सर यही सोचते है की हमने जो Goal Set किया है अगर वो Achieve कर ले तो हम खुश हो जायेंगे। और यह खुशी और मन की शांति temporary होती है। लेकिन Positive Life एक अलग चीज़ है। जिससे आप हमेशा खुद पर नियंत्रण रख सकते है। और भीतर से बदल सकते है। चाहे आप कोई भी हो , कही से भी और और कैसी भी परिस्थिति में हो सकारात्मकता आपका जीवन बदल सकती है।

और एक अच्छे positive जीवन के लिए सबसे पहले हमे अपनी thinking (सोच) को Positive Thinking बनाना होगा। और इस लेख में ,मैं आपके साथ शेयर करने जा रही हूँ कुछ practical तरीके जो आपको नकारात्मकता से दूर जाने में मदद करेगा और आपको एक सकारात्मक जीवन जीने के लायक बनाएगा।

Positive Thinking Kaise Laye ?

postive thinking
1) अपने विचारो पे गौर करे-

अपनी सोच को बदलने का पहला step है अपने विचारो पर गौर करना भले ही या सिर्फ 10 min का समय क्यों ना हो। चुकि हम आदतों के प्राणी है। और एक दिन में हमे लगभग 60,000 विचार आते है ,और आप देखेंगे आपके दिमाग में वही नकारात्मक विचार रेंग रहे होंगे। जैसे – काम का load , घर के problems (झगड़े , financial problems) आदि।

एक बार जब आप जान जायेंगे आपको नकारात्मक विचार परेशान कर रहे है , तो आप समस्या को हल करने के लिए एक समाधान पर काम करना शुरू कर सकते है। बजाए इसके की आप सिर्फ नकारात्मक विचार सोच कर खुद को tension दे। और जब आप उस परेशानी के समाधान के लिए काम करेंगे तो धीरे – धीरे नकारत्मक विचार आपका पीछा छोड़ने लगेंगे।

2 ) दिन की शुरुवात कृतज्ञता के साथ करे –

अपने दिन की शुरुवात कृतज्ञता के साथ करे। और यह step आपकी सोच को positive बनाने में काफी मददगार होगा। जब दिन की शुरुवात कृतज्ञता और सकारात्मकता के साथ होगी तो आपका पूरा दिन भी अच्छा गुजरेगा।

आइये इसे एक Example के साथ समझे –

अधिकतर लोगो के दिन की शुरुवात ही complaint के साथ शुरू होती है। उनको देख के ही लगता है वे जीवन जी नहीं रहे बस जीवन काट रहे है किसी तरह, और ऐसे में तो विचार भी Negative ही आएंगे ना। आपको मैं वो बताती हूँ जो मैं रोज सुबह उठने के बाद करती हूँ –

आप आज से ही Decide कर ले आप रोज सुबह अपने लिए 5 min जरूर निकालेंगे। जब आप सो कर उठे,

आप सबसे पहले परमात्मा का शुक्रगुजार करे की परमात्मा ने आपको आज के दिन का उपहार दिया, आप अच्छी नींद सोये आप उसके लिए कृतज्ञ हो सकते है , आपके पास रहने को घर है , खाने को भोजन और पीने को पानी है , पहनने को कपडे है उसके लिए ईश्वर का धन्यवाद करे। आपके पास आपका परिवार है उसके लिए ईश्वर का धन्यवाद करे , आप अपने अच्छे स्वस्थ्य के लिए ईश्वर का धन्यवाद करे। यकीन करे आपको ऐसा कर के बहुत अच्छा महसूस होगा। और इसे अपनी daily routine में शामिल कर ले , इसका आपकी सोच पर बहुत अच्छा असर होगा। आपका complaint और negative नज़रिया , सकारात्मक नज़रिये में बदलने लगेगा।

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3 ) सकारात्मक शब्दों को याद करे –

हमारा मस्तिष्क आदतों का स्थान है। हमारा मस्तिष्क जो भी बार – बार सुनता है उसे अवचेतन मन में बैठा लेता है , हमारी अधिकांश प्रतिक्रिया और कार्य हमारी आदतों द्वारा नियंत्रिण होते है।

आप सकारात्मक शब्दों की सूची को याद कर के अपने मस्तिष्क को सकारात्मक सोचने पर मजबूर कर सकते है। और इससे आपको सकारात्मक जीवन जीने में मदद मिलेगी। जब शब्द स्वाभाविक रूप से आपके पास आने लगेंगे आपका दृष्टिकोण भी सकारात्मक हो जायेगा।

अब जब आप अधिक बार सकारात्मक शब्दों का उपयोग करेंगे तो यह ना केवल आपके सोचने के तरीको को प्रभावित करेगा , बल्कि यह आपके आस – पास के लोगो को भी प्रभावित करेगा। क्या आपने कभी गौर किया है कि positive और खुश रहने वाले लोग अपने मूड को अपने आस – पास रहने वाले लोगो तक कैसे फैलाते है ? एक सकारात्मक बातचीत से ,उनके शब्द positive होते है जैसे – बहुत खूब , बेहतरीन , आशा है , मैं कर सकता / सकती हूँ , विकास , मैं इसकी सरहाना करती हूँ , सम्मान , समाधान , संभव है आदि।

4) अच्छी चीज़ो पर focus करे , चाहे कितनी भी छोटी हो –

किसी भी चीज़ के दो पहलू होते है अच्छा या बुरा , और आपकी कोशिश होनी चाहिए आप उसका अच्छा पहलू देखे इससे आपका दृष्टिकोण सकारात्मक होगा।

आइये एक छोटा सा example देखते है –

एक दिन कुछ लोग कार से किसी काम से दूसरे शहर जा रहे थे। आगे मोड़ पर एक गाड़ी से उनकी टक्कर हो गयी। लेकिन वे बच गए , और इतने में सभी बोलने लगे कितना बुरा दिन है आज सुबह – सुबह हमारा accident हो जाता , मूड ख़राब हो गया। पर उनमे से एक युवक बोला , हमारा आज का दिन बहुत ही अच्छा है की हम मे से किसी को ज्यादा चोट नहीं आयी और हमारी जान बच गयी। आप relate कर पा रहे होंगे negative और positive नज़रिये को।

5 ) ना कहना सीखे –

कुछ लोगो के लिए यह कहना मुश्किल है क्योकि इसका मतलब या तो आप किसी को निराश कर रहे है या किसी अवसर को जाने दे रहे है। बहुत बार ऐसा होता है हम कोई जगह जाना नहीं चाहते , या वह काम नहीं करना चाहते लेकिन हम ” ना ” नहीं कहते क्योकि सामने वाला निराश ना हो जाये। इसका हमारे जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसीलिए हमे कभी – कभी ना बोलना भी सीखना चाहिए।

6) सकारात्मक लोगो के साथ समय बिताये –

आप अपना कुछ समय सकारात्मक लोगो के साथ बिताने शुरू करे। अब ये tension ना ले की मेरे लाइफ में कोई positive लोग है ही नहीं , कोशिश करे मिल जायेंगे। या फिर आप motivational articles , YouTube पर motivational वीडियो आदि देख के अपना कुछ समय सकारात्मक तरीके से बीता सकते है। आप खुद इसका प्रभाव समझने लगेंगे।

7 ) अपने Behavior की जिम्मेदारी ले –

आप अपने व्यहवार की जिम्मेदारी ले क्योकि आप ही है जो खुद को अच्छे से समझते है। इसके लिए आपको पहले खुद पर निगरानी में रखनी होगी जैसे – आपके विचार, आपके शब्द , आपकी आदते , आपको क्या पढ़ना पसंद है , आपकी पसंद – नापसंद आदि।

और इसके बाद आप अपने Behavior को सकारात्मक कैसे रख सकते है इसपर काम करे और इसकी जिम्मेदारी ले। इससे आपको positive thinking में मदद मिलेगी।

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Mahakal Status in Hindi- महादेव , महाकाल स्टेटस शायरी

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Mahakal Status in Hindi- महादेव , महाकाल स्टेटस शायरी :

नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत है Mahakal Status in Hindi- महादेव , महाकाल स्टेटस शायरी पोस्ट में , आप सभी शिव भक्तो को सावन की ढ़ेर सारी शुभकामनाये। आज मैं आपके साथ शेयर करने जा रही हूँ..कालो के काल बाबा महाकाल के बेहतरीन स्टेटस एवं शायरी।

