Short Stories for Kids in Hindi – बच्चों की कहानिया, बाल कहानिया

0
111
Short Stories for Kids in Hindi
Short Stories for Kids in Hindi

Short Stories for Kids in Hindi – बच्चों की कहानिया, बाल कहानिया : आज हम पोस्ट Short Stories for Kids in Hindi लाये है बच्चो के लिए , उनके पसंद की मनोरंजक कहानिया।

आज के आधुनिक युग में बच्चे भी इंटरनेट का इस्तेमाल करने लगे है। और वे Kids Short Stories पढ़ना चाहते है या आप पैरेंट्स है तो अपने बच्चो को सुनाये यह मनोरंजक Short Stories for Kids in Hindi (बाल मनोरंजक कहानिया ).

राजा की सीख – Small Moral Stories in Hindi

Short Stories for Kids in Hindi

एक बार की बात है एक राजा था। जिसका बहुत बड़ा और सुन्दर राज्य था। उस राजा का छोटा सा बेटा भी था। जिसका नाम था राजकुमार गोपाल, जिसके कान बैल के कानो जैसे थे। राजा को राजकुमार के कानो की वजह से शर्म महसूस होती थी इसीलिए वो राजकुमार गोपाल को दूर एकांत में एक कमरे में छुपा कर रखता था।

बहुत ही जल्द समय आ गया राजकुमार के सर मुंडाने की रस्म का , राजा ने यह आयोजन गुप्त रूप से किया की लोगो को उसके बेटे के कानो के बारे पता ना चल जाये , इसलिए उसने नाई भी दूसरे राज्य से बुलवाया। जिसे शाही नाई कहा जाता था। जब समारोह सम्पन्न हुआ तो राजा ने उस शाही नाई को अपने कक्ष में बुलाया और चेतावनी दी – ” कभी किसी को भी राजकुमार के कानो के बारे में मत बताना , अगर तुमने ऐसा किया तो मैं तुम्हे कालकोठरी में फेकवा दूंगा ” .

Read : New Moral Stories in Hindi

नाई ने कहा – ” ठीक है महाराज मैं यह बात किसी को कभी नहीं बताऊंगा ” . इतना कह कर वह नाई अपने राज्य चला गया।

पर अफ़सोस वह नाई तो था बड़ा ही चुगलखोर , जैसे – जैसे दिन बीते उसके पेट में दर्द शुरू हो गया क्योकि उसने यह रहस्य छुपा कर रखा था। उस नाई ने सोचा मुझे किसी को यह रहस्य बताना होगा वरना मेरा पेट फट जायेगा।

तभी उसे एक विचार आया और वह एक पुराने पेड़ के पास गया और फुसफुसाया वह रहस्य। और फिर उसका पेट दर्द ठीक हो गया, उसने सोचा चलो अच्छा है मेरा काम हो गया और ये पेड़ यह जरूर सुरक्षित रखेगा राजा का रहस्य कह वो नाई वहा से चला गया।

*** Hindi Short Stories for Kids – बच्चो के लिए कहानिया

कुछ दिनों बाद वहाँ एक ढोल वाला आया अच्छी लकड़ियों की तलाश में , उसे एक नया ढोल बनाना था। वह रुक गया उसी पेड़ के सामने जहाँ नाई ने राजा का रहस्य खोला था। उस ढोल वाले को वह लकड़ी सही लगी ढोल बनाने के लिए , उसने उन्ही लकड़ियों से एक नया ढोल तैयार कर लिया।

वह ढोल वाला सभी राज्यों में ढोल बजाने जाया करता था। एक दिन इत्तेफाक से वह उसी राजा के दरबार के बाहर ढ़ोल बजा कर गाना गा रहा। वहाँ दरवाज़े पर खड़े राजा के दरबानो को उसका गाना , बजाना बहुत अच्छा लगा। उनलोगो ने उस ढ़ोल वाले से कहा हमारे राजा का मूड आज कुछ ठीक नहीं है। तुम उनके लिए कुछ अच्छा प्रस्तुत करो जिससे उनका मन अच्छा हो।

