Positive Thinking कैसे रखे जाने इन सरल तरीको से –

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positive thinking kaise laye

Positive Thinking कैसे रखे जाने इन सरल तरीको से – :

हम सभी सकारात्मक और नकारात्मक के बीच का फर्क जानते है. जैसे हम अच्छा या बुरा और सही और गलत का जानते है। इसलिए एक अच्छा और सकारात्मक जीवन जीने की इच्छा स्वाभाविक है।

एक सकारात्मक (Positive) जीवन किसी विशिष्ट इच्छा , लक्ष्य या कुछ चाहने से अलग है। यदि आप कोई खास लक्ष्य या इच्छा रखते है जैसे – पैसा , घर , कार , नौकरी या कोई व्यक्ति, और हो सकता है एक समय के बाद हम उसे पा भी ले।

हम अक़सर यही सोचते है की हमने जो Goal Set किया है अगर वो Achieve कर ले तो हम खुश हो जायेंगे। और यह खुशी और मन की शांति temporary होती है। लेकिन Positive Life एक अलग चीज़ है। जिससे आप हमेशा खुद पर नियंत्रण रख सकते है। और भीतर से बदल सकते है। चाहे आप कोई भी हो , कही से भी और और कैसी भी परिस्थिति में हो सकारात्मकता आपका जीवन बदल सकती है।

और एक अच्छे positive जीवन के लिए सबसे पहले हमे अपनी thinking (सोच) को Positive Thinking बनाना होगा। और इस लेख में ,मैं आपके साथ शेयर करने जा रही हूँ कुछ practical तरीके जो आपको नकारात्मकता से दूर जाने में मदद करेगा और आपको एक सकारात्मक जीवन जीने के लायक बनाएगा।

Positive Thinking Kaise Laye ?

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1) अपने विचारो पे गौर करे-

अपनी सोच को बदलने का पहला step है अपने विचारो पर गौर करना भले ही या सिर्फ 10 min का समय क्यों ना हो। चुकि हम आदतों के प्राणी है। और एक दिन में हमे लगभग 60,000 विचार आते है ,और आप देखेंगे आपके दिमाग में वही नकारात्मक विचार रेंग रहे होंगे। जैसे – काम का load , घर के problems (झगड़े , financial problems) आदि।

एक बार जब आप जान जायेंगे आपको नकारात्मक विचार परेशान कर रहे है , तो आप समस्या को हल करने के लिए एक समाधान पर काम करना शुरू कर सकते है। बजाए इसके की आप सिर्फ नकारात्मक विचार सोच कर खुद को tension दे। और जब आप उस परेशानी के समाधान के लिए काम करेंगे तो धीरे – धीरे नकारत्मक विचार आपका पीछा छोड़ने लगेंगे।

2 ) दिन की शुरुवात कृतज्ञता के साथ करे –

अपने दिन की शुरुवात कृतज्ञता के साथ करे। और यह step आपकी सोच को positive बनाने में काफी मददगार होगा। जब दिन की शुरुवात कृतज्ञता और सकारात्मकता के साथ होगी तो आपका पूरा दिन भी अच्छा गुजरेगा।

आइये इसे एक Example के साथ समझे –

अधिकतर लोगो के दिन की शुरुवात ही complaint के साथ शुरू होती है। उनको देख के ही लगता है वे जीवन जी नहीं रहे बस जीवन काट रहे है किसी तरह, और ऐसे में तो विचार भी Negative ही आएंगे ना। आपको मैं वो बताती हूँ जो मैं रोज सुबह उठने के बाद करती हूँ –

आप आज से ही Decide कर ले आप रोज सुबह अपने लिए 5 min जरूर निकालेंगे। जब आप सो कर उठे,

आप सबसे पहले परमात्मा का शुक्रगुजार करे की परमात्मा ने आपको आज के दिन का उपहार दिया, आप अच्छी नींद सोये आप उसके लिए कृतज्ञ हो सकते है , आपके पास रहने को घर है , खाने को भोजन और पीने को पानी है , पहनने को कपडे है उसके लिए ईश्वर का धन्यवाद करे। आपके पास आपका परिवार है उसके लिए ईश्वर का धन्यवाद करे , आप अपने अच्छे स्वस्थ्य के लिए ईश्वर का धन्यवाद करे। यकीन करे आपको ऐसा कर के बहुत अच्छा महसूस होगा। और इसे अपनी daily routine में शामिल कर ले , इसका आपकी सोच पर बहुत अच्छा असर होगा। आपका complaint और negative नज़रिया , सकारात्मक नज़रिये में बदलने लगेगा।