Mahakal Attitude Shayari Image

mahakal status in hindi

Quote 1 : चाहे हर कोई बदल जाए पर वो कभी नहीं बदलता ,
मेरा भोले मुझे कभी भी तन्हा नहीं छोड़ता।
|| हर हर महादेव ||

Quote 2 : लोगो के सहारे बड़े होंगे , मेरा सहारा महादेव तू है।
आसमान में तारे बड़े होंगे , मेरा तो सितारा महादेव तू है।
|| हर हर महादेव ||

Quote 3 : किसी ने क्या खूब कहा है , दरबार में उज्जैन के डमरू वाला बैठा है।
एक दफ़ा माँग के तो देख , दिल खोल कर वो देता है।
|| ॐ नमः शिवाय: ||

Quote 4 : शुरू हो गए दिन सबसे पावन , आ गया मेरे महादेव का सावन।
|| ॐ नमः शिवाय: ||

Quote 5 : कैसे करू मोहब्बत मुझे और कोई भाता नहीं है। बात चले जब प्यार की तो , नाम जुबा पर ” महादेव “ का ही आता है।

Quote 6 : तेरे नाम से जानने लगे है लोग मुझे , अब इससे बड़ी इज़्ज़त और क्या होगी मेरे महाकाल।

Quote 7 : जिसके नाम से काल भी धर – धर कांपता है। जिनका नाम सुनकर कपाल भी छुप जाते है। हम उस महाकाल के पुजारी है।

Quote 8 : मैं #लाल हूँ उसका जो #कालों का #काल है।
मेरा कोई क्या बिगाड़ेगा, जब साथ मेरे ” बाबा महाकाल ” है।

Quote 9 : वो दे तो उसकी मर्ज़ी , ना दे तो कोई मलाल नहीं।
महादेव के फैसले कमाल है उन फैसलों पर कोई सवाल नहीं।
|| हर हर महादेव ||

Quote 10 : हवाओं में गज़ब का नशा छाया है। अब तो हमारे महादेव का सावन आया है। || हर हर महादेव ||

Lord Shiva Status in Hindi –

mahakal status in hindi

Quote 11 : दो आँख ध्यान में , तीसरी आँख ब्रह्मांड में।
|| हर हर महादेव ||

Quote 12 : महाकाल का चेला हूँ… चाहे कुछ भी हो जाये , कितनी भी मुसीबत आये , मैं कभी हार नहीं मान सकता।
|| जय महाकाल ||

Quote 13 : बदल देता है महादेव तू , इन हाथों की लकीरों को। बादशाह होते देखा है तेरे दर पर फकीरों को।
|| जय महाकाल ||

Quote 14 : ना कोई गरीब , ना कोई अमीर होता है। हर शिव भक्त मेरे महादेव के लिए लाडला होता है।
|| हर हर महादेव ||

Quote 15 : गांजे में गंगा बसी , चीलम में चार धाम, कंकर में शंकर बसे और जग में महाकाल।

Quote 16 : ये कैसी घटा छाई है , हवा में नयी सुर्खी आयी है। फैली है जो सुगंध हवा में , जरूर महादेव ने चिल्लम जलाई है।

Quote 17 : वही सुखी , वही निराला , वही है किस्मत वाला। जिसका देवो का देव महादेव हो रखवाला।

Quote 18 : #कुत्तों की बढ़ी तादात से #शेर मरा नहीं करते , और “Mahakal ” के दीवाने किसी के बाप से डरा नहीं करते।

Quote 19 : झुकता नहीं शिव भक्त किसी चाल के आगे , वो काल क्या करेगा मेरे महाकाल के आगे।

Quote 20 : तिलक धारी सब पे भारी , जय श्री महाकाल पहचान हमारी।

Quote 21 : “माया “को चाहने वाला बिख़र जाता है , और “मेरे महाकाल “को चाहने वाला निखर जाता है।

Quote 22 : अकाल मृत्यु वो मरे जो कर्म करे चंडाल का , काल भी उसका क्या करे जो भक्त हो महाकाल का।

Quote 23 : चलती नही कोई चाल उसकी चाल के आगे , वो काल क्या करेगा मेरे महाकाल के आगे।

Quote 24 : कोई मुझसे मेरा सब कुछ छीन सकता है , लेकिन महादेव के लिए मेरी दीवानगी और विश्वास कोई नहीं छीन सकता।

Quote 25 : बहुत दिल भर चूका है खूब रोना चाहती हूँ , मेरे प्यारे महादेव आपके गोद पे सर रख के सोना चाहती हूँ।

Quote 26 : जहाँ पर आ के लोगो की नवाबी खत्म हो जाती है , वही से महाकाल के भक्तो की बादशाही शुरू होती है।

Quote 27 : चिंता नहीं काल की , बस कृपा बनी रहे मेरे महाकाल की। जय श्री महाकाल

Quote 28 : ना गिन कर देता है ना तोल कर देता है। मेरा महाकाल जब भी देता है दिल खोल कर देता है।

Quote 29 : “Mahakal ” नाम की चाबी ऐसी जो हर “ताले “को खोले। काम बनेंगे उसके सारे जो ” जय महाकाल ” बोले।

Quote 30 : भोलेनाथ स्वयं जिसके साथ हो , भला वो अनाथ कैसे हो सकता है। जय भोलेनाथ।

Mahadev Status in Hindi | महाकाल शायरी

Quote 31 : आ बैठ “मेरे महाकाल “आज बटवारा कर ही ले , सारी #दुनिया तेरी और तू सिर्फ मेरा।

Quote 32 : महाकाल के अदालत की वकालत बड़ी प्यारी है।
खामोश रह कर्म कर , तेरा मुकदमा जारी है।

Quote 33 : हमे ढूंढ़ना इतना मुश्किल नहीं है मेरे दोस्त , बस जिस महफ़िल में महाकाल की आवाज़ गूंज रही हो वही चले आना।

Quote 34 : महाकाल की महफ़िल में बैठा कीजिये साहब ,
” बादशाही ” का अंदाज़ खुद – ब – खुद आ जायेगा।

Quote 35 : #मौत का डर उनको लगता है , जिनके “कर्मो “में दाग है।
हम तो “महादेव “के भक्त है , हमारे तो खून में ही #आग है।

Quote 36 : जाती हूँ हर रोज तेरे मंदिर महादेव , पर ना जाने क्यों सोमवार का दिन खास लगता है।

Quote 37 : देने के बदले लेना एक बीमारी है , और जो सिर्फ देना जाने वो भस्मधारी है।

Quote 38 : दुनिया के रंग में रंगने वाले लाखो मर गए , मेरे भोले के रंग में रंगने वाले सारे तर गए।

Quote 39 : हर शहर की गली – गली में हर काल का डेरा है। मुझे किस चीज़ से डर , मेरे ऊपर तो हर वक़्त महाकाल का पहरा है।

Quote 40 : जो बेडा पार लगाए वो महाकाली कहलाये , जो भाग्य बनाये वो महाकाल कहलाये।

read : शिव जी के बेहतरीन कोट्स हिंदी में

read : श्री कृष्णा शायरी हिंदी में

दोस्तों कैसे लगी आपको Best Mahakal Status in Hindi पोस्ट , हमे कमेंट के माध्यम से जरूर बताये।

Motivational Story in Hindi for Success- मोटिवेशनल स्टोरी इन हिंदी

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motivational story in hindi for success

Motivational Story in Hindi for Success- मोटिवेशनल स्टोरी इन हिंदी :

जब हम विषम परिस्थियों में Success होने वाली व्यक्तियों की motivational stories पढ़ते है। तो इन stories से मिलने वाली inspiration हमारे मन – मस्तिष्क को उत्साहित कर हमे सफलता की बुलंदियों को छूने के लिए प्रेरित करती है।

ये ऐसी जीवित कहानियाँ है , जो आपके जीवन की दिशा , सोचने के ढंग को बदल कर रख देगी।

फोर्ड मोटर के मालिक : हेनरी फोर्ड

motivational story in hindi for success
Henry Ford with 1921 Model T

हेनरी फोर्ड , फोर्ड मोटर्स के मालिक दुनिया के चुनिंदा धनी व्यक्तियो में शुमार किये जाते थे , उनकी गाड़ियों की प्रशंसा दुनिया भर में होती थी। एक बार एक भारतीय उद्योगपति भारत में मोटर कारख़ाना लगाने से पहले , फोर्ड से सलाह करने अमेरिका गए। भारतीय उद्योगपति ने अमेरिका पहुँच कर हेनरी फोर्ड से मिलने का समय माँगा।

