Story for Kids in Hindi | jadui kahani – बच्चों की जादुई कहानियां

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Story for Kids in Hindi| jadui kahani – बच्चों की जादुई कहानियां : नमस्कार दोस्तों आपका बहुत – बहुत स्वागत है। हमारी आज की पोस्ट Story for Kids in Hindi में ,आज की पोस्ट है बच्चो की कहानियो पर ,बच्चो को कहानियां सुनना बेहद पसंद होता है। आज हम आपके लिए लाये है मज़ेदार कहानिया और जादुई कहानियां। आप अपने बच्चो जो जरूर सुनाये यह कहानिया।

जादुई चक्की – Short Hindi Stories for Kids

Story for kids in hindi jadui chakki

jadui chakki ki kahani in hindi (Story for Kids in Hindi ) :

रामपुर नामक गाँव में दो भाई रहते थे श्याम और राजू।

बड़ा भाई श्याम स्वाभाव से बड़ा ही ईमानदार और मेहनती था। और वही राजू आलसी और लालची स्वाभाव का था। पिता की मृत्यु में बाद दोनों भाईयो ने जायदात का बांटवारा कर लिया।

राजू ने होशियारी से ज्यादा हिस्सा ले लिया , और श्याम को थोड़ा हिस्सा दे कर खुद सारी संपत्ति ले ली।

लेकिन श्याम चुप रहा , अब श्याम जंगल से लकड़ी काटकर और कुछ मिट्टी के बर्तन बना अपना गुजरा करने लगा।

अब जबकि राजू अमीर हो गया , वह कोई काम नहीं करता और सारा दिन बस खाता और आराम करता।

श्याम की आर्थिक स्थिति और भी बिगड़ने लगी। अब घर में सिर्फ दो मुठी अनाज ही बचा था।

श्याम की पत्नी ने उससे कहा – ” तुम अपने भाई राजू के पास क्यों नहीं जाते , आखिर वो तुम्हारा भाई है। कुछ तो मदद करेगा हमारी “.

श्याम ने कहा – ” पिछली बार मैं गया था उसे घर , लेकिन उसने मुझे जलील कर के घर से निकाल दिया वो हमारी कोई मदद नहीं करने वाला। मैं खुद की कुछ करता हूँ। ”

ऐसा कह श्याम काम की तलाश में शहर की ओर निकला और अपनी पत्नी से कहा – “अगर आने में देर हो जाये तो चिंता मत करना , मैं पैसो और खाने का जुगाड़ कर के ही लौटूंगा “.

श्याम की पत्नी ने उसे रस्ते में खाने के लिए थोड़ा भोजन और पीने का पानी साथ में दे दिया।

श्याम बाजार तक पहुँचा तो उसने देखा की एक बूढी औरत भूख से तड़प रही थी. और ठण्ड से कांप भी रही थी।

श्याम को उस पर दया आयी वह उस बूढी औरत के पास गया – और अपना शॉल उत्तार कर उसे ओढ़ा दिया , और उसकी पत्नी ने जो खाना उसे रस्ते में खाने के लिए दिया था वो भी उसे खिला दिया।

जब श्याम जाने लगे तो उस बूढी औरत ने उसे आवाज़ लगाई – ” रुको बेटा “.

जैसी ही श्याम पीछे मुड़ा , वह बूढी औरत सुन्दर देवी के रूप में बदल गयी। श्याम ने उन्हे प्रणाम किया , देवी जी ने श्याम से कहा मैं तुमसे प्रसन्न हूँ की तुम्हारे अंदर दया और इंसानियत है। मैं पृथ्वी पर मनुष्यो की परीक्षा लेने ही आयी थी। यहा मेरी किसी ने सहायता , लेकिन तुम्हारे मुझे भोजन तक दे दिया। इसलिए मैं तुम्हे प्रसन्न हो कर एक उपहार देना चाहती हूँ।

और फिर उन देवी ने श्याम को एक सोने की जादुई चक्की दी और कहा – तुम जो भी इस जादुई चक्की से माँगोगे यह तुम्हारे सामने प्रकट करेगी। और हाँ एक बात याद रखना , जब तुम इसे रोकना चाहो तो इसपर यह सुनहरा कपड़ा दाल देना यह तुरंत रुक जाएगी, और देवी जी ने श्याम को वह सुनहरा कपड़ा भी साथ दे दिया।

श्याम ने देवी जी को धन्यवाद किया , और घर ओर रवाना हो गया।

श्याम जब घर पंहुचा तो उसने साड़ी बातें अपनी पत्नी को बताई। अब उन दोनों सोचा चलो इसका इस्तेमाल कर के देखा जाये। उन्होंने जादुई चक्की से चावल मांगे और उन्हें चक्की से चावल मिल गए। यह देख कर वह दोनों बहुत ही खुश हुए। फिर उन्होंने चक्की से दाल की मांग की वो भी उन्हें मिल गयी।

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ऐसा करते – करते उनके पास ढेर सारा अनाज इकठा हो गया। श्याम की पत्नी ने सोचा क्यों ना हम एक दुकान खोल ले जहाँ हम यह अनाज बेचेंगे और पैसे कमाएंगे।

उन दोनों ने ऐसा ही किया , देखते ही देखते उनकी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी हो गयी। उन्होंने नया मकान बनवाया , कुछ जमींन खेती के लिए खरीदी। जब श्याम के भाई राजू को यह खबर हुई तो वह सुन के चौंक गया की यह सब कैसे हो गया।

राजू ने सोचा अब वो यह पता लगाकर ही रहेगा की इसके पीछे क्या राज है – एक रात राजू अपने भाई श्याम के घर के बाहर छुप कर देखने लगा। उसने देखा श्याम और उसकी पत्नी चक्की से जो भी मांग रहे है वह उनके सामने प्रकट हो रहा है। अब उसके मन में लालच आया की वह यह जादुई चक्की चुरा लेगा।

वे लोग जब सो गए तो , राजू ने वह जादुई चक्की चुरा ली और अपने घर ले गया। राजू अब बहुत खुश हुआ की अब वह और भी ज्यादा अमीर हो जायेगा और श्याम फिर से गरीब।

अब राजू ने सोचा क्यों न इसका इस्तेमाल किया जाये किया। उसने जादुई चक्की से गेहूं की मांग की , और चक्की से गेंहू बहार आने लगे और उसका घर गेहू से भरने लगा , वह जादुई चक्की से कहता रहा , रुक जाओ , रुक जाओ। लेकिन जादुई चक्की कहा सुनने वाली थी। क्यूकि राजू को तो यह पता ही नहीं था की जादुई चक्की तो सुनहरे कपड़े से रूकती है..और राजू इसी तरह उस गेहूं के ढ़ेर के नीचे डब कर मर गया। और वह जादुई चक्की फिर अपने मालिक श्याम के घर चली गयी।

कहानी से शिक्षा – लालच बुरी बला है और अधूरा ज्ञान खतरनाक होता है।

दोस्तों आपको हमारी आज की पोस्ट Story for Kids in Hindi| jadui kahani – बच्चों की जादुई कहानियां कैसी लगी हमे जरूर बताये।

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