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3 ) सकारात्मक शब्दों को याद करे –

हमारा मस्तिष्क आदतों का स्थान है। हमारा मस्तिष्क जो भी बार – बार सुनता है उसे अवचेतन मन में बैठा लेता है , हमारी अधिकांश प्रतिक्रिया और कार्य हमारी आदतों द्वारा नियंत्रिण होते है।

आप सकारात्मक शब्दों की सूची को याद कर के अपने मस्तिष्क को सकारात्मक सोचने पर मजबूर कर सकते है। और इससे आपको सकारात्मक जीवन जीने में मदद मिलेगी। जब शब्द स्वाभाविक रूप से आपके पास आने लगेंगे आपका दृष्टिकोण भी सकारात्मक हो जायेगा।

अब जब आप अधिक बार सकारात्मक शब्दों का उपयोग करेंगे तो यह ना केवल आपके सोचने के तरीको को प्रभावित करेगा , बल्कि यह आपके आस – पास के लोगो को भी प्रभावित करेगा। क्या आपने कभी गौर किया है कि positive और खुश रहने वाले लोग अपने मूड को अपने आस – पास रहने वाले लोगो तक कैसे फैलाते है ? एक सकारात्मक बातचीत से ,उनके शब्द positive होते है जैसे – बहुत खूब , बेहतरीन , आशा है , मैं कर सकता / सकती हूँ , विकास , मैं इसकी सरहाना करती हूँ , सम्मान , समाधान , संभव है आदि।

4) अच्छी चीज़ो पर focus करे , चाहे कितनी भी छोटी हो –

किसी भी चीज़ के दो पहलू होते है अच्छा या बुरा , और आपकी कोशिश होनी चाहिए आप उसका अच्छा पहलू देखे इससे आपका दृष्टिकोण सकारात्मक होगा।

आइये एक छोटा सा example देखते है –

एक दिन कुछ लोग कार से किसी काम से दूसरे शहर जा रहे थे। आगे मोड़ पर एक गाड़ी से उनकी टक्कर हो गयी। लेकिन वे बच गए , और इतने में सभी बोलने लगे कितना बुरा दिन है आज सुबह – सुबह हमारा accident हो जाता , मूड ख़राब हो गया। पर उनमे से एक युवक बोला , हमारा आज का दिन बहुत ही अच्छा है की हम मे से किसी को ज्यादा चोट नहीं आयी और हमारी जान बच गयी। आप relate कर पा रहे होंगे negative और positive नज़रिये को।

5 ) ना कहना सीखे –

कुछ लोगो के लिए यह कहना मुश्किल है क्योकि इसका मतलब या तो आप किसी को निराश कर रहे है या किसी अवसर को जाने दे रहे है। बहुत बार ऐसा होता है हम कोई जगह जाना नहीं चाहते , या वह काम नहीं करना चाहते लेकिन हम ” ना ” नहीं कहते क्योकि सामने वाला निराश ना हो जाये। इसका हमारे जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसीलिए हमे कभी – कभी ना बोलना भी सीखना चाहिए।

6) सकारात्मक लोगो के साथ समय बिताये –

आप अपना कुछ समय सकारात्मक लोगो के साथ बिताने शुरू करे। अब ये tension ना ले की मेरे लाइफ में कोई positive लोग है ही नहीं , कोशिश करे मिल जायेंगे। या फिर आप motivational articles , YouTube पर motivational वीडियो आदि देख के अपना कुछ समय सकारात्मक तरीके से बीता सकते है। आप खुद इसका प्रभाव समझने लगेंगे।

7 ) अपने Behavior की जिम्मेदारी ले –

आप अपने व्यहवार की जिम्मेदारी ले क्योकि आप ही है जो खुद को अच्छे से समझते है। इसके लिए आपको पहले खुद पर निगरानी में रखनी होगी जैसे – आपके विचार, आपके शब्द , आपकी आदते , आपको क्या पढ़ना पसंद है , आपकी पसंद – नापसंद आदि।

और इसके बाद आप अपने Behavior को सकारात्मक कैसे रख सकते है इसपर काम करे और इसकी जिम्मेदारी ले। इससे आपको positive thinking में मदद मिलेगी।

आशा करती हूँ आपको मेरी यह पोस्ट अच्छी लगी होगी , अगर आपको मेरी यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो शेयर करना ना भूले। धन्यवाद

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