इस पर हेनरी फोर्ड ने कहा – ” दिन में तो मैं आपके लिए अधिक समय नहीं निकाल पाउँगा , इसलिए आप मुझसे मिलने शाम 6 बजे आइये। “

शाम को भारतीय उद्योगपति उनके घर पहुँचे। वहाँ एक आदमी बर्तन साफ़ कर रहा था। उन्होंने उनसे कहा – ” मुझे हेनरी साहब से मिलना है ” . वह आदमी उन्हें बैठक में बैठाकर अंदर चला गया। थोड़ी देर बाद उसने उनके सामने आकर कहा – ” तो आप है वह भारतीय उद्योगपति , मुझे हेनरी कहते है। “

उन भारतीय उद्योगपति को असमंजस में देख कर हेनरी ने कहा – ” लगता है आपको मेरे हेनरी होने पे संदेह हो रहा है। ” भारतीय उद्योगपति ने सकपका कर कहा – ” हाँ सर , अभी मैं आपको एक नौकर का काम करते हुए देखकर ताज्जुब हुआ। इतने बड़े कंपनी के मालिक को बर्तन साफ़ करते हुए देखकर किसी को भी भ्रम पैदा हो सकता है। यह काम तो नौकरो का है। “

हेनरी ने कहा – ” शुरुवात में मैं भी एक साधारण इंसान था। अपना काम खुद करता था। अपने हाथ से किये कठोर परिश्रम का ही फल है कि आज मैं फोर्ड मोटर का मालिक हूँ। मैं अपने अतीत को ना भूल जाऊँ और मुझे लोग बड़ा आदमी ना समझने लगे , इसलिए मैं अपने सभी काम अपने हाथों से करता हूँ। मुझे अपना काम करने में किसी प्रकार की शर्मिन्दगी और झिझक नहीं होती है। “

भारतीय उद्योगपति उठ खड़े हो गए और बोले – ” सर ! अब मैं चलता हूँ। मैं जिस मकसद से आपके पास आया था , वह तो एक मिनट में ही पूरा हो गया। मेरी समझ में आ गया कि सफलता की कुंजी दुसरो पर भरोसा करने में नहीं , स्वयं पर भरोसा करने में है। “

Read more: खुद पर विश्वास – Best motivational story in hindi 

अपंगता हार गयी (motivational story in hindi for success )

motivational story in hindi for success
Nick Vujicic (Motivational Speaker)

4 दिसम्बर , 1982 को निक वुजिसिक ( Nick Vujicic ) का जन्म ऑस्ट्रेलिया के मेलबॉर्न में हुआ। जन्म से ही निक के कन्धों से दोनों हाथ नहीं थे एवं पैरो के नाम पर एक छोटा – सा बैया पैर जिस पर मात्र दो उंगलियाँ थी। आप कल्पना कर सकते है , कितनी कठिनाइयों एवं पीड़ा का सामना किया होगा निक ने अपने जीवन में।

धीरे – धीरे निक को सभी स्वीकार करने लगे और उनके कई दोस्त बनने लगे। निक ने अपने पैर की दो उँगलियों से लिखना भी शुरू कर दिया। अपनी उन्ही दो उँगलियों से निक ने लिखना सीखा , कंप्यूटर चलाना सीखा , फ़ोन पर बात करना जवाब देना सीखा।

धीरे – धीरे निक टेनिस बॉल भी फेकने लगे। पानी का गिलास स्वयं उठाना , दाढ़ी बनाना आदि स्वयं करने लगे। निक वुजिसिक ( Nick Vujicic ) ने 21 वर्ष की उम्र में स्नातक पास की और accounting एवं financial Planning के डबल डिग्री प्राप्त की।

आज वह लोगो को प्रेणादायक उपदेश ( motivational speech ) देते है। लोग उन्हें प्रोत्साहक एवं प्रेरक वक्ता की तरह जानते है। वह ” Life Without Limb ” के निदेशक है। आज निक हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा के ऐसे ऊर्जावान स्रोत्र है , जो आपको रोमांच से सरोबार कर दे।

अपने दृंढ संकल्प से निक ने अपंगता हो हरा कर दुनिया में एक मिसाल कायम की। आत्मविश्वास , आत्मबल से सरोबार ऐसे योद्धा को हमारा बार – बार नमन।

दोस्तों अगर आपको मेरी यह पोस्ट Motivational Story in Hindi for Success अच्छी लगी हो तो शेयर करना ना भूले facebook , twitter , whatsapp आदि पे।

Swami Vivekananda Stories in Hindi – स्वामी विवेकांनद की प्रेणादायक कहानिया

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Swami Vivekananda Stories

स्वामी विवेकांनद की प्रेणादायक कहानियाँ | Swami Vivekananda Stories in Hindi :

स्वामी विवेकानंद ऐसे महापुरुष थे। जिनके उच्च विचारो , अध्यात्मिक ज्ञान , सांस्कृतिक अनुभवों से हर कोई प्रभावित है। आज हम स्वामी विवेकानंद की प्रेणादायक और सत्य कहानियाँ पढ़ेंगे। और ऐसी कहानियाँ जिससे आपको आज जरूर कोई बड़ी सीख मिलेगी। तो चलिए पढ़ते है स्वामी विवेकानंद की प्रेणादायक कहानियाँ ( Swami Vivekananda Stories in Hindi ).

संकटों से भागो नहीं ,उनका सामना करो –

Swami Vivekananda Stories

यह घटना स्वामी विवेकानंद के परिव्रजाक जीवन की एक घटना है। उन दिनों जब स्वामी विवेकानंद वाराणसी में थे। एक दिन दुर्गामंदिर से लौटते समय बंदरो के एक झुण्ड ने स्वामी विवेकानंद का पीछा किया। स्वामी विवेकानंद भागने लगे , बन्दर भी पीछे दौड़े। तभी एक वृद्ध सन्यासी ने स्वामी विवेकानंद को पुकारकर कहा , ” भागो मत , दुष्टों का सामना करो। “ स्वामी विवेकानंद उनकी आवाज़ सुनकर दुष्टों का सामना करने के लिए मुड़े , और फिर उन बंदरो ने स्वामी विवेकानंद का पीछा छोड़ दिया। इस घटना से स्वामी विवेकानंद को गहरी एवं महत्वपूर्ण शिक्षा मिली। विघ्न – बाधाओं को देख कर कभी भागना नहीं चाहिए। डट कर , साहस के साथ उनका सामना करना चाहिए। परवर्ती जीवन में , न्यूयोर्क में एक भाषण के दौरान स्वामी विवेकानंद ने इस घटना का उल्लेख करते हुए कहा था , ” यह पुरे जीवन के लिए शिक्षा है। भयंकर दुश्मन से भी आँखे मिलाओ , साहस के साथ उसके सम्मुख खड़े हो जाओ। जीवन में दुःख – कष्ट को देखकर जब हम भागते नहीं , तो वो भी बंदरो की तरह हमारे पास फटकने का साहस नहीं कर पाते। “

यदि हमे मुक्ति पानी है , तो प्रकृति पर विजय करके पानी होगी। उससे मुँह मोड़ कर भागने से नहीं। कायर कभी विजय नहीं होते। यदि हम चाहते है कि भय, बाधा , विपत्ति एवं अज्ञानता हमसे दूर रहे तो हमे उनका सामना करना होगा।

Read Motivational Story : भाग्य बड़ा या कर्म

एकाग्रता की शक्ति (Swami Vivekananda Hindi Story)

स्वामी विवेकानंद अमेरिका में एक दिन , एक नदी के किनारे टहल रहे थे। उन्होंने देखा कि कुछ युवक एक पूल पर खड़े होकर तैरते हुए अंडो के छिलको पर गोली से निशाना साधने की चेष्टा कर रहे थे। लेकिन एक बार भी सफल नहीं हो पा रहे थे। खड़े होकर देखते – देखते स्वामी जी के होठों पर मुस्कान उभर आयी।

उन युवकों में से एक ने यह देखा , और स्वामी विवेकानंद से बोला “यह काम जितना सरल दिखता है उतना सरल है नहीं , ज़रा देखे तो आप कैसा निशाना लगाते है।

स्वामी विवेकानंद ने बिना झिझक बन्दुक ली और फिर एक के बाद एक बारह अंडो के छिलको को गोली का निशाना बनाया। सारे युवक आश्चर्यचकित रह गए , उन्होंने सोचा – ये अवश्य ही बहुत दिनों से बन्दुक चलाते होंगे। स्वामी विवेकानंद ने कहा कि पहले उन्होंने कभी बन्दुक नहीं पकड़ी थी। और उनकी सफलता का रहस्य उनकी एकाग्रता है।

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देखा दोस्तों कैसे छोटी – छोटी घटनाओ और कहानियों से हमे कितनी बड़ी सीख मिल जाती है , बस हमारा नज़रिया सकारात्मक होना चाहिए। अगर आपने आज इस पोस्ट Swami Vivekananda Stories से कुछ अच्छा सीखा तो हमे कमेंट के माध्यम से जरूर बताये और अपने दोस्तों के साथ Facebook , Whatsapp , Twitter आदि पर शेयर जरूर करे धन्यवाद। मिलते है फिर कोई नयी पोस्ट के साथ Keep Supporting .