Read : Real Life Inspirational Story in Hindi

जैसे ही ढोल वाले ने ढोल पर बजाना शुरू किया। अचानक ढ़ोल गाने लगा – “मेरे पास एक रहस्य है राजा के पुत्र के बैल के कान है। “ राजा के सिपाहियों ने तुरंत ढोल वाले को हिरासत में लिया। राजा को उस पर बहुत क्रोध आया, राजा ने कहा इसे कालकोठरी में फेकवा दो , राजा की सभा में एक साधु भी थे उन्होंने कहा तुम इसे क्यों सज़ा दे रहे हो इसने तो कुछ नहीं कहा। राजा ने कहा इस ढोल काल कोठरी में फेकवा दो। इस पर उन साधु का समर्थन करते हुए एक सिपाही हिम्मत कर आगे बढ़ा , और राजा से कहा – ” हम सभी को आपके इस रहस्य के बारे पता था, लेकिन हमने कभी किसी को नहीं कहा , ना आपसे इस बारे में बोला क्योकि हम आपको परेशान करना नहीं चाहते थे। हमे भी बुरा लगता था जब आप राजकुमार गोपाल को एकांत में छुपा कर रखते थे। “

उस दिन राजा को बहुत ही शर्म महसूस हुई की वह कितना क्रूर पिता है जिसने इतने सालो तक अपने पुत्र को सबकी नज़रो से छुपा कर दूर रखा। राजा ने दूसरे दिन अवकाश घोषित किया। और पुरे मान – सम्मान के साथ राजकुमार को महल में लाया, और बहुत बड़ा समारोह आयोजित किया।

सिक्को की हेरा फेरी

Short Stories for Kids in Hindi

एक समय की बात तीन दोस्तों किसी पार्टी से वापस लौट रहे थे। उन तीनो का नाम राजू , श्याम और बाबू राव था। राजू बहुत ही मज़ाकिया और चलाक लड़का था।

रास्ते में उन्हें सोने के सिक्को से भरा हुआ एक घड़ा मिला। राजू ने कहा – ” आओ आपस में मिल कर हम इससे बाँट लेते है “.

श्याम और बाबू राव ने कभी कहा ” हाँ..हाँ राजू हम इसे आपस में बाँट लेते है , लेकिन चलो पहले गिन लेते है कितने सिक्के है यह ” .

” 1 , 2 ,3 , 4 , ……100….1500…3000…अरे वाह यह तो तीन हज़ार सिक्के है इसे आपस में बाटँना आसान होगा “. राजू ने कहा।

श्याम ने कहा – ” अच्छा है हम तीनो के हिस्से में एक – एक हज़ार सिक्के आ जायेंगे ” . उन तीन दोस्तों ने तीन थैले तैयार किये और उसमे सिक्के भर लिए।

फिर वे बातें करने लगे हम कितने खुशकिस्मत है ना की हमे अपार धन प्राप्त हुआ।

इस पर राजू ने कहा – ” अच्छा ये तो बताओ तुमलोग इन सिक्को का क्या करोगे “.

बाबू राव ने कहा – ” आधे सिक्के मैं रखूँगा और बाकि के भगवान के मंदिर में चढ़ा दूंगा , और फिर अपने उन पैसो से मैं सोने का चश्मा और घड़ी लूंगा “.

श्याम ने कहा – ” भाई मैं तो मानता हूँ , भगवान की कृपा है हम पर की हमे इतना धन प्राप्त हुआ , तो मैं ऐसा करूंगा 25 % हिस्सा मैं अपनी पत्नी अनुराधा को दे दूंगा और बाकि का भगवान का मंदिर बनवाऊंगा “.

बाबू राव ने राजू से कहा – ” तूने बताया नहीं राजू तू क्या करेगा इस धन का “.

राजू – ” मैं यूँ करूंगा सारे सिक्के भगवान की ओर उछालूंगा भगवान को जितने लेने होंगे रख लेंगे ,बाकि के ज़मीन पर गिरे मैं रख लूंगा और फिर 21 दिनों में पैसा डबल करने वाली स्कीम में लगाऊंगा “.

राजू , श्याम और बाबू राव ठहाके लगा के हॅसने लगे – “हाहाहाहाहा ” ,

Read : Successful Businessman Story in Hindi

Note : दोस्तों आशा करती हूँ आपको यह पोस्ट Short Stories for Kids in Hindi अच्छी लगी होगी। अगर आप ऐसी ही मजेदार कहानिया , moral stories in hindi , hindi short story for kids और panchtantra story in hindi for children जैसी कहानिया पढ़ना चाहते है तो हमे Email पर Subscribe करे। पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करे , धन्यवाद !!

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here