Stress Management in Hindi | Stress Free Life Tips in Hindi

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Stress Management in Hindi

Stress Management in Hindi |Stress Free Life Tips in Hindi :

आज हम बहुत ही important topic पर बात करेंगे और वह है Stress या तनाव, इसकी जानकारी हम सभी को होनी चाहिए। और हमे जरूरत भी है।

क्या आपको लगता है Stress के बिना ज़िन्दगी possible है ? तो मेरा जवाब होगा ” ना “.
अब ज़िन्दगी है तो Stress तो होगी ही। लेकिन ये हम पर Depend करता है हम इसे किस प्रकार लेते है या हमारा इसके प्रति नज़रिया कैसा है। तो चलिए जानते है Stress को manage कैसे किया जाये जिससे हमारी ज़िन्दगी Stress Free रहे।

Stress (तनाव) क्या है –

जब कोई चीज़ हमारी क्षमता (Ability) या फिर हमारे Control से बाहर हो जाती है। जिसकी वजह से हम असुरक्षित ( insecure) महसूस करने लगते है तब Stress या तनाव उत्पन्न होता है।

For Example : आपके बॉस ने आपको 1 file दी और आपसे कहा की एक दिन में ये काम complete हो जाना चाहिए। अब आप यहाँ सोचने लगे , मैं इतनी बड़ी file एक दिन में कैसे finish करू , अगर finish नहीं हुई तो बॉस को क्या जवाब देंगे , आपके दिमाग में तरह – तरह के सवाल आने लगे ,काम का workload बढ़ गया।

अब यहाँ पर समझे , आपको जो काम मिला वह क्षमता (Ability) से बाहर लगा आपको , आप insecure महसूस करने लगे और उत्पन्न हुआ तनाव ( Stress ).

और इसी तरह emotional stress भी उत्पन्न होता है। जब हम किसी से कुछ Expectations ( उम्मीद ) रखते है। और वो पूरी नहीं हो पाती।

और जैसे हम किसी को बहुत ज्यादा भाव दे रहे है उसके लिए बलिदान (Sacrifice) कर रहे है , हर time उसे खुश करने में लगे है। और बदले में हम चाह रहे है हमे भी उससे वही same response मिले। एक बात याद रखे हम किसी को ज़बरदस्ती बदल नहीं सकते, और ये situation होती है हमारे Control से बाहर और जब return में हमे ऐसा नहीं मिलता। तो हमे हो जाता है तनाव (Stress) .

और अगर तनाव (stress) को समय रहते control ना किया जाये तो यह आगे चल कर Depression का रूप ले सकता है। तो इसीलिए Stress Management बहुत ही जरुरी है हम सभी के लिए। ” Stress Management in Hindi “.

Stress Management in Hindi | Stress के प्रकार –

Stress Management in Hindi

Stress (तनाव) दो प्रकार के होते है। सकारात्मक तनाव (Positive Stress ) और नकारात्मक तनाव ( Negative Stress). हम क्या और कैसे सोचते है। वो impact करता है हमारे Stress Level को।

for example : हम वही पहले वाले example से समझते है। आपके बॉस ने आपको 1 file दी और आपसे कहा की एक दिन में ये काम complete हो जाना चाहिए।

अब इस Situation के दो पहलु बनते है। एक Negative और एक Positive , अगर आप इस work को as Opportunity सोचते है. Challenge की तरह accept करते है। की मुझे इस काम को Complete करना है। जिससे मेरे Promotion में help मिलेगी। मेरा impression अच्छा बनेगा। तो ये हुआ positive stress .

और वही आप अगर इससे Burden की तरह लेंगे , की मुझसे ये नहीं हो पायेगा , नहीं होगा तो बॉस क्या कहेंगे , तब ये बन जायेगा negative stress .

Stress उन लोगो पर ज्यादा हावी होता है जो ज्यादा Confuse रहते है , दुसरो से Comparison करते रहते है। और Change से डरते है ( जो change को स्वीकार नहीं करना चाहते ).

Confuse लोगो को Stress (तनाव ):

for example – आपकी job लगी और आपको दूसरे शहर में shift होना है। अब आप दिन – रात इसी सोच में confuse है की job तो मेरे पसंद की है पर दूसरे शहर नहीं जाना चाहता अब क्या करू। यहाँ एक तरह सब आपके पसंद का है और दूसरी तरफ आप सोच रहे है दूसरे शहर में shift होना ठीक होगा या नहीं।

Change को accept नहीं करते : जब भी हम बदलाव को ले के तैयार नहीं होते हम stress ( तनाव ) में जाते है।

यह बदलाव किसी भी प्रकार का हो सकता है – job , marriage life , career , etc..etc .

दुसरो से Comparison(तुलना) करना : खुद की तुलना दुसरो से करते रहना भी तनाव के कारणों मे से एक है। जब हम खुद की तुलना दुसरो से करते हो तो हम अपना आत्मसम्मान खो रहे होते है। आपको ईश्वर ने जैसा बनाया है उसे स्वीकार करे , आपके पास जो कुछ भी है उसे स्वीकार करे , अपने goals achieve करने के लिए मेहनत करे ना की comparison. अगर आप ऐसा करते है तो आज से ही ऐसा करना छोड़ दे। यह आपके जीवन में positivity लायेगा।

Stress Management क्यों जरुरी है (Stress Management in Hindi) –

Stress Management या तनाव प्रबंधक हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है , तनाव सिर्फ हमारे मस्तिष्क को ही नहीं बल्कि हमारे पुरे शरीर को प्रभावित करता है। तनाव के कारण हमारे शरीर में कई तरह के तनाव हार्मोन्स का स्तर बढ़ने लगता है। जिससे हमारे शरीर में कई प्रकार की बीमारिया पैदा होती है , दिल की बीमारी (heart problems ) , High blood pressure , thyroid , नींद ना आना (insomnia), सर में दर्द रहना। आपने देखा ही होगा आजकल ये बीमारिया आम होती जा रही है और छोटी उम्र से लोग ऐसी बीमारियों से ग्रसित हो रहे है। हमे इन सब से बचने के लिए जरुरी है Stress Management ( तनाव प्रबंधक ) , “Stress Management in Hindi “

Stress Free Life Tips in Hindi –

Stress Management in Hindi
Stress Free Tips

Stress Management in Hindi.

1 ) अपने जीवन में तनाव की वजह को पहचाने :

Stress Management ( तनाव प्रबंधक ) में सबसे पहले आप तनाव में क्यों रहते है इसकी वजह पहचाननी होगी। हालांकि छोटे – मोटे रोजमर्रा के जीवन में होने वाले तनाव को पहचानना आसान है। लेकिन अगर आपको ज्यादा stress (तनाव) रहता है तो आप इसकी वजह खोजे.

आप तनाव पत्रिका ( Stress Journal ) लिखना शुरू कर सकते है : आप को जब भी तनाव हो आप उस तनाव पत्रिका ( Stress Journal ) में इस प्रकार लिख सकते है।

  • आपको आज किस वजह से तनाव हुआ ?
  • आपको तनाव में शारीरिक और भावनात्मक रूप से कैसा महसूस हुआ ?
  • आपने उस समय क्या प्रतिक्रिया दी ?
  • क्या आपने इससे निपटने के लिए या खुद को बेहतर महसूस कराने के लिए कुछ किया ?

इससे आप खुद को ज्यादा अच्छी तरह से समझने लगेंगे।

2 ) जिस चीज़ पे आपका Control नहीं है उसके पीछे परेशान ना रहे :

अब दूसरी बात ,जो चीज़ आपके control से बाहर है जिसमे आप कुछ नहीं कर सकते। उसके बारे सोचना बंद कर दे और उस चीज़ को accept करे। वरना ये चीज़ आगे चल कर काफ़ी ख़तरनाक साबित हो सकती या डिप्रेशन का रूप ले सकती है अगर आप भी ऐसी बातें सोचते है तो आज से ही सोचना बंद कर दे।

3 ) मौज – मस्ती और आराम के लिए समय निकाले :

आप अपने लिए थोड़ा समय जरूर निकाले जिसमे आप खुद को आराम दे , घूमने जाये , खेले , अपनी पसंद के म्यूजिक सुने, आप अपनी पसंद की books , novels भी पढ़ सकते है। यह आपके stress level को कम करने में मदद करेगा।

4 ) Family Relation को अच्छा कर लीजिये :

अगर आपके family relations ठीक नही है तब आपको stress (तनाव) होना ही है तो आप अपने family members के साथ अपने relations अच्छे कर ले। क्योकि जीवन में इंसान अकेला नहीं रह सकता। जब हम अपने family members के साथ communicate करते है। अपने सुख – दुःख बांटते है अपनी feelings शेयर करते है ,तो इससे आपका stress (तनाव) कम होता है।

5 ) व्यायाम या योग करे :

अपनी दिनचर्या में 30 मिनट या 1 घंटे का समय योग या व्यायाम के लिए जरूर निकाले। योग या व्यायाम हमारे तनाव को कम करता है यह तो डॉक्टरों ने भी प्रमाणित किया है। और योग या व्यायाम तो हमारे स्वास्थ के लिए भी लाभदायक है।

6 ) अच्छी नींद ले :

stress (तनाव) से बचना है तो 6 – 8 घंटो की अच्छी नींद जरूर ले। ज्यादा रात तक जागना फिर सुबह देर तक सोना तनाव उत्पन्न करता है। इसलिये समय पे सोये और अच्छी नींद ले।

7 ) fast food और soft drink Avoid करे :

कभी भी fast food और soft drinks का सेवन ज्यादा ना करे यह आपके stress level को बढ़ाता है। और पानी ज्यादा पीये यह आपके तनाव को कम करने में मदद करेगा और शरीर को hydrate रखेगा।

8 ) बच्चो के साथ समय बिताये :

जब आप बच्चो के साथ खेलते है उनके साथ समय बिताते है तो आप दुनिया को भूल जाते है और अच्छा महसूस करते है जिससे stress कम या खत्म हो जाता है। इसलिए जब भी समय मिले बच्चो के साथ समय जरूर बिताये।

9 ) Long Walk पर जाये :

अगर आप तनाव में हो और आपके पास समय हो तो आप एक Long Walk पर चले जाये और तब तक चले जब तक आप थक ना जाये। अगर आप ऐसा करेंगे तो इससे आपका stress कम हो जायेगा। और आपको थकान की वजह से नींद भी अच्छी आएगी, ” Stress Management in Hindi “

10 ) खुद को प्रकृति से जोड़े :

खुद को प्रकृति से जोड़ ले , जब आप प्रकृति के साथ जुड़ते है तो stress कम होता है , ऐसी जगह पे जाइये जहॉ पेड़ पौधे हो , झील या नदी हो , फूल हो जैसे आप पार्को में जा सकते है, और हो सके तो रोज जाइये। आप सूर्य उदय और सूर्य अस्त के नज़ारे को महसूस कर सकते है. इससे तनाव कम करने में मदद मिलेगी।

11 ) कृतज्ञता (Gratitude) की भावना रखे :

कृतज्ञता की भावना अपनाये , आपके पास जो कुछ भी है आप उसके लिए ईश्वर को धन्यवाद दे जैसे अपने अच्छे स्वस्थ के लिए धन्यावद दे , परिवार के लिए , घर के लिए , भोजन करने से पहले ईश्वर का धन्यवाद। इससे आपका नज़रिया सकारात्मक होने लगेगा और आपका तनाव कम हो जायेगा।

12 ) भगवान (Universe) पर भरोसा रखे :

आप जिस भी शक्ति को मानते है उस पर विश्वास रखे। उनसे प्राथना करे . इससे भी तनाव कम होता है।

13 ) मनपसंद काम करे :

आप अपने मन पसंद का काम करे जिससे आपको खुशी मिलती हो जैसे अगर आपको music पसंद है तो आप music सुन सकते है , आप shopping पर जा सकते है , खेल सकते है , या जो भी आपको पसंद है वो करे जिससे आपका तनाव कम होगा।

तो अब आप समझ गए होंगे Stress Management क्या है और क्यों जरुरी है Stress Management .

दोस्तों अगर आपको मेरी यह पोस्ट Stress Management in Hindi कैसी लगी हमे comment के माध्यम से जरूर बताये। और Facebook , twitter आदि पे शेयर करना ना भूले।

Ajit Doval Biography in Hindi | अजीत डोभाल का जीवन परिचय

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Ajit Doval Biography in Hindi

Ajit Doval Biography in Hindi – अजीत डोभाल का जीवन परिचय :

अजीत डोभाल वो नाम है जिन्होंने अपनी हिम्मत और जज्बे से जासूसी की दुनिया में मिसाले कायम की है। अजीत डोभाल जी IPS (Retired) , भारत देश के 5वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (National Security Advisor) है। वे 30 मई 2014 से इस पद पर है , और 3 जून 2019 में को इन्हे फिर इस पद के लिए नियुक्त किया गया है। और साथ ही उन्हें केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया। अजीत डोभाल ने अपने करियर में ज्यादा समय खुफ़िया विभाग में ही काम किया है। इनके किस्से तो ऐसे है की James Bond के किस्से फ़ीके पड़ जाये। तो चलिए जानते है जबर्दस्त व्यक्तित्व वाले अजीत डोभाल जी का जीवन परिचय और किस्से।

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार , जासूस अजीत डोभाल ( Ajit Doval Information in Short )-

जीवन परिचय :

Ajit Kumar Doval
5th National Security Advisor
विषय जानकारी
नाम    अजीत डोभाल
पूरा नाम   अजीत कुमार डोभाल
जन्म  20 -जनवरी -1945
जन्म स्थान  पौड़ी ,गढ़वाल , उत्तराखंड , भारत
धर्म  हिन्दू
राष्ट्रीयता भारतीय
रहवास अजमेर , राजस्थान
शिक्षा प्रारंभिक शिक्षा : अजमेर मिलिट्री स्कूल
(अजमेर से ).
आगरा विश्वविद्यालय से : अर्थशास्त्र में

स्नातकोत्तर
( Masters Degree in Economics ,

1967 ).

अजीत डोभाल का जीवन परिचय ( Ajit Doval Biography in Hindi )-

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा :

अजीत डोभाल जी का जन्म 20 जनवरी 1945 को उत्तराखंड के पौड़ी ,गढ़वाल नामक स्थान पर हुआ था। उनके पिता Major G.N Doval भारतीय सेना में अधिकारी थे।

उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अजमेर के ,अजमेर मिलिट्री स्कूल से प्राप्त की। और उन्होंने 1967 में आगरा विश्वविद्यालय से , अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर ( Masters Degree in Economics ) डिग्री प्राप्त की। और उन्हें दिसंबर 2017 में आगरा विश्वविद्यालय ( Agra University ) और मई में कुमाऊं विश्वविद्यालय (Kumaun University ) से विज्ञान और साहित्य में .

रणनीतिक मामलो के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें मानद डॉक्टरेट ( Honorary Doctorate) उपाधि से सम्मानित किया गया।

IPS के रूप में करियर (Ajit Doval Biography in Hindi)

1 ) पुलिस करियर (Police Career ) : अजीत डोवाल ने 1968 में , केरल कैडर ( Kerala Cadre) में IPS शामिल हुए।

  • अजीत डोभाल जी मिजोरम और पंजाब में उग्रवाद – विरोधी आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल थे।
  • उसके बाद 1999 में , कंधार में IC – 841 यात्रियों के अपहरण मालमे में , उन तीन अधिकारियो में से एक थे जिन्होंने रिहाई के मुद्दे पर देश की ओर से बात की। और उन्हें 1971 से 1999 तक के सभी भारतीय एयरलाइन्स के 15 हाईजैक विमानों को समाप्त करने में शामिल होने का अनुभव है।
  • अजीत डोभाल जी को एक दशक से भी अधिक समय तक IB’s संचालन विंग (Wing) का नेतृत्व करने का अनुभव प्राप्त है. और इसके अलावा अजीत डोभाल जी मल्टी एजेंसी सेंटर (MAC) के संस्थापक , और साथ ही Joint Task Force on Intelligence ( JTFI ) अध्यक्ष भी थे।

2 ) खुफ़िया ,जासूस विभाग ( Intelligence Career ):

  • Mizo National Front (MNF ) विद्रोह के दौरान अजीत डोभाल ने लालडेंगा के सात कमांडरों में से छः पर जीत हासिल की थी। और इसके अलावा उन्होंने बर्मा में अरकान मे मिज़ो राष्ट्रीय सेना और चीनी क्षेत्र के भीतर लम्बे समय तक गुप्त काल बिताया।
  • और फिर अजीत डोभाल मिज़ोरम से सिक्किम गए , और जहाँ उन्होंने भारत के साथ राज्य विलय के दौरान भूमिका निभाई।
  • आतंकवाद निरोधी अभियानों में संक्षिप्त अवधि के लिए उन्हें भारत के तीसरे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ( National Security Advisor) M .K Narayanan के द्वारा प्रशिक्षित किया गया था।
  • इसके अलावा वे पंजाब के रोमानियाई राजनियक लिविउ राढू (Romanian Diplomat Liviu Radu ), वे 1988 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर ( Golden Temple ) के अंदर ऑपरेशन ब्लैक थंडर ( Black Thunder ) से पहले महत्वपूर्ण जानकारी एकत्रित करने गए थे। वे स्वर्ण मंदिर ( Golden Temple ) में रिक्शा चालक का भेष बनाकर जासूसी करते थे।
  • अजीत डोभाल जी अपने देश की सुरक्षा के लिए 7 साल तक मुसलमान बन कर पाकिस्तान के लाहौर में रहे थे। और फिर 1990 में वे कश्मीर गए और उग्रवादियों को भारत विद्रोही आतंकवादियों को निशाना बनाने के लिए राजी किया। और उन्होंने 1996 में जम्मू – कश्मीर में राज्य चुनाव का रास्ता तय किया।

सेवानिवृत्ति के बाद ( After Retirement 2005 – 2016 ) :

  • अजीत डोभाल जी जनवरी 2005 में निदेशक (Director) खुफ़िया ,जासूस विभाग ( Intelligence Bureau) से सेवानिवृत्त हुए। और दिसंबर 2009 में वे विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के संस्थापक एवं निदेशक बने।
  • एक सार्वजानिक निति थिंक टैंक (Think Tank ) विवेकानंद केंद्र द्वारा स्थापित की गयी।
  • अजीत डोभाल जी राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रवचन में सक्रिय रूप से शामिल रहे है।
  • अजित डोभाल जी ने प्रसिद्ध कई प्रमुख अखबारों और पत्रिकाओं के लिए संपादकीय अंश भी लिखे है।
  • इसके अलावा उन्होंने कई प्रसिद्ध सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों , भारत और विदेशो में सुरक्षा थिंक – टैंक में , भारत की सुरक्षा चुनौतियों और विदेश नीति के उद्देश्यों पर व्याख्यान दिया है।
  • 2009 और 2011 में उन्होंने ” Indian Black Money Abroad in Secret Banks and Tax Havens ” पर दो रिपोर्ट्स लिखी और BJP के इस अभियान में अपना योगदान दिया।
  • और अजीत डोभाल जी ने IISS , लंदन , कैपिटोल हिल , वाशिंगटन डीसी , ऑस्ट्रेलिया – इंडिया इंस्टिट्यूट , यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेलबर्न , नेशनल डिफेन्स कॉलेज , नई दिल्ली और लाल बहादुर शास्त्री नेशनल अकादमी ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेशन और मसूरी में उन्होंने रणनीतिक मुद्दों पर अतिथि व्याख्यान दिए है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सहलाकर के रूप में ( 2014 – अभी तक ) As National Security Advisor –

  • 30 मई 2014 को अजीत डोभाल जी को 5वें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ( National Security Advisor) के रूप में नियुक्त किया गया। और उनके अच्छे कामो को देखते हुए , उन्हें 3 जून 2019 में, BJP सरकार के अंतर्गत फिर इस पद के लिए नियुक्त किया गया है। और साथ ही उन्हें केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया।
  • Ajit Doval जी ने जून 2014 में , 46 भारतीय नर्सो को सुरक्षित भारत वापिस लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जो इराक में तिकरित (Tikrit) के एक अस्पताल में फसी हुई थी। ISIL द्वारा मोसुल पर कब्ज़ा करने के बाद , परिवार के सदस्यों ने इन नर्सो से सभी संपर्क खो दिए थे। इसके लिए वे खुद इराक गए और इस गुप्त मिशन पर काम किया और सभी नर्सो को सुरक्षित भारत वापिस लाये।
  • अजीत डोभाल जी ने सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग के साथ मिल के म्यंमार से बाहर चल रहे National Socialist Council of Nagaland के आतंकवादियों के खिलाफ योजना बनाई और इस अभियान में सेना के साथ मिल कर 50 आतंकवादियों को ढेर किया और इस अभियान को सफल बनाया।
  • अजीत डोभाल जी को पाकिस्तान के संबन्ध में भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में सैद्धांतिक बदलाव के लिए श्रेय दिया जाता है।
  • ‘ Defensive ‘ से ‘ Defensive Offensive ‘ के साथ – साथ Double Squeeze Strategy करना , यह अनुमान भी लगया जाता है सितम्बर 2016 में पाकिस्तान में भारतीय सर्जिकल स्ट्राइक उन्ही के दिमाग उपज थी। और इसी अभियान के तहत भारत को सफलता मिली।
  • अजीत डोभाल जी को अक्टूबर 2018 में , रणनीतिक नीति समूह (Strategic Policy Group) के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। जो राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद् में तीन स्तरीय संरचना का पहला स्तर है। और इसके निर्णय लेने वाले तंत्र के नाभिक का निर्माण करते है।
  • इस साल 14 फरवरी 2019 मे पुलवामा आतंकवादी हमले के जवाब में , पाकिस्तान द्वारा हिरासत में रखे गए विंग कमांडर अभिनन्दन वर्थमान की जवाबी करवाई में अजीत डोभाल जी की भूमिका बताई गयी है।

पुरस्कार और मान्यताएँ ( Ajit Doval Biography in Hindi) –

  • अजीत डोभाल जी मेधावी सेवा ( meritorious service ) के लिए पुलिस पदक प्राप्त करने वाले सबसे कम उम्र के पुलिस अधिकारी थे। उन्हें पुलिस सेवा के मात्र 6 साल बाद ही यह मेडल प्राप्त हो गया था। जो की 17 वर्ष की सर्विस के बाद दिया जाता है।
  • और बाद में उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित किया गया।
  • 1988 में अजीत डोभाल जी को सर्वोच्च वीरता पुरस्कारों में से एक कीर्ति चक्र से नवाजा गया था। जो की Army Officers को दिया जाता है। लेकिन अजीत डोवाल जी इस पदक को प्राप्त करने वाले पहले पुलिस अधिकारी बने।

Ajit Doval जी का हैरतअंगेज इतिहास रहा है और उन्हें भारत का ” जेम्स बॉन्ड ” कहा जाता है। हम उनके जज्बे को सलाम करते है। जय हिन्द।

Source : Wikipedia ( Ajit Doval Biography in Hindi )

अन्य पढ़े : Dr.A.P.J Abdul Kalam Biography

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Top 51 Motivational Quotes in Hindi {Latest 2019} – TalkShauk

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Motivational Quotes in Hindi

Top Motivational Quotes in Hindi : अगर आप अपनी जीवन शैली में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते है तो जरूर पढ़े Motivational Quotes in Hindi को , और हर दिन कुछ Motivational Quotes पढ़ने की और उन पर अमल करने की आदत बनाये। हर quote हमे कुछ ना कुछ अच्छी सीख जरूर देता है। जो आपके जीवन को देखने का नज़रिया बदल देगा।

Thought of the Day in Hindi –

Hindi Motivational Quotes

Quote 1 : ” अपने Struggle को तब तक Secret रखिये , जब तक आप सफल नहीं हो जाते। ”

Quote 2 : ” जो लोग आज आप पर विश्वास नहीं कर रहे , वो एक दिन सबको बताएंगे कि वो आपसे कैसे मिले थे। “

Quote 3 : ” विचारो को पढ़ कर बदलाव नहीं आता , बल्कि विचारो पर अमल करना पड़ता है। “

Quote 4 : ” बड़ा नौकर बनने से अच्छा है छोटा मालिक बन जाओ। “

Quote 5: ” कौन किसी का दर्द है समझता सबको अपनी फ़िक्र है , इसलिए बेहतर यही है की आप अपनी समस्याओं का हल स्वयं करना सीखे। “

Top Status Quotes in Hindi .

Quote 6 : ” उठ गए हो तो रब का शुक्रिया अदा kriye, हर एक Jindagi के मुकद्दर में सवेरा nhi होता। ”

Quote 7 : “Never Give Up ” क्योकि कभी – कभी आखिरी गेंद पर हार या जीत का निर्णय होता है।

Quote 8 : ” जिन लोगो को दुनिया बेवकूफ मानती है , वो लोग जब अपना करियर बनाने पर आ जाते है तो वे करियर नहीं सीधा इतिहास बनाते है, करियर उनके लिए फिर बहुत छोटी चीज़ है। “

Quote 9 : ” ये हमेशा याद रखना मेरे दोस्त की जिन्दगी हर फिजूल में गवाए वक़्त का हिसाब , तुम्हारे पछतावे से मांगेगी। “

Quote 10 : ” जब Aap सफलता पा लेंगे , तो sabhi का मुँह खुद बंद हो जायेगा , Lekin लोगो का मुँह बंद करने के लिए Aapko जी तोड़ मेहनत करनी पड़ेगी। “

Whatsapp Status for Motivation .

Quote 11 : ” जब इंसान के Jeevan में हालात बिगड़ जाते है , तो Kuch लोग बहुत टूट जाते है और कुछ लोग Record तोड़ जाते है। “

Quote 12 : ” किताबों में इतना खजाना Chhupa है , जितना कोई Lootera भी नहीं लूट सकता है। “

Quote 13 : ” सुकून भरा जीवन चाहिए तो , ना तो किसी की उपेक्षा करो , और ना किसी से अपेक्षा करो। “

Quote 14 : ” कुछ अलग करना है, तो भीड़ से हट कर चलो। भीड़ साहस तो देती है , लेकिन पहचान छीन लेती है। “

Quote 15 : ” सही फैसला लेना काबिलियत नहीं है , फैसला लेकर उसे सही साबित करना असली काबिलियत है। “

Life Changing Quotes in Hindi –

Hindi Quotes Motivational

Quote 16 : ” यदि सुबह नींद खुलते किसी लक्ष्य को लेकर आप उत्साहित नहीं है , तो आप जी नहीं रहे है , सिर्फ जिंदगी काट रहे है। “

Quote 17 : ” खुद का माइनस (-) पॉइंट जान लेना , जिंदगी का सबसे बड़ा प्लस (+) पॉइंट है। “

Quote 18 : ” जीवन का सबसे बड़ा गुरू वक़्त होता है , क्योकि जो वक़्त सिखाता है वो कोई और नहीं सीखा सकता। “

Quote 19 : ” धैर्य होना अति आवश्यक है , माली यदि किसी पेड़ को सौ घड़े से भी सींचे , तब भी फल तो मौसम आने पर ही लगेंगे। “

Quote 20 : ” कभी कभी बहुत ख़राब अतीत वाले लोग ही सबसे अच्छे भविष्य का निर्माण करते है “

Quote 21 : ” अंदाज़ा ताकत का लगाया जा सकता है , किसी के हौसले का नहीं। ”

Quote 22 : ” एक बात हमेशा याद रखना दोस्तों , दुश्मन हमेशा दमदार लोगो के ही होते है , कमजोरो से तो लोग सहानुभूति रखते है। “

ये भी पढ़े : जिंदगी बदलने वाले 30 विचार

Top Motivational Quotes in Hindi

Quote 23 : ” जीवन में पछतावा करना छोड़ो , कुछ ऐसा करो की तुम्हे छोड़ देने वाला पछताये। “

Quote 24 : ” Life में सबसे बड़ी खुशी उन कामों को करने में है , जिसे लोग कहते है तुम नहीं कर सकते। “

Quote 25 : ” अच्छी बातें पढ़ने की आदत हो तो अच्छी बातें करने की आदत लग ही जाती है। “

Quote 26 : ” अगर तुम्हारे सपने बड़े है तो , संघर्ष कैसे छोटा हो सकता है। “

Quote 27 : ” समस्यांए इतनी ताकतवर नहीं होती , जितना हम उन्हें मान लेते है , कभी सुना है कि अँधेरे ने सुबह ही ना होने दी हो।”

Quote 28 : ” अगर अपने Signature को Autograph में बदलना है तो , Hard work करना ही होगा।

Quote 29 : ” वक़्त तेरा लाख शुक्रिया जो भी सीखा है , तुझसे ही सीखा है। “

Quote 30 : ” अगर तुम अपने लिए सपने नहीं देख सकते हो तो , कोई और तुम्हे अपने सपने पुरे करने में लगा देगा। ”

Quote 31 : ” आ रात के छावं में , धुप के छाले सुखा ले, कल फिर दौड़ना है नंगे पाँव ज़िन्दगी की ज़मीन पर। “

Quote 32 : “भागते रहो Apne लक्ष्य के पीछे , क्योकि Aaj नहीं तो और कभी नहीं , करेंगे लोग गौर Kabhi, लगे रहो बस रुकना मत , आएगा तुम्हारा दौर Kabhi।

Quote 33 : ” दुनिया आपको गिरा सकती है , हरा तब तक नहीं सकती , जब तक आप खुद हारना ना चाहे। “

Quote 34 : ” आपकी मेहनत ही आपकी पहचान है, वरना एक नाम के लाखो इंसान है। ”

Quote 35 : ” एक ना एक दिन हासिल कर ही लूँगी मंजिल , ठोकरे , ज़हर थोड़ी ना है जो खा कर मर जाऊँगी। ”

Quote 36 : ” वक़्त आपका है “, चाहे सोना बना लो , चाहे सोने में गुजार दो।

Quote 37 : ” स्वयं के लक्ष्य को ऊँचा रखो और तब तक मत रुको जब तक आप इसे हासिल नहीं कर लेते। “

Quote 38 : ” हार और जीत हमारी soch पर होती है , मान लिया तो हार , ठान Liya तो जीत। “

Inspirational Hindi Quotes .

Quote 39 : ” Jindagi me तपिश कितनी भी हो कभी उदास मत होना , क्योकि धुप kitniभी तेज हो समंदर को सूखा नहीं करते। “

Quote 40 : ” सकारात्मक व्यक्ति सदा दुसरो में भी , सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। “

Quote 41 : ” सफलता सिर्फ मेहनत की दीवानी होती है , सफलता कभी किसी की शक्ल देख कर कदम नहीं चूमती। “

Quote 42 : ” किस्मत के भरोसे बैठना कायरो का काम है। “

Quote 43 : ” खेल जो भी खेलो दिमाग से खेलो , जीत जाओगे , दिल को बीच में लाये तो हार जाओगे। “

Quote 44 : ” ज़िन्दगी एक खेल है, और तय आपको करना है की आपको खेल बनना है या खिलाडी। “

Quote 45 : ” काम वही करो जिसमे तुम्हे Interest हो , Success जरूर मिलेगी। क्योकि तुम उस काम में अपना 100 % Best दोगे। “

Truth of Life Quotes in Hindi.

Quote 46 : ” एक बुद्धिमान इंसान हमेशा चिंता नहीं , बल्कि चिंतन करता है। ”

Quote 47 : ” लोग पीठ पीछे बड़बड़ा रहे है , लगता है हम सही रस्ते पर जा रहे है। “

Quote 48 : ” मैंने छोड़ दिया किस्मत पर यकीन करना , जब लोग बदल सकते है तो किस्मत क्या चीज़ है। “

Quote 49 : झुको उतना ही जितना सही हो , आपका बेवजह झुकना , केवल दुसरो के अहम को बढ़ावा देता है। “

Quote 50 : ” जो चीज़ आपको Challenge करती है , वही चीज़ आपको Change करती है। “

Quote 51 : ” आपकी बुराई सिर्फ वही लोग करते है , जो आपकी बराबरी नहीं कर पाते। “

ये भी पढ़े : महादेव स्टेटस एवं शायरी हिंदी में

निवेदन : दोस्तों आपको कैसी लगी मेरी यह पोस्ट Motivational Quotes in Hindi , और कौन से Quotes आपको सबसे अच्छे लगे Comment कर के जरूर बताये। जिससे पता चलेगा की किस तरह के quotes ज्यादा पसंद करते है आप और अगर अच्छी लगी हो यह पोस्ट तो शेयर करना ना भूले धन्यवाद।

Subconscious Mind in Hindi – आपके अंदर अनंत शक्ति छिपी है।

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Subconscious Mind in Hindi

नमस्कार दोस्तों मैं सरबजीत कौर आपका स्वागत करती हूँ अपनी इस पोस्ट Subconscious Mind in Hindi में , आज का विषय बहुत ही दिलचस्प है। जिसमे आज हम बात करेंगे एक रहस्यमयी अनन्त शक्ति के बारे में , और जानेंगे कैसे यह अनन्त शक्ति हमारा जीवन बदल सकती है।

आपके अंदर अनंत शक्ति छिपी है- The Power of Subconscious Mind in Hindi

यदि आप अपनी मन की आँखे खोले और अपनी मन की आँखों से देखे। आपको अनंत धन नज़र आएगा , आपके अंदर सोने की खान है जिसमे से आप अपनी ज़िन्दगी के लिए अनंत खुशियाँ , आनंद , सुख ,शांति , भरपूर रूप से जीने के लिए कुछ भी निकाल सकते है। अपने मन की गहराई में छिपी इस अनंत शक्ति को जानने के लिए सबसे पहले हमे अपने मन को बहुत अच्छे से समझना होगा।

मन क्या है ? और मन के प्रकार –

मैं आपको सरल भाषा में समझाती हूँ। जैसे मस्तिष्क ( Brain) और मन …मस्तिष्क हमारा Computer Hardware है जिसे हम देख सकते है छू सकते है। और मन हमारा Software जिसे हम छू नहीं सकते , हम उसे Program (Coding) करते है।

मन की परिभाषा इस प्रकार है – ” मन मस्तिष्क की उस क्षमता को कहते है। जो मनुष्य को चिंतन – स्मरण ( सोचने , समझने ), निर्णय – शक्ति , बुद्धि , भाव , एकाग्रता , व्यवहार , अंतर्दृष्टि आदि में सक्षम बनाती है। “

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मनोवैज्ञानिकों ने मन को दो हिस्सों में बांटा है – (Subconscious Mind in Hindi)

 Subconscious Mind in Hindi

आपको याद रखना होगा यह दो मस्तिष्क नहीं है। यह केवल एक मस्तिष्क की कार्यशीलता के दो कार्यक्षेत्र है।

चेतन मन ( Conscious Mind ) –

चेतन मन पूरे मस्तिष्क का 10 % हिस्सा ही होता है। चेतन अथवा तर्क करने वाला स्तर। आप अपने चेतन मस्तिष्क से सोचते है आप अपने अभ्यास या आदत के अनुसार जो भी सोचते है करते है। वह आपके अवचेतन मन ( Subconscious Mind ) में बस जाता है।

चेतन मन ( conscious Mind ) मस्तिष्क की वह अवस्था है जो चयन (Choose) करती है। उदाहरण के लिए , आप घर चुनते है , जीवन साथी चुनते है , कपड़े , किताबे। यह सब निर्णय (decisions) हम जागृत अथवा चेतन मन से लेते है। इसीलिए इसे जागृत मन या Active Mind भी कहा जाता है। चेतन मन तभी तक काम करता है जब तक हम जग रहे होते है या होश में होते है। इसलिए चेतन मन का use 10 % ही है।

अवचेतन मन (Subconscious Mind in Hindi) –

अवचेतन मन ( Subconscious Mind ) ही हमारे अंदर की अनंत शक्ति है। जिसके इस्तेमाल से हम अपना जीवन अपनी इच्छा के मुताबित बदल सकते है।

अवचेतन मन ( Subconscious Mind ) अथवा तर्क हीन , हम अपने चेतन मन से जो भी सोचते है , आदते विकसित करते है वह हमारे अवचेतन मन ( Subconscious Mind ) में जा कर Store होती है। इसीलिए Subconscious Mind को आदतों का स्थान भी कहा गया है. और अवचेतन मन आपके सोच के प्रकृति के अनुसार उसकी रचना करता है। और आपके सामने वही प्रकट करता है। यदि आप अच्छा सोचेंगे तो अच्छा होगा , बुरा सोचेंगे तो बुरा होगा। आपका मस्तिष्क इसी तरह काम करता है। अवचेतन मन ( Subconscious Mind ) हमारे मस्तिष्क का 90 % हिस्सा है और यह चेतन मन से कई ज्यादा शक्तिशाली है। हमारा Subconscious Mind 24 घंटे काम करता है जब हम सो जाते है तब भी , जब हम नींद की अवस्था में होते है उस वक़्त अवचेतन मन ( Subconscious Mind ) सबसे ज्यादा सक्रिय हो जाता है।

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अवचेतन मन ( Subconscious Mind ) जब एक बार किसी विचार को स्वीकार कर लेता है तो यह उसे कार्यनिवंत करना शुरू कर देता है. अवचेतन मन ( Subconscious Mind ) अच्छे और बुरे दोनों विचारो पर एक सा काम करता है।

Power of Subconcious Mind in Hindi

इसलिए जब Subconscious Mind का नकारात्मक ढंग से प्रयोग किया जाता है तो यह डर , हताशा , पराजय और दुखो का कारण बनता है।

लेकिन अवचेतन मन ( Subconscious Mind ) तक अगर अच्छे और सकारात्मक विचार भेजे जाये तो यह आपका जीवन बदल सकता है। आपको सुख , समृद्धि , शांति , आप जिस पद की कामना करते है , जैसा जीवन जीना चाहते है उसे फलीभूत करेगा। लेकिन आपको अपने अवचेतन मन ( Subconscious Mind ) को एक बार अपना वह विचार स्वीकार करना होगा।

दोस्तों इसलिए बड़े – बड़े महापुरुषों और वैज्ञानिको ने कहा है हम जैसा सोचते है , वैसे बनते है। इसलिए हमे खुद को Positive रखना चाहिए और अपने अवचेतन मन ( Subconscious Mind ) को अच्छे विचार भेजने चाहिए।

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Note: दोस्तों मैंने आपको यह बातें आपके अवचेतन मन की शक्ति ( Power of Subconcious Mind) Book के Reference से बताई है। इस किताब के लेखक Dr. Joseph Murphy है। Dr. Joseph Murphy दैवीये शक्तियों के ज्ञाता और लेखक थे। इस किताब में अवचेतन मन की शक्ति के द्वारा ऐसी – ऐसी तकनीक बताई गयी है। जिससे आपकी बड़ी – बड़ी परेशानी , आपकी ही अंदर की अनंत शक्ति से हल हो सकती है। इस पुस्तक की अनूठी खासियत है इसमें आपको सरल और सहजता वाली तकनीक और विधि बताई गयी है। अगर आप Detail में इस Book को पढ़ना चाहते है तो , मैं नीचे Book की Link Share कर रही हूँ। (यह हिंदी Book की Link है , और यह English में भी उपलब्ध है। ). आप यहाँ से इस Book को खरीद सकते है।

निवेदन : दोस्तों आपको मेरी यह पोस्ट Subconscious Mind in Hindi कैसी लगी मुझे comment कर के जरूर बताये , अगर आपको Subconscious Mind , Affirmations , Positive thinking से related पोस्ट चाहिए तो मुझे अवश्य comment कर के बताये। और कृपया अपना Feedback जरूर दिया करे आपको जानकारी जैसी भी लगी हो।